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घर में पधारो गजानन जी....
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:34 PM IST
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घर में पधारो गजानन जी...
अयोध्या। गणेशोत्सव को लेकर जुड़वा शहर में विभिन्न स्थलों पर गणपति को विराजमान करने के लिए पंडाल सज गए हैं। गणेश चतुर्थी के साथ बृहस्पतिवार को गणेश महोत्सव का प्रारंभ हो गया।
गणपति बप्पा मोरया... घर में पधारो गजानन जी....जैसे उद्घोषों व गीतों के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की गई। शहर में कुल 80 स्थानों पर पंडालों में प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
प्रथम दिवस शहर के पांच पंडालों में विधिवत पूजन अर्चन के साथ विघ्नहर्ता गणपतिका का पट दर्शन के लिए खोल दिया गया है। शेष स्थानों पर 18 सितंबर तक गणपति पंडालों में विराजमान हो जाएंगे। प्रतिमाओं के विसर्जन की शोभा यात्रा 23 सितंबर को निकलेगी।
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नगर में गृहस्थ गणेश पूजा समिति की ओर से रिकाबगंज, बल्लाहाता, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज के सामने, तेली टोला, मुकेरी टोला, बल्लाहाता, हमदानी कोठी, बाल्दा में दो स्थानों, हिन्दू-मुस्लिम कमेटी की ओर से मुकेरी टोला, मकबरा में गायत्री फोटो, साहबगंज में रामलीला रोड, अमानीगंज फेज-2 तथा साहबगंज पानी टंकी सहित 40 स्थानों पर मूर्तियों की स्थापना होगी।
गणेश पूजा पर बेहतर व्यवस्था देने के लिए नगर निगम तैयार है। निगम के उपायुक्त सच्चिदानंद सिंह ने पूजा स्थलों पर बेहतर साफ-सफाई, दरेसी, चूना छिड़काव, प्रकाश व्यवस्था का भरोसा दिलाया है।
आचार्य शिवेंद्र के मुताबिक गणपति भगवान को मोदक प्रिय है। पूजन के समय मोदक का भोग अवश्य लगाए। अगर संभव न हो सके तो मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। इसके अलावा उन्हें दुर्वा भी पसंद है।
आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि इस वर्ष स्वाती नक्षत्र में गणेश जी का जन्म होगा। सफेद दुर्वा चढ़ाने से विशेष फल मिलता है। केवड़ा जल, केवड़ा इत्र या केवड़ा का फूल चढ़ाने से घर की दरिद्रता दूर होती है।
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अयोध्या। गणेशोत्सव को लेकर जुड़वा शहर में विभिन्न स्थलों पर गणपति को विराजमान करने के लिए पंडाल सज गए हैं। गणेश चतुर्थी के साथ बृहस्पतिवार को गणेश महोत्सव का प्रारंभ हो गया।
गणपति बप्पा मोरया... घर में पधारो गजानन जी....जैसे उद्घोषों व गीतों के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की गई। शहर में कुल 80 स्थानों पर पंडालों में प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
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प्रथम दिवस शहर के पांच पंडालों में विधिवत पूजन अर्चन के साथ विघ्नहर्ता गणपतिका का पट दर्शन के लिए खोल दिया गया है। शेष स्थानों पर 18 सितंबर तक गणपति पंडालों में विराजमान हो जाएंगे। प्रतिमाओं के विसर्जन की शोभा यात्रा 23 सितंबर को निकलेगी।
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नगर में गृहस्थ गणेश पूजा समिति की ओर से रिकाबगंज, बल्लाहाता, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज के सामने, तेली टोला, मुकेरी टोला, बल्लाहाता, हमदानी कोठी, बाल्दा में दो स्थानों, हिन्दू-मुस्लिम कमेटी की ओर से मुकेरी टोला, मकबरा में गायत्री फोटो, साहबगंज में रामलीला रोड, अमानीगंज फेज-2 तथा साहबगंज पानी टंकी सहित 40 स्थानों पर मूर्तियों की स्थापना होगी।
गणेश पूजा पर बेहतर व्यवस्था देने के लिए नगर निगम तैयार है। निगम के उपायुक्त सच्चिदानंद सिंह ने पूजा स्थलों पर बेहतर साफ-सफाई, दरेसी, चूना छिड़काव, प्रकाश व्यवस्था का भरोसा दिलाया है।
आचार्य शिवेंद्र के मुताबिक गणपति भगवान को मोदक प्रिय है। पूजन के समय मोदक का भोग अवश्य लगाए। अगर संभव न हो सके तो मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। इसके अलावा उन्हें दुर्वा भी पसंद है।
आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि इस वर्ष स्वाती नक्षत्र में गणेश जी का जन्म होगा। सफेद दुर्वा चढ़ाने से विशेष फल मिलता है। केवड़ा जल, केवड़ा इत्र या केवड़ा का फूल चढ़ाने से घर की दरिद्रता दूर होती है।