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कच्चे मकान की छत गिरी, बच्ची की मौत

Tue, 19 Oct 2021 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:18 PM IST
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The roof of the kutcha house collapsed, the girl died
उदी। जिले में सोमवार की रात हुई बारिश के दौरान बढ़पुरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुरा रेवाड़ी में हलवाई का काम करने वाले एक शख्स के कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में मां और दो बच्चे दब गए।
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मां और बच्चों के मलबे में दबने से मची चीख पुकार के बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और आधे घंटे मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन बच्ची की मौत हो चुकी थी। घायल मां व बेटे का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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ग्राम पंचायत पुरा रेवाड़ी निवासी लख्खा राम बघेल हरियाणा के गुड़गांव में एक दुकान में हलवाई का काम करते हैं और वहीं रहते हैं। उनकी पत्नी उमा, बेटे शिवा (5) व बेटी अलका (4) के साथ गांव में बने कच्चे मकान में रहती हैं।
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परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात उमा अपने दोनों बच्चों के साथ घर के कमरे में सो रही थीं। रात में हो रही बारिश के दौरान कच्चे मकान के कमरे की छत भरभरा कर गिर गई। उसके मलबे में उमा और दोनों बच्चे दब गए।
उनकी चीख और छत की गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों की नींद खुल गई। वह लोग दौड़कर लख्खा के घर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों का निकालने का काम शुरू किया।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मां और बच्चों को मलबे से बाहर निकाला जा सका। तब तक अलका की मौत हो चुकी थी, जबकि घायल उमा और शिवा को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताई है।
हादसे के सूचना पर बढ़पुरा थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद अलका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पिता के आने का होता रहा इंतजार
अलका का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की शाम घर पहुंच गया। रिश्तेदारों व गांव के लोगों ने शव के आसपास बैठे बिलखते रहे। सभी लोग लख्खा का गुड़गांव से लौटने का इंतजार करते रहे।
देर शाम लख्खा के गांव पहुंचने पर अस्पताल से उमा भी बेटे को लेकर घर पहुंच गई। लख्खा व उमा बेटी के शव से लिपटकर बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने किसी तरह उन लोगों को संभाला। इसके बाग अंतिम संस्कार किया गया।
नहीं मिला पीएम आवास योजना का लाभ
लख्खा परिवार के साथ कच्चे मकान में रहता है। उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पाने के लिए आवेदन किया, लेकिन जांच के बाद उसे अपात्र बता दिया गया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि लख्खा राम व उसकी पत्नी उमा का आधार कार्ड नहीं बना हैं।
उसके मकान का कुछ हिस्सा भी पक्का है। हादसे के बाद मंगलवार को सदर तहसीलदार श्रीराम यादव राजस्व विभाग की टीम के साथ घर पहुंचे। वहां मकान और लख्खा की माली हालत को देखा।
तहसीलदार ने बताया कि बेटी की मौत पर शासन की तरफ से आपदा कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। मकान में हुए नुकसान के एवज में क्षतिपूर्ति भी दिलाई जाएगी।

ग्राम प्रधान से लख्खा का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार कराने को कहा गया है। दस्तावेज तैयार होने के बाद उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का प्रयास किया जाएगा।
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