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Etawah News: बीमारी से अधिक इलाज मिलने की तकलीफ
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इटावा। जिला अस्पताल में मरीजों को इलाज मिलना आसान नहीं है। पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाइन की तकलीफ। इसके बाद ओपीडी के बाहर की भीड़ का सामना। तब कहीं जाकर डॉक्टर का सामना होता है तो बिना पूरी तकलीफ सुने ही हाथों में एक मिनट से भी कम समय में दवा का पर्चा थमा दिया जाता है। फिर दवा काउंटर की लाइन के बाद कहीं जाकर दवा हाथ में आ पाती है। ऐसे में मरीज को डेढ़ से दो घंटे की तकलीफ और बर्दाश्त करनी पड़ जाती है। बताया जाता है कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्ग होरी लाल सोमवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उनके कान में दर्द हो रहा था। रजिस्ट्रेशन की लाइन से लेकर डॉक्टर को दिखाकर दवा पाने तक उन्हें एक से सवा घंटे का समय लग गया। शुक्रवार को 1065, शनिवार को 1097 और सोमवार को 1217 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। गर्मी के साथ जब मरीज बढ़े तो अस्पताल की यह समस्या भी और बढ़ गई है।
चकरनगर के अंशुल चौहान ने बताया कि करीब एक माह से उनके दाहिने कान में तेज दर्द हो रहा है। सुबह 10 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर के सामने लाइन में खड़े हुए। भीड़ अधिक थी, एक घंटे में पर्चा बना। उसके बाद ओपीडी के बाहर भी लाइन लगाई। 11:30 बजे डॉक्टर से मिल सके। एक मिनट में उन्होंने दवा लिखकर जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया।
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नगला फुंदी निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह अपने बेटे आदर्श प्रताप को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचे थे। उसके कान में दर्द के साथ खांसी, जुकाम और बुखार की दिक्कत थी। पर्चा बनवाने के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर लाइन में लग गए। भीड़ बहुत थी, जिससे एक घंटा लग गया। आधा घंटे से ज्यादा समय डॉक्टर तक पहुंचने में लगा। डॉक्टर ने एक मिनट में समस्या जानकर दवा दे दी। कुछ और कहना था लेकिन तभी दूसरा मरीज आ गया।
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बुजुर्ग होरी लाल सोमवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उनके कान में दर्द हो रहा था। रजिस्ट्रेशन की लाइन से लेकर डॉक्टर को दिखाकर दवा पाने तक उन्हें एक से सवा घंटे का समय लग गया। शुक्रवार को 1065, शनिवार को 1097 और सोमवार को 1217 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। गर्मी के साथ जब मरीज बढ़े तो अस्पताल की यह समस्या भी और बढ़ गई है।
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चकरनगर के अंशुल चौहान ने बताया कि करीब एक माह से उनके दाहिने कान में तेज दर्द हो रहा है। सुबह 10 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर के सामने लाइन में खड़े हुए। भीड़ अधिक थी, एक घंटे में पर्चा बना। उसके बाद ओपीडी के बाहर भी लाइन लगाई। 11:30 बजे डॉक्टर से मिल सके। एक मिनट में उन्होंने दवा लिखकर जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया।
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नगला फुंदी निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह अपने बेटे आदर्श प्रताप को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचे थे। उसके कान में दर्द के साथ खांसी, जुकाम और बुखार की दिक्कत थी। पर्चा बनवाने के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर लाइन में लग गए। भीड़ बहुत थी, जिससे एक घंटा लग गया। आधा घंटे से ज्यादा समय डॉक्टर तक पहुंचने में लगा। डॉक्टर ने एक मिनट में समस्या जानकर दवा दे दी। कुछ और कहना था लेकिन तभी दूसरा मरीज आ गया।