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Etawah News: यमुना का जलस्तर इटावा में खतरे के निशान से मात्र ढाई मीटर नीचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र ढाई मीटर नीचे रह गया है। जल यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने किनारे के तमाम गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शनिवार को पानी रफ्तार में कमी आई, जबकि शुक्रवार को सुबह 16 घंटे में पौने दो मीटर से ऊपर यमुना के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सुबह में जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा था। अब जलस्तर की रफ्तार में गिरावट आई है। मात्र 5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।
दिल्ली से पानी छोड़े जाने से यहां इटावा में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। जलस्तर चेतावनी प्वाइंट तक पहुंच सकता है। हथिनी कुंड से यमुना नदी में तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने से यमुना नदी में एक बार पुनः बाढ़ आने की स्थिति के आसार की आशंका बन रही है।
यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती जा रही है। गुरुवार रात्रि को यमुना नदी के जलस्तर में खासी वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि गुरुवार रात करीब एक बजे यमुना नदी का जलस्तर 117.14 पर था। शुक्रवार शाम चार बजे शाम को 118.91 पर पहुंच गया था। शनिवार को सुबह 12 बजे यह जलस्तर 119.26 तक पहुंच गया है।
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यमुना नदी का खतरे का निशान 121.91 है, जबकि चेतावनी प्वाइंट 120. 92 है। इसलिए अगर इस लिहाज से देखा जाए तो यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र ढाई मीटर नीचे रह गया है। रात में यमुना नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा है। अगर शुक्रवार भोर से हर घंटे यमुना के जलस्तर के बढ़ने पर एक नजर डाली जाए तो यह रफ्तार में 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की थी। हालांकि शाम तीन बजे के बाद इस रफ्तार में गिरावट आई और शाम 4 बजे तक यह रफ्तार मात्र पांच से सात मीटर के बीच हर घंटे रह गई। शनिवार रात में और सुबह यह रफ्तार 2 से 3 सेमी प्रति घंटे रह गई थी। अगर देखा जाए तो यमुना नदी के जलस्तर में शुक्रवार सुबह 16 घंटे में पौने 2 मीटर से अधिक की वृद्धि हुई है।
पानी बढ़ने से यमुना नदी के किनारे के कई गांव चिन्डोली, विझायी, लखनपुर घार, मड़ैया, अंदावा की मड़ैया, बंगलन, गांवों की खारों में भी पानी भरने लगा। जल शक्ति आयोग के कनिष्ठ अभियंता विष्णु से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि इटावा में यमुना में जलस्तर अब बढ़ा है। यदि दिल्ली का पानी यमुना नदी में छोड़ा जाता है तो इटावा में पानी यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ जाएगा। इस जलस्तर के चेतावनी प्वाइंट तक पहुंचने की संभावना भी है। नजर रखी जा रही है।
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बकेवर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र ढाई मीटर नीचे रह गया है। जल यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने किनारे के तमाम गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शनिवार को पानी रफ्तार में कमी आई, जबकि शुक्रवार को सुबह 16 घंटे में पौने दो मीटर से ऊपर यमुना के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सुबह में जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा था। अब जलस्तर की रफ्तार में गिरावट आई है। मात्र 5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।
दिल्ली से पानी छोड़े जाने से यहां इटावा में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। जलस्तर चेतावनी प्वाइंट तक पहुंच सकता है। हथिनी कुंड से यमुना नदी में तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने से यमुना नदी में एक बार पुनः बाढ़ आने की स्थिति के आसार की आशंका बन रही है।
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यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती जा रही है। गुरुवार रात्रि को यमुना नदी के जलस्तर में खासी वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि गुरुवार रात करीब एक बजे यमुना नदी का जलस्तर 117.14 पर था। शुक्रवार शाम चार बजे शाम को 118.91 पर पहुंच गया था। शनिवार को सुबह 12 बजे यह जलस्तर 119.26 तक पहुंच गया है।
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यमुना नदी का खतरे का निशान 121.91 है, जबकि चेतावनी प्वाइंट 120. 92 है। इसलिए अगर इस लिहाज से देखा जाए तो यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र ढाई मीटर नीचे रह गया है। रात में यमुना नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा है। अगर शुक्रवार भोर से हर घंटे यमुना के जलस्तर के बढ़ने पर एक नजर डाली जाए तो यह रफ्तार में 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की थी। हालांकि शाम तीन बजे के बाद इस रफ्तार में गिरावट आई और शाम 4 बजे तक यह रफ्तार मात्र पांच से सात मीटर के बीच हर घंटे रह गई। शनिवार रात में और सुबह यह रफ्तार 2 से 3 सेमी प्रति घंटे रह गई थी। अगर देखा जाए तो यमुना नदी के जलस्तर में शुक्रवार सुबह 16 घंटे में पौने 2 मीटर से अधिक की वृद्धि हुई है।
पानी बढ़ने से यमुना नदी के किनारे के कई गांव चिन्डोली, विझायी, लखनपुर घार, मड़ैया, अंदावा की मड़ैया, बंगलन, गांवों की खारों में भी पानी भरने लगा। जल शक्ति आयोग के कनिष्ठ अभियंता विष्णु से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि इटावा में यमुना में जलस्तर अब बढ़ा है। यदि दिल्ली का पानी यमुना नदी में छोड़ा जाता है तो इटावा में पानी यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ जाएगा। इस जलस्तर के चेतावनी प्वाइंट तक पहुंचने की संभावना भी है। नजर रखी जा रही है।