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बरसे मेघ, ओला गिरने से किसान चिंतित
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बरसे मेघ, ओले गिरने से किसान चिंतित
अयोध्या। दिन भर तपिश के बाद शनिवार देररात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज गरज व चमक के साथ शहर के कुछ हिस्सों समेत दर्शननगर-पूरा आदि इलाकों में ओले पड़े और बरसात भी हुई।
इस ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी गई। लगभग पककर तैयार हो चुके गेहूं की फसल को नुकसान होने की किसानों ने संभावना जताई है।
शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे तेज गरज व चमक शुरू हुई तो मध्य रात्रि तक ओले गिरने लगे। करीब पांच मिनट तक जिले के विभिन्न इलाकों में ओले गिरे तो रविवार को भी आसमान में काले बादलों ने दस्तक दी और दिन भर बूंदाबांदी के साथ छिटपुट बरसात भी होती रही।
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अचानक मौसम में बदलाव की वजह से किसान भी सकते में आ गए। खेतों में फसल पक चुकी है तो कई जगह कटाई-मड़ाई भी शुरू हो चुकी है। अचानक बरसात से गेहूं की फसल को भारी नुकसान के कयास लगाए जा रहे हैं।
लक्ष्मीदासपुर के किसान सुरेश, पंकज दुबे, भीखनपुर के अखंड सिंह, मडना के शिवेंद्र सिंह, गंगाराम पुरवा के अनिल पांडे आदि का कहना है कि गेहूं की फसल पकने लगी है। ओले और बूंदाबांदी के बाद तेज हवा से फसल खेत में गिर जाएगी तो सारी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।
वहीं, तेज हवा चलने से आम की फसल भी प्रभावित हुई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट देखी गई। दिन भर लोगों ने एक बार फिर से ठंडक का एहसास किया।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम में कुछ खास परिवर्तन के संकेत नहीं दिया है। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में आसमान में बादल छाए रहेंगे, कहीं-कहीं हल्की बरसात भी हो सकती है।
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अयोध्या। दिन भर तपिश के बाद शनिवार देररात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज गरज व चमक के साथ शहर के कुछ हिस्सों समेत दर्शननगर-पूरा आदि इलाकों में ओले पड़े और बरसात भी हुई।
इस ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी गई। लगभग पककर तैयार हो चुके गेहूं की फसल को नुकसान होने की किसानों ने संभावना जताई है।
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शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे तेज गरज व चमक शुरू हुई तो मध्य रात्रि तक ओले गिरने लगे। करीब पांच मिनट तक जिले के विभिन्न इलाकों में ओले गिरे तो रविवार को भी आसमान में काले बादलों ने दस्तक दी और दिन भर बूंदाबांदी के साथ छिटपुट बरसात भी होती रही।
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अचानक मौसम में बदलाव की वजह से किसान भी सकते में आ गए। खेतों में फसल पक चुकी है तो कई जगह कटाई-मड़ाई भी शुरू हो चुकी है। अचानक बरसात से गेहूं की फसल को भारी नुकसान के कयास लगाए जा रहे हैं।
लक्ष्मीदासपुर के किसान सुरेश, पंकज दुबे, भीखनपुर के अखंड सिंह, मडना के शिवेंद्र सिंह, गंगाराम पुरवा के अनिल पांडे आदि का कहना है कि गेहूं की फसल पकने लगी है। ओले और बूंदाबांदी के बाद तेज हवा से फसल खेत में गिर जाएगी तो सारी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।
वहीं, तेज हवा चलने से आम की फसल भी प्रभावित हुई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट देखी गई। दिन भर लोगों ने एक बार फिर से ठंडक का एहसास किया।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम में कुछ खास परिवर्तन के संकेत नहीं दिया है। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में आसमान में बादल छाए रहेंगे, कहीं-कहीं हल्की बरसात भी हो सकती है।