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किसानों को समृद्ध करने के लिए नए शोध करें विद्यार्थी: राज्यपाल
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:06 AM IST
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किसानों को समृद्ध करने के लिए करें शोध : नाईक
फैजाबाद। उपज बढ़ रही है, मगर किसान की आय घट रही है। इसकी गहराई में जाकर किसानों को समृद्ध करने के लिए नए शोध की जरूरत है। 2022 तक किसान की आय दो गुनी करने के लिए कृषि छात्रों और वैज्ञानिकों को किसान बनकर सोचना-समझना होगा।
यह बातें राज्यपाल व कुलाधिपति रामनाईक ने यहां बृहस्पतिवार को कही। उपाधि प्राप्त कर्ता विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे निष्ठा, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास करते हुए अपने लक्ष्य व सपनों को पूरा करने का सफल प्रयास करें।
वे नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह का अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि पहले हमें विदेश से गेहूं आयात करना पड़ता था, अब 70 साल में आबादी बढ़ी और जमीन घटी फिर भी गेहूं निर्यात करने की स्थिति में हैं।
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बावजूद इसके किसान की आय घट रही है। ऐसे में जरूरत है कि कृषि वैज्ञानिक किसानों को बेहतर तकनीक और गुणवत्तापरक खेती से लैस करें। यूपी में दुग्ध क्षेत्र के जरिए किसान समृद्ध हो सकते हैं। इसके लिए वैज्ञानिक नए शोध से योगदान दें।
कहा कि कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं के उच्च शिक्षा ग्रहण करने का प्रतिशत आशा अनुरूप बढ़ा है, यह एक शुभ संकेत है। गत वर्ष प्रदेश के 25 विवि के दीक्षांत समारोह के आंकड़े पेश करते हुए कहा गत वर्ष प्रदेश में कुल 15 लाख 60 हजार उपाधियां विद्यार्थियों को प्रदान की गई थीं।
जिनमें 51 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। वहीं 1653 पदक प्रदान किये गए। जिनमें 66 प्रतिशत पदक छात्राओं को प्राप्त हुए हैं। इसके पहले दीक्षांत समारोह में प्रख्यात शिक्षाविद व कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमलाल गौतम को कुलाधिपति रामनाईक ने मानद उपाधि प्रदान की।
समारोह में कुल 588 छात्र छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां तथा 42 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये गए। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर कुलाधिपति का स्वागत कुलपति प्रो. जे एस संधू, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ, डीएम डॉ. अनिल कुमार , एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने पुष्प भेंट कर किया।
दीक्षांत यात्रा में विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधायक बाबा गोरखनाथ, छेदी सिंह, सुचिता त्रिपाठी समेत विश्वविद्यालय विद्वत परिषद के सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम में रुदौली विधायक रामचंद्र यादव समेत शिक्षक, वैज्ञानिक व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, केंद्रीय विश्वविद्यालय झांसी के चांसलर व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. पंजाब सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र की विषमताओं को दूर करते हुए हमें कृषि क्षेत्र की विकासदर में बढ़ोत्तरी के लिए प्रयास करना होगा।
गांव से शहरों की ओर युवाओं का पलायन रोकना चुनौती है। युवा वैज्ञानिकों का आह्वान करते हुए कहा कि छोटी जोत के किसानों के लिए हल्के व सस्ते कृषि यंत्र विकसित करने होंगे।
बढ़ते रासायनिक पदार्थों के उपयोग से भूमि व फसलों में जैविक असंतुलन को बचाना होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विकसित हो रही तकनीकी तथा आर्थिक व सामाजिक विकास की दृष्टि से गति देना होगा।
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फैजाबाद। उपज बढ़ रही है, मगर किसान की आय घट रही है। इसकी गहराई में जाकर किसानों को समृद्ध करने के लिए नए शोध की जरूरत है। 2022 तक किसान की आय दो गुनी करने के लिए कृषि छात्रों और वैज्ञानिकों को किसान बनकर सोचना-समझना होगा।
यह बातें राज्यपाल व कुलाधिपति रामनाईक ने यहां बृहस्पतिवार को कही। उपाधि प्राप्त कर्ता विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे निष्ठा, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास करते हुए अपने लक्ष्य व सपनों को पूरा करने का सफल प्रयास करें।
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वे नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह का अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि पहले हमें विदेश से गेहूं आयात करना पड़ता था, अब 70 साल में आबादी बढ़ी और जमीन घटी फिर भी गेहूं निर्यात करने की स्थिति में हैं।
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बावजूद इसके किसान की आय घट रही है। ऐसे में जरूरत है कि कृषि वैज्ञानिक किसानों को बेहतर तकनीक और गुणवत्तापरक खेती से लैस करें। यूपी में दुग्ध क्षेत्र के जरिए किसान समृद्ध हो सकते हैं। इसके लिए वैज्ञानिक नए शोध से योगदान दें।
कहा कि कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं के उच्च शिक्षा ग्रहण करने का प्रतिशत आशा अनुरूप बढ़ा है, यह एक शुभ संकेत है। गत वर्ष प्रदेश के 25 विवि के दीक्षांत समारोह के आंकड़े पेश करते हुए कहा गत वर्ष प्रदेश में कुल 15 लाख 60 हजार उपाधियां विद्यार्थियों को प्रदान की गई थीं।
जिनमें 51 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। वहीं 1653 पदक प्रदान किये गए। जिनमें 66 प्रतिशत पदक छात्राओं को प्राप्त हुए हैं। इसके पहले दीक्षांत समारोह में प्रख्यात शिक्षाविद व कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमलाल गौतम को कुलाधिपति रामनाईक ने मानद उपाधि प्रदान की।
समारोह में कुल 588 छात्र छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां तथा 42 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये गए। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर कुलाधिपति का स्वागत कुलपति प्रो. जे एस संधू, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ, डीएम डॉ. अनिल कुमार , एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने पुष्प भेंट कर किया।
दीक्षांत यात्रा में विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधायक बाबा गोरखनाथ, छेदी सिंह, सुचिता त्रिपाठी समेत विश्वविद्यालय विद्वत परिषद के सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम में रुदौली विधायक रामचंद्र यादव समेत शिक्षक, वैज्ञानिक व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, केंद्रीय विश्वविद्यालय झांसी के चांसलर व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. पंजाब सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र की विषमताओं को दूर करते हुए हमें कृषि क्षेत्र की विकासदर में बढ़ोत्तरी के लिए प्रयास करना होगा।
गांव से शहरों की ओर युवाओं का पलायन रोकना चुनौती है। युवा वैज्ञानिकों का आह्वान करते हुए कहा कि छोटी जोत के किसानों के लिए हल्के व सस्ते कृषि यंत्र विकसित करने होंगे।
बढ़ते रासायनिक पदार्थों के उपयोग से भूमि व फसलों में जैविक असंतुलन को बचाना होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विकसित हो रही तकनीकी तथा आर्थिक व सामाजिक विकास की दृष्टि से गति देना होगा।