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दर्शनभवन मंदिर में तीनदिवसीय प्राकट्योत्सव का श्रीगणेश
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अयोध्या। ज.गु. स्वामी रामानंद जी का मंदिर दर्शन भवन में तीन दिवसीय प्राकट्योत्सव का शुभारंभ शनिवार को शोभायात्रा एवं नवग्रह वाटिका की स्थापना के साथ हुआ। 11वें प्राकट्योत्सव का शुभारंभ प्रात: 8 बजे पूर्व सांसद विश्वनाथदास शास्त्री की प्राण प्रतिष्ठित विग्रह का वैदिक मंत्रों से पूजन, अर्चन एवं आरती कर हुआ।
10 बजे रामनगरी के एकमात्र गौमाता मंदिर में स्थापित गौ-माता के विग्रह का पूचन-अर्चन एवं आरती की गई। दोपहर 12 बजे श्रीविश्वनाथ शीतल अमराई संत कुटीर में नवग्रह वाटिका की स्थापना की गई। शाम को मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
मंदिर की महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि शोभायात्रा मंदिर से निकलकर हनुमानगढ़ी होते हुए सरयू तट पहुंची जहां मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती भी की गई। उन्होंने बताया कि उनके सद्गुरुदेव पूर्व सांसद डॉ. विश्वनाथ दास शास्त्री का सामाजिक एवं धार्मिक सरोकारों से गहरा नाता रहा। वे 1991 में सांसद बने थे। रामकथा का देश-विदेश में प्रचार प्रसार किया।
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गोरक्षा आंदोलन, जेपी आंदोलन सहित रामजन्मभूमि आंदोलनों में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी स्मृति को संजोने एवं उनके द्वारा स्थापित परंपराओं के सम्यक निर्वहन का प्रयास रहता है। बताया कि 10 मार्च को ज.गु. स्वामी रामानंद के जीवन पर परिचर्चा, फूलबंग्ला झांकी सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम में किरण मिश्र, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्र, शुकदेव दास, विजय कुमार, जगदीश अग्रवाल, बुद्धदेव शर्मा सहित कई जिलों से पहुंचे भक्त मौजूद रहे।
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10 बजे रामनगरी के एकमात्र गौमाता मंदिर में स्थापित गौ-माता के विग्रह का पूचन-अर्चन एवं आरती की गई। दोपहर 12 बजे श्रीविश्वनाथ शीतल अमराई संत कुटीर में नवग्रह वाटिका की स्थापना की गई। शाम को मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
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मंदिर की महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि शोभायात्रा मंदिर से निकलकर हनुमानगढ़ी होते हुए सरयू तट पहुंची जहां मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती भी की गई। उन्होंने बताया कि उनके सद्गुरुदेव पूर्व सांसद डॉ. विश्वनाथ दास शास्त्री का सामाजिक एवं धार्मिक सरोकारों से गहरा नाता रहा। वे 1991 में सांसद बने थे। रामकथा का देश-विदेश में प्रचार प्रसार किया।
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गोरक्षा आंदोलन, जेपी आंदोलन सहित रामजन्मभूमि आंदोलनों में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी स्मृति को संजोने एवं उनके द्वारा स्थापित परंपराओं के सम्यक निर्वहन का प्रयास रहता है। बताया कि 10 मार्च को ज.गु. स्वामी रामानंद के जीवन पर परिचर्चा, फूलबंग्ला झांकी सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम में किरण मिश्र, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्र, शुकदेव दास, विजय कुमार, जगदीश अग्रवाल, बुद्धदेव शर्मा सहित कई जिलों से पहुंचे भक्त मौजूद रहे।