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सरयू की तेज कटान से रौनाही बंधे पर खतरा बढ़ा
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:31 PM IST
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बैराजों से छोड़ा गया साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी
फैजाबाद। पहाड़ों पर हुई बारिश और बनबसा व गिरिजा बैराजों से छोड़े गए साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से सरयू का जलस्तर फिर बढ़ने की संभावना है। बताते हैं कि इसका असर आठ से 12 घंटे के बाद होगा। उफनाई सरयू की तेज कटान से कछार क्षेत्रों के ग्रामीणों में खौफ है। यहां रौनाही बंधे पर खतरा बढ़ गया है।
गुरुवार को सरयू नदी लाल निशान से 28 सेंटीमीटर नीचे रही। केन्द्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक, शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 92.465 मीटर रिकार्ड किया गया। गुरुवार दोपहर तक गिरिजा बैराज से 1,15,625 क्यूसेक और बनबसा बैराज से 2,19,200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कछार व माझा क्षेत्रों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर खौफ बना है।
यहां रौनाही बंधे के निकट नदी की धारा अप स्टीम के साथ तेजी से बैक रोलिंग कर रही हैं। इससे बंधे के लिए खतरा बढ़ा है। ग्रामीण आज्ञाराम व सेवक बताते हैं कि नदी की धारा बार-बार बंधे से टकराकर किनारों को धराशाई कर रही है। बताया जा रहा है कि इस बंधे का करीब एक किलोमीटर हिस्सा वैसे ही गंभीर बना है। वहीं सटे किनारों पर तेज कटान से बंधे को नुकसान पहुंचा रही है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सीएम शर्मा ने बताया कि यहां बंधे की सुरक्षा के लिए पाईलिंग और स्टड बनाने के प्रस्ताव किए हैं। वहीं बिल्वहरि बंधे से सटे राय पहलवारा व सराय रासी व गोसाईगंज कस्बे के निकट बसे तीन गांवों को नदी की तेज धारा ने अपने निशाने पर ले लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों में तबाही मच सकती है।
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फैजाबाद। पहाड़ों पर हुई बारिश और बनबसा व गिरिजा बैराजों से छोड़े गए साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से सरयू का जलस्तर फिर बढ़ने की संभावना है। बताते हैं कि इसका असर आठ से 12 घंटे के बाद होगा। उफनाई सरयू की तेज कटान से कछार क्षेत्रों के ग्रामीणों में खौफ है। यहां रौनाही बंधे पर खतरा बढ़ गया है।
गुरुवार को सरयू नदी लाल निशान से 28 सेंटीमीटर नीचे रही। केन्द्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक, शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 92.465 मीटर रिकार्ड किया गया। गुरुवार दोपहर तक गिरिजा बैराज से 1,15,625 क्यूसेक और बनबसा बैराज से 2,19,200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कछार व माझा क्षेत्रों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर खौफ बना है।
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यहां रौनाही बंधे के निकट नदी की धारा अप स्टीम के साथ तेजी से बैक रोलिंग कर रही हैं। इससे बंधे के लिए खतरा बढ़ा है। ग्रामीण आज्ञाराम व सेवक बताते हैं कि नदी की धारा बार-बार बंधे से टकराकर किनारों को धराशाई कर रही है। बताया जा रहा है कि इस बंधे का करीब एक किलोमीटर हिस्सा वैसे ही गंभीर बना है। वहीं सटे किनारों पर तेज कटान से बंधे को नुकसान पहुंचा रही है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सीएम शर्मा ने बताया कि यहां बंधे की सुरक्षा के लिए पाईलिंग और स्टड बनाने के प्रस्ताव किए हैं। वहीं बिल्वहरि बंधे से सटे राय पहलवारा व सराय रासी व गोसाईगंज कस्बे के निकट बसे तीन गांवों को नदी की तेज धारा ने अपने निशाने पर ले लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों में तबाही मच सकती है।