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जल को राष्ट्रीय संपदा घोषित करें
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:17 AM IST
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बसरेहर के अमृतपुर धाम में वार्ता करते स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य महाराज फलाहारी।
- फोटो : अमर उजाला
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स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य महाराज फलाहारी ने कहा कि आज के दौर में संत भी निष्पक्ष नहीं रह गया है। स्वामी रामनुजाचार्य का रूप निराकार है। महाराजश्री ने ये बात शुक्रवार को बसरेहर रोड स्थित ग्राम अमृतपुरधाम मंदिर परिसर में नवनिर्मित अतिथि भवन का उद्घाटन करते समय कही। महाराज ने पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे जल बंटवारे के विवाद पर कहा कि जल को राष्ट्रीय संपदा घोषित कर देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह राशनिंग होती है उसी प्रकर जल का बंटवारा किया जाए। महाराजश्री ने बताया कि 2017 में वह अभावग्रस्त गांवों में डेरा डालेंगे। भक्तों से सर्वे कराएंगे कि गांव में पानी, शिक्षा, चिकित्सा के साथ मार्ग दुरुस्त हैं या नहीं। ताकि मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुधार ऐसे ही होगा। उन्होंने दुधारू पशुओं के पालने पर भी जोर दिया। इस दौरान अमृतुपरधाम मंदिर की ओर से राजवीर सिंह यादव भी मौजूद रहे।
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