फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   एयरपोर्ट की जमीन व्यवस्था को खाते में पहुंचे दो सौ करोड़ रूपये

एयरपोर्ट की जमीन व्यवस्था को खाते में पहुंचे दो सौ करोड़ रूपये

Sun, 02 Jun 2019 12:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 12:32 AM IST
विज्ञापन
एयरपोर्ट की जमीन व्यवस्था को खाते में पहुंचे दो सौ करोड़ रूपये
अयोध्या। अयोध्या के श्रीराम एयरपोर्ट की जमीन की व्यवस्था के लिए शासन के पत्र का इंतजार है। एयरपोर्ट की जमीन लेने के लिए प्रदेश शासन ने 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया था।
विज्ञापन



यह पैसा जिले को प्राप्त हो गया है। शासन से पत्र आने के बाद जमीन अधिग्रहण या क्रय की कार्रवाई शुरू होने के आसार हैं।


प्रस्तावित श्रीराम एयरपोर्ट का विस्तार लगभग 464 एकड़ में किया जाएगा। यह विस्तार आरसीएस योजना के तहत किया जाएगा।


एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से प्रस्तावित एयरपोर्ट के मास्टर प्लान के मुताबिक जमीन के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर आने वाले खर्च का प्रस्ताव मांगा था।
विज्ञापन



यहां राजस्व, वन, लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमों ने आसपास की जमीनों को क्रय करने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया था।


इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट की जमीन की व्यवस्था की बावत पिछले वित्तीय साल के बजट में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी एबी सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट की जमीन के लिए दो सौ करोड़ रुपये यहां पहुंच गए हैं। इसे सुरक्षित खाते में रखवा दिया गया है।


धन आवंटन के बाद चुनाव आ जाने के कारण अब तक इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। जमीन अधिग्रहण या कार्रवाई के लिए शासन से पत्र आने का इंतजार है।


इसके बाद विभागों की संयुक्त कमेटी बनाकर जमीन की व्यवस्था के लिए किसानों से बातचीत करके इसकी व्यवस्था किए जाने का नियम है। एसएलओ श्री सिंह बताते हैं कि अभी एयरपोर्ट की जमीन के अधिग्रहण या क्रय किए जाने को लेकर शासन से कोई पत्र नहीं आया है।


प्रस्तावित श्रीराम एयरपोर्ट के विस्तार से क्षेत्र का विकास ही नहीं होगा बल्कि राम नगरी अयोध्या सीधे देश के विभिन्न क्षेत्रों से वायु मार्ग से जुड़ जाएगी। इससे अयोध्या, फैजाबाद का विकास होगा। देश-विदेश में रहने वाले आस-पास के कई जिलों फैजाबाद, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर, बस्ती, गोंडा सहित अन्य जिलों के लोगों को सीधे यहां पहुंचने के लिए वायु मार्ग की सुविधा मिलेगी।


पहले चरण में छोटे विमान उड़ाने की योजना
-प्रस्तावित फैजाबाद एयरपोर्ट के विस्तार के बाद पहले छोटे विमान उड़ाने की योजना है। इसके तहत एटीआर 72 क्यू/400 विमान शामिल हैं। यह 72 से 78 सीटर होते हैं। इसके लिए 224.06 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। इस पर कुल खर्च 126.45 करोड़ रूपये आएगा। इसके बाद ए-231 विमान उड़ाने की योजना है। इसके लिए अतिरिक्त 67.02 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। इस पर 201.10 करोड़ रुपये खर्च आएगा। यह 307.75 करोड़ रुपये अधिग्रहीत या क्रय की जाने वाली जमीन के खर्च से अलग है।



क्या है आरसीएस योजना
-यह ज्यादा से ज्यादा लोगों को वायुमार्ग से यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है। नागर विमानन मंत्रालय ने इसके लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की यह योजना लागू की गई है। इसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों के एयरपोर्ट को जोड़ा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed