फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   unaware of the danger of swine flu

स्वाइनफ्लू का खतरा अफसर सोये चादर तान

Mon, 09 Feb 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Mon, 09 Feb 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
unaware of the danger of swine flu
जिले के करीबी महानगरों कानपुर, आगरा में स्वाइनफ्लू बीमारी दस्तक दे चुकी है। इटावा को भी खतरा है। बावजूद इसके जिले के अफसर चादर तान के सोए हैं। बीमारी से लड़ने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास इस बीमारी में एक मात्र कारगर दवा ‘टेमीफ्लू’ तक नहीं है। जिला अस्पताल में स्वाइफ्लू के मरीजों के लिए कोई वार्ड रिजर्व नहीं किया गया। बीमारी की जांच तक के बंदोबस्त नहीं किए गए।
विज्ञापन


आगरा और कानपुर में जानलेवा स्वाइनफ्लू बीमारी ने दस्तक दे दी है। कानपुर में एक बच्ची की मौत हो जाने के बाद से हड़कंप मचा है। संभावित मरीज प्रतिदिन अस्पतालोें में आ रहे हैं। दोनों ही महानगरों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन जिले में होता है। एच-1 एन-1 वायरस कब जिले की सीमा में दस्तक दे जाए, कहा नहीं जा सकता।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग को आगे बढ़कर क दम उठाना चाहिए था, लेकिन यहां तो पूरा विभाग ही गहरी नींद में सोया हुआ है। तीन दिन पहले ही अपर निदेशक स्वास्थ्य के यहां से ‘टेमीफ्लू’ का स्टॉक उठाने के आदेश आ चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों को स्टॉक उठाने की फुर्सत नहीं है। स्वाइनफ्लू संक्रामक रोग है। इसके मरीजों को अलग वार्ड में रखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक जिला अस्पताल में कोई वार्ड रिजर्व नहीं किया गया है। डॉक्टर्स के अनुसार ऐसे मरीजों को तीन श्रेणियाें में रखा जाता है। ए और बी श्रेणी के मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं देकर कवर कर लेते हैं, लेकिन सी श्रेणी के मरीजों के ब्लड का सैंपल जांच के लिए भेजा जाता है। अभी तक जिले में स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं की गई है। संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास मास्क तक नहीं है। टेमीफ्लू टैबलेट मार्केट में नहीं मिलती है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ही प्राइवेट अस्पतालों को दवा उपलब्ध कराई जाती है।

सिर्फ लखनऊ में जांच की सुविधा
खतरनाक वायरस एच-1 एन-1 जांचने की सुविधा आसपास के जिलों मेें नहीं है। संभावित मरीजाें के ब्लड सैंपल को जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा जाता है। ग्वालियर के डीआरडीए में भी जांच की सुविधा है।

सुअरों से बढ़ा जान का खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइनफ्लू का एच-1 एन-1 वायरस सुअरों से मनुष्य में आता है। इटावा शहर में पांच हजार के करीब सुअर हैं जो दिन भर सड़कों-गलियों विचरण करते रहते हैं। पालिका ने सुअरों को पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किए है। सुअरों के कारण शहर के अलावा भरथना, बकेवर, लखना, जसवंतनगर कस्बों में स्वाइनफ्लू का खतरा है।


स्वाइनफ्लू के लक्षण
सात दिन से खांसी, गले में संक्रमण की शिकायत
हल्का बुखार तथा जोड़ों में दर्द की शिकायत
नाक से पानी बहना, आंखें लाल रहना
आंखों की पलकों में सूजन आना

सावधानियां
संक्रमित रोगी को परिवार के अन्य सदस्यों या अस्पताल में अन्य मरीजाें से अलग रखें
मरीज के पास जाएं तो नाक-मुंह को मास्क से ढक लें
छींक आने पर मुंह को कपड़े से ढक लें
हाथाें को बार-बार साबुन से धोएं, विशेष कर खाना खाने के बाद
परिवार का कोई सदस्य बाहर से आया है तो उस पर नजर रखें

कैसे फैलता है स्वाइनफ्लू
संक्रमित व्यक्ति की सांस या छींक के माध्यम से यह बीमारी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाती है।

सीएमओ डा. उदयवीर सिंह से दो टूक
सवाल-स्वाइनफ्लू से निपटने के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?
जवाब-10 फरवरी को अपर निदेशक ने बैठक बुलाई है। बैठक में ही व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए जाएंगे। जिले में अभी कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। डाक्टरों के माध्यम से हम नजर रखे हुए हैं।
सवाल-स्वाइनफ्लू की दवाएं जिले में उपलब्ध हैं या नहीं?
जवाब-अपर निदेशक से सूचना आ चुकी है, दस फरवरी को हम दवाएं लेकर आएंगे। इसके बाद सभी अस्पतालों में स्टॉक करा दिया जाएगा।
सवाल-जिला अस्पताल में मरीजों के लिए क्या व्यवस्था की गई हैं?
जवाब-अपर निदेशक से निर्देश मिलने के बाद व्यवस्थाएं की जाएंगी। जिला अस्पताल में अलग से वार्ड रिजर्व किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed