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बिना चादर के ही लेटने को प्रसूताएं मजबूर
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:48 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में बेडशीट की किल्लत
फैजाबाद। जिला महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को चादर तक नहीं मिल पा रही है। बिना चादर के ही प्रसूताएं बेड पर लेटने को मजबूर हैं। जबकि अस्पताल के जिम्मेदार लोगों के अनुसार चादरों की कमी नहीं है, फिर भी मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में कई प्रसूताएं नवजात शिशुओं सहित बिना चादर के बेड पर लेटी मिलीं। जनरल वार्ड में भर्ती किसमती ने बताया कि कल से भर्ती हैं, मगर अभी तक चादर नहीं मिला। स्टाफ नर्स से कई बार कहा गया तो चादर नहीं होने की बात कही गई।
प्रसूता गीता ने बताया कि, कल से ही चादर की किल्लत है। ऐसे में कई महिलाएं बिना चादर के अथवा अपना चादर बिछाकर लेटी हैं। जहां एक ओर जननी सुरक्षा के नाम पर शासन द्वारा बड़ी धनराशि खर्च करके गर्भवती महिलाओं को सहूलियतें देने की मुहिम चलाई जा रही है।
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वहीं इस तरह की अनियमितताएं कहीं न कहीं शासन की मंशा पर पानी फेर रही हैं। ये अव्यवस्था कोई नई नहीं है। अस्पताल कर्मियों के अनुसार हर तीसरे दिन इस तरह की समस्या आती है। मगर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शुक्ल का कहना है कि चादर नहीं मिलने का मामला गंभीर है। इसमें किस स्तर पर लापरवाही हो रही है, इसकी जानकारी करके कार्रवाई की जाएगी।
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फैजाबाद। जिला महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को चादर तक नहीं मिल पा रही है। बिना चादर के ही प्रसूताएं बेड पर लेटने को मजबूर हैं। जबकि अस्पताल के जिम्मेदार लोगों के अनुसार चादरों की कमी नहीं है, फिर भी मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में कई प्रसूताएं नवजात शिशुओं सहित बिना चादर के बेड पर लेटी मिलीं। जनरल वार्ड में भर्ती किसमती ने बताया कि कल से भर्ती हैं, मगर अभी तक चादर नहीं मिला। स्टाफ नर्स से कई बार कहा गया तो चादर नहीं होने की बात कही गई।
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प्रसूता गीता ने बताया कि, कल से ही चादर की किल्लत है। ऐसे में कई महिलाएं बिना चादर के अथवा अपना चादर बिछाकर लेटी हैं। जहां एक ओर जननी सुरक्षा के नाम पर शासन द्वारा बड़ी धनराशि खर्च करके गर्भवती महिलाओं को सहूलियतें देने की मुहिम चलाई जा रही है।
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वहीं इस तरह की अनियमितताएं कहीं न कहीं शासन की मंशा पर पानी फेर रही हैं। ये अव्यवस्था कोई नई नहीं है। अस्पताल कर्मियों के अनुसार हर तीसरे दिन इस तरह की समस्या आती है। मगर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शुक्ल का कहना है कि चादर नहीं मिलने का मामला गंभीर है। इसमें किस स्तर पर लापरवाही हो रही है, इसकी जानकारी करके कार्रवाई की जाएगी।