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एडवायजरी.. मानसून की दस्तक के बाद डेंगू बरपाएगा कहर
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:51 PM IST
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मानसून की दस्तक के बाद डेंगू बरपा सकता कहर
कूडे़-कचरे से पटा शहर, जगह-जगह पानी का ठहराव
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। मानसून की दस्तक से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने वाला है। मच्छर जनित बीमारी डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के स्वास्थ्य महकमे ने जो उपाय किए हैं। वह नाकाफी साबित होंगे।
शहर के कई इलाके जगह-जगह कूड़ा व कचरे से पटे हुए हैं। यहां पानी के ठहराव वाले स्थानों को डेंगू मच्छर अपना लारवा छोड़कर आशियाना बनाने वाले है। इससे लोग डेंगू एवं चिकनगुनिया के शिकार होंगे। स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की तैयारी है। मगर स्कूल-कॉलेज खुलने में अभी 20 दिनों का समय है। इस दौरान बारिश हुई तो डेंगू जैसे मच्छरों के प्रकोप से लोग पीड़ित होंगे।
सीएमओ डॉ. प्रसन्न कुमार ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों के लिए मंडलीय एवं जिला अस्पताल में एक-एक वार्ड से रिजर्व कर दिए गए हैं। यहां मरीजाें के लिए इलाज के लिए फिजीशियन को लगाया जाएगा। डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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वर्ष 2016 का हाल
डेंगू से मौत-12
डेंगू के भर्ती मरीज-36
डेंगू के रेफर मरीज-25
चिकनगुनिया के भर्ती मरीज-9
चिकनगुनिया के रेफर मरीज-7
ये करें उपाय
- घरों व प्रतिष्ठानों में रखें साफ-सफाई
- घरों व प्रतिष्ठानों में पानी एकत्र न होने दें
- कूलर में पानी भरा न छोड़ें
- फलों-सब्जियों से निकलने वाले छीलन को नष्ट कर दें
डेंगू से बचने को करें सेवन
- भोर में खाएं पपीते का पोपल
- बकरी के दूध का करें इस्तेमाल
- नीम या पीपल की गिलोय का करें इस्तेमाल
यहां भी पैदा होंगे डेंगू के मच्छर
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के मध्य परिसर में इन दिनों 100 शैय्या वाले मेटरनिटी हॉस्पिटल के निर्माण का काम चल रहा है। यहां निर्माणाधीन हॉस्पिटल के पास कूड़ा व कचरे का ढेर लगा है। इससे बारिश में कचरे से जहां सड़ांध आएगी। वहीं कचरे के कारण पानी ठहरने से डेंगू के मच्छर पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।
जिला अस्पताल में है प्लेटलेट्स की व्यवस्था
जिला अस्पताल के पैथालोजी में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यहां अस्पताल के अलावा बाहर के मरीजों को भी प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जाती है। मगर जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने पर बाहर के मरीजों को यहां से प्लेटलेट्स नहीं दी जाएगी।
बच्चों के जरिये करेंगे जागरूक
शहर की नालियां एवं पानी इकट्ठा होने वाले सभी स्थानों पर एंटी लारवा का छिड़काव करा दिया गया है। स्कूल-कॉलेजों के बच्चों के माध्यम से लोगोें को जागरूक करने का खाका तैयार किया गया है। बारिश पहले शहर के बड़े नालों में एंटी लारवा का छिड़काव कराया जाएगा। जिससे डेंगू के मच्छरों को जनने से रोका जा सके।
- डॉ. पीके श्रीवास्तव, जिला फाइलेरिया अधिकारी
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कूडे़-कचरे से पटा शहर, जगह-जगह पानी का ठहराव
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। मानसून की दस्तक से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने वाला है। मच्छर जनित बीमारी डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के स्वास्थ्य महकमे ने जो उपाय किए हैं। वह नाकाफी साबित होंगे।
शहर के कई इलाके जगह-जगह कूड़ा व कचरे से पटे हुए हैं। यहां पानी के ठहराव वाले स्थानों को डेंगू मच्छर अपना लारवा छोड़कर आशियाना बनाने वाले है। इससे लोग डेंगू एवं चिकनगुनिया के शिकार होंगे। स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की तैयारी है। मगर स्कूल-कॉलेज खुलने में अभी 20 दिनों का समय है। इस दौरान बारिश हुई तो डेंगू जैसे मच्छरों के प्रकोप से लोग पीड़ित होंगे।
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सीएमओ डॉ. प्रसन्न कुमार ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों के लिए मंडलीय एवं जिला अस्पताल में एक-एक वार्ड से रिजर्व कर दिए गए हैं। यहां मरीजाें के लिए इलाज के लिए फिजीशियन को लगाया जाएगा। डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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वर्ष 2016 का हाल
डेंगू से मौत-12
डेंगू के भर्ती मरीज-36
डेंगू के रेफर मरीज-25
चिकनगुनिया के भर्ती मरीज-9
चिकनगुनिया के रेफर मरीज-7
ये करें उपाय
- घरों व प्रतिष्ठानों में रखें साफ-सफाई
- घरों व प्रतिष्ठानों में पानी एकत्र न होने दें
- कूलर में पानी भरा न छोड़ें
- फलों-सब्जियों से निकलने वाले छीलन को नष्ट कर दें
डेंगू से बचने को करें सेवन
- भोर में खाएं पपीते का पोपल
- बकरी के दूध का करें इस्तेमाल
- नीम या पीपल की गिलोय का करें इस्तेमाल
यहां भी पैदा होंगे डेंगू के मच्छर
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के मध्य परिसर में इन दिनों 100 शैय्या वाले मेटरनिटी हॉस्पिटल के निर्माण का काम चल रहा है। यहां निर्माणाधीन हॉस्पिटल के पास कूड़ा व कचरे का ढेर लगा है। इससे बारिश में कचरे से जहां सड़ांध आएगी। वहीं कचरे के कारण पानी ठहरने से डेंगू के मच्छर पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।
जिला अस्पताल में है प्लेटलेट्स की व्यवस्था
जिला अस्पताल के पैथालोजी में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यहां अस्पताल के अलावा बाहर के मरीजों को भी प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जाती है। मगर जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने पर बाहर के मरीजों को यहां से प्लेटलेट्स नहीं दी जाएगी।
बच्चों के जरिये करेंगे जागरूक
शहर की नालियां एवं पानी इकट्ठा होने वाले सभी स्थानों पर एंटी लारवा का छिड़काव करा दिया गया है। स्कूल-कॉलेजों के बच्चों के माध्यम से लोगोें को जागरूक करने का खाका तैयार किया गया है। बारिश पहले शहर के बड़े नालों में एंटी लारवा का छिड़काव कराया जाएगा। जिससे डेंगू के मच्छरों को जनने से रोका जा सके।
- डॉ. पीके श्रीवास्तव, जिला फाइलेरिया अधिकारी