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शोधार्थियों को फेलोशिप देने का रास्ता साफ
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:33 PM IST
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आठ विषयों के शोधार्थियों को मिलेगी फेलोशिप
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के वित्त विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को जल्द ही फेलोशिप की सुविधा मिलने जा रही है। 31 जुलाई को हुई कार्यपरिषद की बैठक में शोध करने वाले छात्रों को फेलोशिप दिए जाने की सहमति के बाद वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत आठ विषयों के छात्र-छात्राओं को फेलोशिप दी जाएगी। हर विषय से एक छात्र का चयन किया जाना है। मानदेय तीन से पांच हजार के बीच हो सकता है। अगली कार्यपरिषद की बैठक में वित्त विभाग पूरा आंकड़ा पेश करेगा। कार्यपरिषद की सहमति के बाद शोधार्थियों को फेलोशिप मिलनी शुरू हो जाएगी।
विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की बैठक में पंजीकृत शोधार्थियों को शोध के लिए फेलोशिप के संबंध में प्रस्ताव पेश किया गया था। कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सहमति के बाद निर्णय लिया गया कि वित्त समिति पूरे मामले पर अध्ययन कर बजट व अलॉटमेंट का काम करेगी। कार्यपरिषद के सदस्य ओम प्रकाश सिंह की ओर से पांच हजार रुपये दिए जाने की मांग की गई थी। मामले में कार्य परिषद ने वित्त समिति को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद से वित्त समिति शोधार्थियों को फेलोशिप देेने की गुणा-गणित में जुटी रही। बताया जा रहा है कि आठ विषयों के छात्र-छात्रओं को यह सुविधा मिल सकती है। अगर यह सब कुछ होता है तो यह पहला ऐसा निर्णय होगा, जो अवध विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को लाभ पहुंचाएगा। अभी तक यह सुविधाएं केंद्रीय विश्वविद्यालय देते आए हैं लेकिन अवध विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक के बाद ऐसा संभव हो सका है। कुलसचिव संजय कुमार का कहना है कि वित्त समिति प्रस्ताव तैयार कर रही है। अगली कार्यसमिति की बैठक में इस पर चर्चा के बाद स्वीकृति मिल सकती है।
स्थायी सदस्यों को भी मानदेय देने की मांग :
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के वाह्य सदस्यों के भांति स्थायी सदस्यों को भी मानदेय दिए जाने के प्रस्ताव का मामला भी वित्त समिति के पास है। यह मामला भी कार्य परिषद में सहमति के बाद वित्त विभाग को दिया गया है। इस पर भी कार्य परिषद की अगली बैठक में मुहर लग सकती है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के वित्त विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को जल्द ही फेलोशिप की सुविधा मिलने जा रही है। 31 जुलाई को हुई कार्यपरिषद की बैठक में शोध करने वाले छात्रों को फेलोशिप दिए जाने की सहमति के बाद वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत आठ विषयों के छात्र-छात्राओं को फेलोशिप दी जाएगी। हर विषय से एक छात्र का चयन किया जाना है। मानदेय तीन से पांच हजार के बीच हो सकता है। अगली कार्यपरिषद की बैठक में वित्त विभाग पूरा आंकड़ा पेश करेगा। कार्यपरिषद की सहमति के बाद शोधार्थियों को फेलोशिप मिलनी शुरू हो जाएगी।
विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की बैठक में पंजीकृत शोधार्थियों को शोध के लिए फेलोशिप के संबंध में प्रस्ताव पेश किया गया था। कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सहमति के बाद निर्णय लिया गया कि वित्त समिति पूरे मामले पर अध्ययन कर बजट व अलॉटमेंट का काम करेगी। कार्यपरिषद के सदस्य ओम प्रकाश सिंह की ओर से पांच हजार रुपये दिए जाने की मांग की गई थी। मामले में कार्य परिषद ने वित्त समिति को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद से वित्त समिति शोधार्थियों को फेलोशिप देेने की गुणा-गणित में जुटी रही। बताया जा रहा है कि आठ विषयों के छात्र-छात्रओं को यह सुविधा मिल सकती है। अगर यह सब कुछ होता है तो यह पहला ऐसा निर्णय होगा, जो अवध विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को लाभ पहुंचाएगा। अभी तक यह सुविधाएं केंद्रीय विश्वविद्यालय देते आए हैं लेकिन अवध विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक के बाद ऐसा संभव हो सका है। कुलसचिव संजय कुमार का कहना है कि वित्त समिति प्रस्ताव तैयार कर रही है। अगली कार्यसमिति की बैठक में इस पर चर्चा के बाद स्वीकृति मिल सकती है।
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स्थायी सदस्यों को भी मानदेय देने की मांग :
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के वाह्य सदस्यों के भांति स्थायी सदस्यों को भी मानदेय दिए जाने के प्रस्ताव का मामला भी वित्त समिति के पास है। यह मामला भी कार्य परिषद में सहमति के बाद वित्त विभाग को दिया गया है। इस पर भी कार्य परिषद की अगली बैठक में मुहर लग सकती है।
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