{"_id":"5bc4dd3ebdec2269407eec15","slug":"131539628350-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकांश मुसलमान अयोध्या में चाहते राममंदिर निर्माण : चिश्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकांश मुसलमान अयोध्या में चाहते राममंदिर निर्माण : चिश्ती
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिसंख्य मुसलमान अयोध्या में चाहते राममंदिर निर्माण : चिश्ती
अयोध्या। सूफी संत सेवा समिति के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद वहीद चिश्ती ने पूर्व डीजी सूर्य कुमार शुक्ल के साथ राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास से तपस्वी छावनी जाकर मुलाकात की और उनका सम्मान किया। मौलाना चिश्ती ने कहा कि देश का अधिसंख्य मुसलमान अयोध्या में राममंदिर निर्माण के पक्ष में हैं कुछ कट्टरपंथी मार्ग में रोड़ा बने हुए हैं।
कहा कि भाजपा सरकार राम के नाम पर ही सत्ता में आई। लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि बहुमत की सरकार आ जाए तो रामंमदिर बना देंगे। इसके बाद कल्याण सिंह भी राममंदिर के नाम पर आए और उनका दौर भी चला गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी ने भी राम मंदिर की हुंकार भरी जनता ने पूर्ण बहुमत दिया।
आज महापौर से लेकर राष्ट्रपति तक सब भाजपा के हैं, अब क्या बहाना है। हम चाहते हैं कि जल्द किसी तरह यह मामला निपटना चाहिए। चिश्ती ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग आपस में लड़ा रहे हैं। अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। पूर्व डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि यदि अयोध्या मामला आपसी सहमति से हल हो जाए तो अच्छा रहेगा। अब तो अधिसंख्य मुस्लिम समाज भी राममंदिर निर्माण के पक्ष में हैं।
विज्ञापन
महंत परमहंस दास ने कहा कि उन्होंने अनशन भले ही तोड़ दिया है लेकिन यदि आचार संहिता से पूर्व सरकार राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं करती है तो फिर आंदोलन का क्रम शुरू होगा। महंत परमहंस से मिलने पहुंचे राम राज स्थापना महामंच के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि उनके मंच द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए पांच चरणों में जागरूकता अभियान 27 मई से ही चल रहा है। कहा कि सरकार शीघ्र अध्यादेश लाकर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं करती है तो नवंबर माह से वे आमरण अनशन प्रारंभ करेंगे।
विज्ञापन
अयोध्या। सूफी संत सेवा समिति के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद वहीद चिश्ती ने पूर्व डीजी सूर्य कुमार शुक्ल के साथ राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास से तपस्वी छावनी जाकर मुलाकात की और उनका सम्मान किया। मौलाना चिश्ती ने कहा कि देश का अधिसंख्य मुसलमान अयोध्या में राममंदिर निर्माण के पक्ष में हैं कुछ कट्टरपंथी मार्ग में रोड़ा बने हुए हैं।
कहा कि भाजपा सरकार राम के नाम पर ही सत्ता में आई। लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि बहुमत की सरकार आ जाए तो रामंमदिर बना देंगे। इसके बाद कल्याण सिंह भी राममंदिर के नाम पर आए और उनका दौर भी चला गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी ने भी राम मंदिर की हुंकार भरी जनता ने पूर्ण बहुमत दिया।
विज्ञापन
आज महापौर से लेकर राष्ट्रपति तक सब भाजपा के हैं, अब क्या बहाना है। हम चाहते हैं कि जल्द किसी तरह यह मामला निपटना चाहिए। चिश्ती ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग आपस में लड़ा रहे हैं। अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। पूर्व डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि यदि अयोध्या मामला आपसी सहमति से हल हो जाए तो अच्छा रहेगा। अब तो अधिसंख्य मुस्लिम समाज भी राममंदिर निर्माण के पक्ष में हैं।
विज्ञापन
महंत परमहंस दास ने कहा कि उन्होंने अनशन भले ही तोड़ दिया है लेकिन यदि आचार संहिता से पूर्व सरकार राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं करती है तो फिर आंदोलन का क्रम शुरू होगा। महंत परमहंस से मिलने पहुंचे राम राज स्थापना महामंच के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि उनके मंच द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए पांच चरणों में जागरूकता अभियान 27 मई से ही चल रहा है। कहा कि सरकार शीघ्र अध्यादेश लाकर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं करती है तो नवंबर माह से वे आमरण अनशन प्रारंभ करेंगे।