{"_id":"5a34008a4f1c1b686a8b9d99","slug":"121513357450-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधार ने खोली अवध विवि में 12 सौ गुरूओं की कुंडली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधार ने खोली अवध विवि में 12 सौ गुरूओं की कुंडली
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:34 PM IST
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फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में 12 सौ शिक्षक मुन्ना भाई को भी मात देते दिख रहे हैं। इनके आधार कार्ड ने रिकार्ड ऑनलाइन करतेवक्त कुंडली खोल दी है। एक साथ कई स्कूलों में तैनाती का खुलासा हुआ है। यह फर्जीवाड़ा विश्वविद्यालय से जुड़े 10 जिलों के सैकड़ों कॉलेजों में सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। एक ही नाम-पते के शिक्षक नियमित पढ़ाने से लेकर वेतन लेते पाए गए हैं। मामले में विवि प्रशासन ऐसे शिक्षकों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस देने जा रहा है। इसके बाद उनके नामों का फर्जी दुरुपयोग जिन-जिन कॉलेजों में सामने आएगा, वहां के प्रबंधन पर कार्रवाई होगी।
अवध विवि से जुड़े कॉलेजों में शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन की शिकायतों पर कुलाधिपति और कुलपति स्तर से रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए विवि से जुड़े करीब सात सौ कॉलेजों के प्रबंधन से कार्यरत समस्त शिक्षकों के आधार नंबर समेत बॉयोडाटा व अनुमोदन के रिकॉर्ड मांगे गए थे। विवि आए करीब छह हजार 5 सौ शिक्षकों के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की कवायद के दौरान 12 सौ शिक्षक ऐसे मिले जिनकी तैनाती एक से अधिक कॉलेजों में पाई गई। इसमें ज्यादातर निजी कॉलेजों के शिक्षक हैं, मगर कुछ निजी कॉलेजों ने तो राजकीय डिग्री कॉलेज व एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को भी अपने यहां तैनाती दिखा रखी है। यही नहीं कई प्राचार्य के रूप में तैनात व्यक्ति दूसरे कई कॉलोजों में शिक्षक हैं। बीएड के शिक्षक राजीव सिंह का अनुमोदन अंबेडकरनगर के चार, प्रतापगढ़ के पांच, फैजाबाद के दो व अमेठी के एक बीएड कॉलेज में पाया गया है। राकेश सिंह का अनुमोदन भी 12 महाविद्यालयों में पाया गया। सुल्तानपुर के चार महाविद्यालयों सहित कई अन्य जिलों के कॉलेजों की ओर से राकेश सिंह का अनुमोदन कराया गया है। अरविंद कुमार यादव व राममूरत भी नौ-नौ महाविद्यालयों में जिम्मेदार शिक्षक हैं। सभी कॉलेज प्रशासकों ने इन दोनों का अनुमोदन विवि में कराया है।
प्राचार्य अनुमोदन में हुए खेल के तहत रानी शांति महाविद्यालय हथोड़ा बाराबंकी के प्राचार्य का अनुमोदन फैजाबाद के एक महाविद्यालय में हिंदी प्रवक्ता के रूप में है। इसी तरह भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. चंद्रकुमार सिंह एक ही प्रबंधन के दो महाविद्यालयों सहित कुल चार महाविद्यालयों में तैनात हैं। एक राजकीय महाविद्यालय में प्रवक्ता पद पर कार्य करने वाले एक शिक्षक का भी अनुमोदन दो महाविद्यालयों में हैं। बीएड के शिक्षक शिवकुमार, धीरेंद्र कुमार ओझा, सिद्धांत, प्रशांत कुमार, कुलदीप कुमार व दीपिका वर्मा का अनुमोदन सात विद्यालयों में पाया गया है। अरविंद का अनुमोदन पांच महाविद्यालयों की ओर से कराया गया है। बहराइच के एक कॉलेज के प्राचार्य शेाभित कुमार का अनुमोदन गोंडा, बाराबंकी सहित अन्य जिलों के एक-एक कॉलेजों में राजनीति शास्त्र विषय पढ़ाने के लिए हुआ है।
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पहले शिक्षक बताएंगे अपनी सही तैनाती: कुलसचिव
अवध विवि के कुलसचिव संजय कुमार ने कहा कि कुल तैनात करीब 6 हजार पांच सौ शिक्षकों के आधार संख्या से साफ हो गया है कि 12 सौ शिक्षकों की तैनाती कई कॉलजों में कराकर अनुमोदन लिया गया है। इसकी सूची प्रकाशित करके पहले शिक्षकों से ही स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि गलती किसकी है। वे हकीकत में किस कॉलेज में अपनी तैनाती को सही मानते हैं। इसके बाद उस कॉलेज प्रबंधन से जवाब-तलब होगा कि कैसे शिक्षक की फर्जी तैनाती दिखाई गई।
आर्थिक अनियमितता और मान्यता भी कार्रवाई के दायरे में
अवध विवि से जुड़े 10 जिलों में फैले करीब सात सौ कॉलेजों में सालों से फर्जी शिक्षकों के नाम पर अनुमोदन लेकर संबंधित विषय की मान्यता व वेतन भुगतान के मामले में भी कार्रवाई की तैयारी है। विवि के कुलसचिव संजय कुमार ने कहा कि पहले 12 सौ शिक्षकों के जवाब आ जाएं, फिर संबंधित प्रबंधन से पूछा जाएगा कि कैसे शिक्षक के नाम का दुरुपयोग हुआ। नियमानुसार वेतन बैंक खाते में जाना चाहिए, ऐसे में किसने फर्जी भुगतान खाते में प्राप्त किया। सारे रिकॉर्ड तलब करके कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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अवध विवि से जुड़े कॉलेजों में शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन की शिकायतों पर कुलाधिपति और कुलपति स्तर से रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए विवि से जुड़े करीब सात सौ कॉलेजों के प्रबंधन से कार्यरत समस्त शिक्षकों के आधार नंबर समेत बॉयोडाटा व अनुमोदन के रिकॉर्ड मांगे गए थे। विवि आए करीब छह हजार 5 सौ शिक्षकों के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की कवायद के दौरान 12 सौ शिक्षक ऐसे मिले जिनकी तैनाती एक से अधिक कॉलेजों में पाई गई। इसमें ज्यादातर निजी कॉलेजों के शिक्षक हैं, मगर कुछ निजी कॉलेजों ने तो राजकीय डिग्री कॉलेज व एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को भी अपने यहां तैनाती दिखा रखी है। यही नहीं कई प्राचार्य के रूप में तैनात व्यक्ति दूसरे कई कॉलोजों में शिक्षक हैं। बीएड के शिक्षक राजीव सिंह का अनुमोदन अंबेडकरनगर के चार, प्रतापगढ़ के पांच, फैजाबाद के दो व अमेठी के एक बीएड कॉलेज में पाया गया है। राकेश सिंह का अनुमोदन भी 12 महाविद्यालयों में पाया गया। सुल्तानपुर के चार महाविद्यालयों सहित कई अन्य जिलों के कॉलेजों की ओर से राकेश सिंह का अनुमोदन कराया गया है। अरविंद कुमार यादव व राममूरत भी नौ-नौ महाविद्यालयों में जिम्मेदार शिक्षक हैं। सभी कॉलेज प्रशासकों ने इन दोनों का अनुमोदन विवि में कराया है।
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प्राचार्य अनुमोदन में हुए खेल के तहत रानी शांति महाविद्यालय हथोड़ा बाराबंकी के प्राचार्य का अनुमोदन फैजाबाद के एक महाविद्यालय में हिंदी प्रवक्ता के रूप में है। इसी तरह भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. चंद्रकुमार सिंह एक ही प्रबंधन के दो महाविद्यालयों सहित कुल चार महाविद्यालयों में तैनात हैं। एक राजकीय महाविद्यालय में प्रवक्ता पद पर कार्य करने वाले एक शिक्षक का भी अनुमोदन दो महाविद्यालयों में हैं। बीएड के शिक्षक शिवकुमार, धीरेंद्र कुमार ओझा, सिद्धांत, प्रशांत कुमार, कुलदीप कुमार व दीपिका वर्मा का अनुमोदन सात विद्यालयों में पाया गया है। अरविंद का अनुमोदन पांच महाविद्यालयों की ओर से कराया गया है। बहराइच के एक कॉलेज के प्राचार्य शेाभित कुमार का अनुमोदन गोंडा, बाराबंकी सहित अन्य जिलों के एक-एक कॉलेजों में राजनीति शास्त्र विषय पढ़ाने के लिए हुआ है।
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पहले शिक्षक बताएंगे अपनी सही तैनाती: कुलसचिव
अवध विवि के कुलसचिव संजय कुमार ने कहा कि कुल तैनात करीब 6 हजार पांच सौ शिक्षकों के आधार संख्या से साफ हो गया है कि 12 सौ शिक्षकों की तैनाती कई कॉलजों में कराकर अनुमोदन लिया गया है। इसकी सूची प्रकाशित करके पहले शिक्षकों से ही स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि गलती किसकी है। वे हकीकत में किस कॉलेज में अपनी तैनाती को सही मानते हैं। इसके बाद उस कॉलेज प्रबंधन से जवाब-तलब होगा कि कैसे शिक्षक की फर्जी तैनाती दिखाई गई।
आर्थिक अनियमितता और मान्यता भी कार्रवाई के दायरे में
अवध विवि से जुड़े 10 जिलों में फैले करीब सात सौ कॉलेजों में सालों से फर्जी शिक्षकों के नाम पर अनुमोदन लेकर संबंधित विषय की मान्यता व वेतन भुगतान के मामले में भी कार्रवाई की तैयारी है। विवि के कुलसचिव संजय कुमार ने कहा कि पहले 12 सौ शिक्षकों के जवाब आ जाएं, फिर संबंधित प्रबंधन से पूछा जाएगा कि कैसे शिक्षक के नाम का दुरुपयोग हुआ। नियमानुसार वेतन बैंक खाते में जाना चाहिए, ऐसे में किसने फर्जी भुगतान खाते में प्राप्त किया। सारे रिकॉर्ड तलब करके कार्रवाई सुनिश्चित होगी।