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बारिश के बीच खुले में पड़े तीमारदार
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सैफई (इटावा)। चिकित्सा विश्वविद्यालय में कोरोना मरीजों के तीमारदार बारिश के बीच खुले में पॉलिथीन तानकर पड़े हैं। रैन बसेरा में पहले कोरोना अस्पताल बनाने के कारण तीमारदार वहां जाने से डर रहे हैं।
सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय के रैन बसेरा (तीमारदारों के ठहरने का स्थान) में कोविड-19 अस्पताल बना दिया गया था। बाद में इसे पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया गया। कोरोना अस्पताल बनाने के बाद से तीमारदार रैन बसेरा में ठहरने से डर रहे हैं। दो दिनों से बूंदाबांदी हो रही है। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार खुले में पॉलिथीन तानकर पड़े हैं।
कानपुर देहात के मरीज के तीमारदार विनोद ने बताया कि 14 दिन से उनका मरीज भर्ती है। रैन बसेरा कोविड अस्पताल से दूर है। अस्पताल से कभी भी बुला लिया जाता है, इसलिए अस्पताल के करीब रहते हैं। सीएमओ प्रो. आदेश कुमार ने कहा कि रैन बसेरा से कोविड अस्पताल हटाने के बाद सफाई व सैनिटाइजेशन करा दिया गया है। वहां किसी तरह का संक्रमण नहीं है। तीमारदारों को रैन बसेरा में रहना चाहिए।
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सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय के रैन बसेरा (तीमारदारों के ठहरने का स्थान) में कोविड-19 अस्पताल बना दिया गया था। बाद में इसे पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया गया। कोरोना अस्पताल बनाने के बाद से तीमारदार रैन बसेरा में ठहरने से डर रहे हैं। दो दिनों से बूंदाबांदी हो रही है। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार खुले में पॉलिथीन तानकर पड़े हैं।
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कानपुर देहात के मरीज के तीमारदार विनोद ने बताया कि 14 दिन से उनका मरीज भर्ती है। रैन बसेरा कोविड अस्पताल से दूर है। अस्पताल से कभी भी बुला लिया जाता है, इसलिए अस्पताल के करीब रहते हैं। सीएमओ प्रो. आदेश कुमार ने कहा कि रैन बसेरा से कोविड अस्पताल हटाने के बाद सफाई व सैनिटाइजेशन करा दिया गया है। वहां किसी तरह का संक्रमण नहीं है। तीमारदारों को रैन बसेरा में रहना चाहिए।
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