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1035 महिलाओं ने करवाई प्रसव पूर्व जांच
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अयोध्या। जिले भर में गुरुवार को जिला महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने 1035 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की गईं।
गुरुवार को अस्पतालों में आयोजित सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर दस सरकारी महिला रोग विशेषज्ञ व पांच निजी महिला चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। सभी शिविरों में 1035 गर्भवती महिलाएं पहुंचीं जिन्होंने स्वास्थ्य लाभ लिया। डीपीएम रामप्रकाश पटेल ने बताया कि 138 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड, 1035 की हीमोग्लोबिन, ब्लड-प्रेशर, रक्त समूह, शुगर, वजन की जांच, 765 महिलाओं की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी व पेट की जांच की गयी।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को टिटनेस का टीका लगाया गया और आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाएं दी गयीं। जांच के दौरान गंभीर रक्ताल्पता पाई गयीं महिलाओं को आयरन-शुक्रोज लगाया गया। उन्हें दवा के नियमित सेवन के साथ-साथ विशेष देखभाल रखने और समय-समय पर चिकित्सीय परामर्श लेते रहने की सलाह दी गयी।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्श दाता मनोज मौर्या ने बताया कि किसी गर्भवती महिला में यदि सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होता है तो उसको सीवियर एनीमिया की स्थिति में रखा जाता है। गर्भावस्था के समय महिलाओं को कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए और नियमित चिकित्सीय सलाह लेते रहना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय राजा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के आयोजन सत्र पर गर्भवती एवं धात्री महिला को कोविड टीकाकरण सत्र पर जाकर टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया गया।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी बीकापुर में डॉ. शबीना खान के नेतृत्व में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा से संबंधित टिप्स दिए गए और उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार लेने के बारे में बताया गया। डा.ॅ शबीना खान ने बताया कि शिविर में 70 गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार किया गया। वहीं, शिविर में महिलाओं को फल का वितरण किए जाने का भी निर्देश गया था लेकिन कुछ महिलाओं को ही फल देकर खानापूर्ति की गई।
तारुन प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी तारुन में 40 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. अलंकृता सिंह ने गर्भवती महिलाओं की जांच करवाकर दवा दिलाई। इस मौके पर जिला कोऑर्डिनेटर राहुल श्रीवास्तव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी दिनेश सिंह व राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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गुरुवार को अस्पतालों में आयोजित सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर दस सरकारी महिला रोग विशेषज्ञ व पांच निजी महिला चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। सभी शिविरों में 1035 गर्भवती महिलाएं पहुंचीं जिन्होंने स्वास्थ्य लाभ लिया। डीपीएम रामप्रकाश पटेल ने बताया कि 138 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड, 1035 की हीमोग्लोबिन, ब्लड-प्रेशर, रक्त समूह, शुगर, वजन की जांच, 765 महिलाओं की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी व पेट की जांच की गयी।
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इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को टिटनेस का टीका लगाया गया और आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाएं दी गयीं। जांच के दौरान गंभीर रक्ताल्पता पाई गयीं महिलाओं को आयरन-शुक्रोज लगाया गया। उन्हें दवा के नियमित सेवन के साथ-साथ विशेष देखभाल रखने और समय-समय पर चिकित्सीय परामर्श लेते रहने की सलाह दी गयी।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्श दाता मनोज मौर्या ने बताया कि किसी गर्भवती महिला में यदि सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होता है तो उसको सीवियर एनीमिया की स्थिति में रखा जाता है। गर्भावस्था के समय महिलाओं को कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए और नियमित चिकित्सीय सलाह लेते रहना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय राजा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के आयोजन सत्र पर गर्भवती एवं धात्री महिला को कोविड टीकाकरण सत्र पर जाकर टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया गया।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी बीकापुर में डॉ. शबीना खान के नेतृत्व में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा से संबंधित टिप्स दिए गए और उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार लेने के बारे में बताया गया। डा.ॅ शबीना खान ने बताया कि शिविर में 70 गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार किया गया। वहीं, शिविर में महिलाओं को फल का वितरण किए जाने का भी निर्देश गया था लेकिन कुछ महिलाओं को ही फल देकर खानापूर्ति की गई।
तारुन प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी तारुन में 40 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. अलंकृता सिंह ने गर्भवती महिलाओं की जांच करवाकर दवा दिलाई। इस मौके पर जिला कोऑर्डिनेटर राहुल श्रीवास्तव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी दिनेश सिंह व राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।