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नवजात की घर पर देखभाल में मंडल को मिला दसवां स्थान
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:16 PM IST
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नवजात की घर पर देखभाल में मंडल को मिला दसवां स्थान
फैजाबाद। नवजात शिशु की घर पर देखभाल (एचबीएनसी) के मामले में फैजाबाद मंडल ने प्रदेश में 10 वां स्थान हासिल करते नई उपलब्धि हासिल की है। मार्च माह की प्राप्त हुई यूनिसेफ की रिपोर्ट से मामले की जानकारी हुई है।
नवजात शिशु मृत्यु पर नियंत्रण के लिए सरकार ने नवजात शिशु की घर पर देखभाल (एचबीएनसी) योजना की शुरुआत वर्ष 2011 में की था। इसके अनुसार प्रसव के 42 दिन तक आशा द्वारा जच्चा-बच्चा की बेहतर देखभाल करके उन्हें यथोचित सहयोग व इलाज की व्यवस्था कराई जाती है। योजना का प्रत्येक तीन माह का आंकड़ा संकलित किया जाता है। यूनिसेफ की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि मंडल में जनवरी 2018 से लेकर मार्च तक आशा द्वारा घर-घर जाकर नवजात की गंभीर परिस्थिति में 60 फीसदी विजिट की गयी। इस दौरान यूनिसेफ टीम ने 485 नवजात शिशुओं की निगरानी की। जिसमें 344 बच्चों का निरीक्षण आशाओं द्वारा किया गया है। जिनमें से 290 नवजात शिशुओं को तीन गंभीर परिस्थिति हाथ धुलना, वजन लेना और तापमान लेने की देखभाल की गयी। प्रदेश भर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार फैजाबाद व लखनऊ का संयुक्त रूप से 10वां स्थान प्राप्त हुआ। जबकि झांसी प्रथम, सहारनपुर मंडल दूसरे एवं आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
गृह आधारित शिशुओं की देखभाल के पीछे बच्चों को तीन गंभीर परिस्थितियों से बचाए रखना है। यह नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में काफी सहायक है। यूनिसेफ की ओर से प्रत्येक तीन माह राज्य स्तरीय समीक्षा की जाती है, जिसमें इस बार मंडल को दसवां स्थान मिला है।-डॉ सीबी द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी फैजाबाद
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फैजाबाद। नवजात शिशु की घर पर देखभाल (एचबीएनसी) के मामले में फैजाबाद मंडल ने प्रदेश में 10 वां स्थान हासिल करते नई उपलब्धि हासिल की है। मार्च माह की प्राप्त हुई यूनिसेफ की रिपोर्ट से मामले की जानकारी हुई है।
नवजात शिशु मृत्यु पर नियंत्रण के लिए सरकार ने नवजात शिशु की घर पर देखभाल (एचबीएनसी) योजना की शुरुआत वर्ष 2011 में की था। इसके अनुसार प्रसव के 42 दिन तक आशा द्वारा जच्चा-बच्चा की बेहतर देखभाल करके उन्हें यथोचित सहयोग व इलाज की व्यवस्था कराई जाती है। योजना का प्रत्येक तीन माह का आंकड़ा संकलित किया जाता है। यूनिसेफ की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि मंडल में जनवरी 2018 से लेकर मार्च तक आशा द्वारा घर-घर जाकर नवजात की गंभीर परिस्थिति में 60 फीसदी विजिट की गयी। इस दौरान यूनिसेफ टीम ने 485 नवजात शिशुओं की निगरानी की। जिसमें 344 बच्चों का निरीक्षण आशाओं द्वारा किया गया है। जिनमें से 290 नवजात शिशुओं को तीन गंभीर परिस्थिति हाथ धुलना, वजन लेना और तापमान लेने की देखभाल की गयी। प्रदेश भर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार फैजाबाद व लखनऊ का संयुक्त रूप से 10वां स्थान प्राप्त हुआ। जबकि झांसी प्रथम, सहारनपुर मंडल दूसरे एवं आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
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गृह आधारित शिशुओं की देखभाल के पीछे बच्चों को तीन गंभीर परिस्थितियों से बचाए रखना है। यह नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में काफी सहायक है। यूनिसेफ की ओर से प्रत्येक तीन माह राज्य स्तरीय समीक्षा की जाती है, जिसमें इस बार मंडल को दसवां स्थान मिला है।-डॉ सीबी द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी फैजाबाद
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