फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   The water level of Yamuna river is just one meter away from the danger mark.

Etawah News: यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र एक मीटर दूर

Wed, 19 Jul 2023 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Wed, 19 Jul 2023 12:10 AM IST
विज्ञापन
The water level of Yamuna river is just one meter away from the danger mark.
बकेवर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र एक मीटर रह गया है। 24 घंटे में तकरीबन 72 सेंटीमीटर की वृद्धि यमुना नदी के जलस्तर में हुई। इससे यमुना नदी के किनारे के बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन



सोमवार भोर से यमुना के जल स्तर की रफ्तार बढ़ गई थी। जलस्तर मंगलवार को भी लगातार तीन से चार सेमी की रफ्तार से बढ़ता जा रहा। यमुना नदी के जल में हरियाणा के हथिनीकुंड बांध से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को नदी जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ने लगा था। आठ से दस घंटे के बाद फिर जलस्तर की रफ्तार में कमी आने लगी थी।
विज्ञापन

रविवार सुबह से लेकर पूरे दिन तक यह रफ्तार मात्र एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रही। सोमवार शाम तीन बजे 120.10 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया था। 24 घण्टे में जलस्तर करीब 72 सेमी तक बढ़ गया। इस समय यमुना नदी का जलस्तर 4 से 5 सेमी प्रति घंटे के हिसाब से फिर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के यमुना नदी के स्थल प्रभारी अभिषेक कुमार बताते हैं यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में सोमवार को बढ़ोत्तरी हुई। चार सेमी प्रति घंटा है। चेतावनी प्वाइंट 120.92 है, जबकि मंगलवार शाम छह बजे यमुना नदी का जलस्तर चेतावनी प्वाइंट 120.92 को छू गया था। खतरे के निशान 121.92 से जलस्तर मात्र एक मीटर दूर है। जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



चंबल नदी में पानी ज्यादा न होने से राहत
इटावा से लेकर औरैया तक यमुना नदी में बाढ़ आने का दूसरा कारण चंबल नदी के पानी में बाढ़ आने से होता है। चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जब चंबल अपने भंडारण के बाहर होती है। पचनद से चंबल नदी का पानी भरेह क्षेत्र से यमुना नदी में आने लगता है। यमुना नदी में चंबल से आया पानी नीचे की ओर आगे न जाकर उल्टा ऊपर पीछे की ओर ही ढलान के चलते आने लगता है। इससे यमुना नदी में चंबल का पानी आकर यमुना नदी के उल्टे इटावा की तरफ बहता है, जबकि ऊपर से आगरा की तरफ से पहले से ही यमुना में पानी आ रहा होता है। दोनों तरफ का पानी यमुना नदी में बहने से भरेह से लेकर चकरनगर, बकेवर, लवेदी क्षेत्र से उदी तक पानी स्तर बढ़ जाता है और किनारे के गांवों में पानी भरने से डूबने लगते हैं।

कचौरा में तेजी से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, हनुमान मंदिर डूबा

जसवंतनगर। हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी के कारण यमुना के उफान पर आने का असर क्षेत्र में भी दिखने लगा है। दो फीट पानी बढ़ा तो किनारे के गांवों में घुसने लगेगा। सोमवार रात तक यमुना का जल यहां कचौरा घाट पर अपने पेटे में चल रहा था, मगर मंगलवार सुबह से यमुना का पानी ग्रामीण इलाकों के खेतों में पहुंचना शुरू हो गया। सैकड़ों बीघा जमीन बाढ़ में डूब गई। यमुना पुल पार कर स्थित कचौरा हनुमान मंदिर में मंगलवार दोपहर पानी घुस गया और मूर्तियां डूब गईं। फकीरे की मड़ैया, कीरतपुर, कछपुरा, सिरसा आदि गांवों में पानी घुसने की संभावना व्यक्त की गई है। सिरसा गांव के प्रधान राजेश यादव ने बताया कि यमुना का जलस्तर जिस तरह गांव में घुस रहा है। उस तेजी से जल्द ही गांव में पानी घुसेगा। यमुना की बाढ़ पर पैनी दृष्टि है। जसवंतनगर इलाके में चार बाढ़ चौकियां स्थापित कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed