{"_id":"d21783db68e9c04505f48e056418020e","slug":"weeping-and-devotions-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकीदतमंदों ने रो-रोकर मांगीं दुआएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकीदतमंदों ने रो-रोकर मांगीं दुआएं
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 15 Mar 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हजरत इमाम हुसैन अलै की छब्बीसवीं पीढ़ी में जन्में सूफी संत हजरत हाजी हाफिज सैय्यद वारिस अली के कटरा शाहाब खां स्थित दरगाह वारसी में उर्स पर उनके शिष्य हजरत अबुल हसन शाह वारसी का कुल शरीफ हुआ जिसमें आपके हजारों चाहने वालों ने शिरकत कर रो-रोकर दुआएं मांगीं। कुल से पूर्व अकीदतमंदों ने शानदार महफि ले शमा सजाई और कव्वाली का दौर चलता रहा।
विज्ञापन
तीन रोजा उर्स के मौके पर रात्रि को कुल से पूर्व महफिल में मुंबई के कव्वाल अली वारिस एंड पार्टी, बरेली के फैजान जीशान और मुरादाबाद के असलम वारसी ने ऐसा समां बांधा कि लोगों की आंखें नम हो गईं और दरगाह वारसी या वारिस हक वारिस की सदाओं से गूंज उठी।
विज्ञापन
कव्वाल अली वारिस ने कुछ इस तरह कहा ‘‘मैं तेरे करम से शाजी मियां दुनिया में नवाजा जाता हूँ, है नाज मुकद्दर पर अपने मैं तेरा गदा कहलाता हूँ’’, ‘मेरे यार तू सलामत तेरे दम से हर खुशी, मैं हजार बार कुर्बां तू ही मेरी जिन्दगी।’’ आदि कलाम पेश कर खूब वाह-वाही लूटी।
विज्ञापन
रात्रि एक बजे कुल शरीफ के बाद कोलकाता के तेवरेज वारसी ने अपनी बेहतरीन आवाज से सलाम पेश किया। उसके बाद दरगाह शरीफ के आनरेरी सदर हाजी अहमद अली वारसी ने रो-रोकर देश में अमनोअमान और सभी के वास्ते हाथ उठाकर दुआ की।
बाद कुल हजरत अबुल हसन शाह वारसी रह0 के मजार शरीफ पर सदर, आनरेरी सेक्रेटरी हसन जलीस वारसी, हाजी बुलाकी वारसी आदि ने चादर पेश कर दुआएं मांगीं। उसके बाद रंग बिरंगी आतिशबाजी भी चलाई गई और एक दूसरे को सभी ने मुबारकबाद पेश की।