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सिग्नल ठीक करते ट्रेन से कटे दो अफसर
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:31 PM IST
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इकदिल और भरथना के बीच सेंगर नदी पुल पर रेलवे ट्रैक पर फेल
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सिग्नल को ठीक करते समय पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की चपेट में
आकर पीडब्लूएस व ईएसएम की मौत हो गई। काम कर खलासी नदी में कूद गया, जिससे
वह बाल-बाल बच गया।
हादसे की सूचना मिलते ही सहायक मंडल अभियंता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी नेता मौके पर पहुंचे। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उत्तर मध्य रेलवे के टूंडला कानपुर सेक्शन पर इकदिल व भरथना स्टेशन के मध्य शनिवार की रात अचानक सिग्नल फेल हो गया।
रविवार की सुबह सिग्नल ठीक करने के लिए रेलवे के स्थाई पथ पर्यवेक्षक (पीडब्लूएस) विकास कुमार (27) पुत्र सच्चिदानंद निवासी आरा बिहार, विद्युत संकेत अनुरक्षक (ईएसएम) महेंद्र कुमार (25) पुत्र रामकुमार निवासी नोरवा सासाराम बिहार तथा खलासी राजीव कुमार पुत्र जगदीश निवासी रीतौर इकदिल इटावा अन्य स्टाफ के साथ पहुंचे।
तीनों लोग बुआपुर गांव के पास सेंगर नदी के पुल पर खड़े होकर काम करवा रहे थे। तभी तकरीबन 10:55 बजे कानपुर की ओर से आ रही पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के ट्रैक पर आने से पुल पर कहीं भी खड़े होने की जगह न होने से विकास व महेंद्र इटावा की ओर भागे, लेकिन स्पीड में आ रही ट्रेन दोनों को रौंदती हुई निकल गई।
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इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, खलासी राजीव कुमार ने नदी में छलांग लगाकर जान बचाई। हादसे की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम व पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे के सहायक अभियंता उत्कर्ष जायसवाल व एसओ इकदिल श्रीधर सिंह मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया।
इस बीच कर्मचारी नेता राम औतार अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया।
हादसे की सूचना मिलते ही सहायक मंडल अभियंता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी नेता मौके पर पहुंचे। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उत्तर मध्य रेलवे के टूंडला कानपुर सेक्शन पर इकदिल व भरथना स्टेशन के मध्य शनिवार की रात अचानक सिग्नल फेल हो गया।
रविवार की सुबह सिग्नल ठीक करने के लिए रेलवे के स्थाई पथ पर्यवेक्षक (पीडब्लूएस) विकास कुमार (27) पुत्र सच्चिदानंद निवासी आरा बिहार, विद्युत संकेत अनुरक्षक (ईएसएम) महेंद्र कुमार (25) पुत्र रामकुमार निवासी नोरवा सासाराम बिहार तथा खलासी राजीव कुमार पुत्र जगदीश निवासी रीतौर इकदिल इटावा अन्य स्टाफ के साथ पहुंचे।
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तीनों लोग बुआपुर गांव के पास सेंगर नदी के पुल पर खड़े होकर काम करवा रहे थे। तभी तकरीबन 10:55 बजे कानपुर की ओर से आ रही पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के ट्रैक पर आने से पुल पर कहीं भी खड़े होने की जगह न होने से विकास व महेंद्र इटावा की ओर भागे, लेकिन स्पीड में आ रही ट्रेन दोनों को रौंदती हुई निकल गई।
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इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, खलासी राजीव कुमार ने नदी में छलांग लगाकर जान बचाई। हादसे की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम व पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे के सहायक अभियंता उत्कर्ष जायसवाल व एसओ इकदिल श्रीधर सिंह मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया।
इस बीच कर्मचारी नेता राम औतार अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया।