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सरकार शीघ्र प्रशस्त करे राममंदिर निर्माण का मार्ग: कमलनयन दास
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:34 AM IST
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अयोध्या। बाबरी ढांचा ढहाया जा चुका है। अब भगवान राम को टाट से निकाल कर ठाठ से भव्य मंदिर में बैठाने का लक्ष्य है। अस्थायी मंदिर बन चुका है। अब शीघ्र ही रामलला श्रीरामजन्मभूमि न्यास द्वारा तराश कर रखे गये पत्थरों से निर्मित होने वाले मंदिर में विराजमान होंगे। देश की परिस्थिति अनुकूल हैं। साक्ष्यों और करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए इसका समाधान मोदी व योगी अवश्य करेंगे। उक्त बातें विश्व हिंदू परिषद की ओर से कारसेवकपुरम में शौर्य दिवस पर आयोजित शौर्य संकल्प सभा की अध्यक्षता करते हुए मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहीं।
ज.गु. श्रीधराचार्य ने कहा कि रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण के संकल्प की सिद्घि को लेकर हर हिंदू आशान्वित है। उन्होंने कहा कि अदालत का हम सम्मान करते हैं, परंतु अदालत को भी बहुसंख्यकों की मांग का सम्मान करते हुए निर्णय दे देना चाहिए।
संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि हजारों रामभक्तों ने अपना बलिदान इस लिया दिया, ताकि श्रीरामलला का भव्य मंदिर बन सके। कहा कि यहां मंदिर है, मंदिर था और मंदिर ही रहेगा।
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दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि भगवान श्रीराम हिंदुओं के आदर्श हैं, जिनकी भूमि सुरक्षित है। कहा कि मंदिर का निर्माण होकर रहेगा, हम हर तरह से सक्षम हैं। इस मौके पर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत रामदास, महंत रामायणी रामशंकर दास, महंत नरसिंह दास, महंत रामजीदास, महंत जानकीदास, विहिप केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
शौर्य संकल्प सभा में नहीं शामिल हुए न्यास अध्यक्ष
विहिप की शौर्य संकल्प सभा में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास नहीं शामिल हुए। चर्चा रही कि संकल्प सभा इस बार बड़े स्तर पर न होकर कारसेवकपुरम के हाल में हो रही थी, जिसको लेकर न्यास अध्यक्ष नाराज हो गए। कारसेवकपुरम पहुंचने पर वे हाल में नहीं गए और नीचे से ही वापस चले गए। इस बाबत विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि महाराज जी के पैरों में तकलीफ है, इसलिए वह ऊपर हाल तक नहीं जा सके और वापस हो गए।
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ज.गु. श्रीधराचार्य ने कहा कि रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण के संकल्प की सिद्घि को लेकर हर हिंदू आशान्वित है। उन्होंने कहा कि अदालत का हम सम्मान करते हैं, परंतु अदालत को भी बहुसंख्यकों की मांग का सम्मान करते हुए निर्णय दे देना चाहिए।
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संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि हजारों रामभक्तों ने अपना बलिदान इस लिया दिया, ताकि श्रीरामलला का भव्य मंदिर बन सके। कहा कि यहां मंदिर है, मंदिर था और मंदिर ही रहेगा।
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दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि भगवान श्रीराम हिंदुओं के आदर्श हैं, जिनकी भूमि सुरक्षित है। कहा कि मंदिर का निर्माण होकर रहेगा, हम हर तरह से सक्षम हैं। इस मौके पर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत रामदास, महंत रामायणी रामशंकर दास, महंत नरसिंह दास, महंत रामजीदास, महंत जानकीदास, विहिप केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
शौर्य संकल्प सभा में नहीं शामिल हुए न्यास अध्यक्ष
विहिप की शौर्य संकल्प सभा में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास नहीं शामिल हुए। चर्चा रही कि संकल्प सभा इस बार बड़े स्तर पर न होकर कारसेवकपुरम के हाल में हो रही थी, जिसको लेकर न्यास अध्यक्ष नाराज हो गए। कारसेवकपुरम पहुंचने पर वे हाल में नहीं गए और नीचे से ही वापस चले गए। इस बाबत विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि महाराज जी के पैरों में तकलीफ है, इसलिए वह ऊपर हाल तक नहीं जा सके और वापस हो गए।