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पालतू जानवरों की सुरक्षा में रात भर जागते रहे ग्रामीण
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चकरनगर। छिवरोली गांव में बकरियों पर तेदुएं के हमले की घटना के बाद गांव के लोग अपने-अपने जानवरों की सुरक्षा में रात भर जागते रहे। गांव में अलाव जलाकर तथा आपस में बातचीत करके समय काटा।
सेंच्युुुरी क्षेत्र से सटे होने के कारण अक्सर में गांव के तेंदुएं आदि आ जाते हैं। शनिवार शाम पांच बजे के जंगल से बकरियों को चराकर वापस आते समय तेंदुआ ने हमला करके दो बकरियों को मार डाला था। दो बकरियां जख्मी भी हो गईं थीं। बकरी पालक रामकिशोर ने बताया कि वह शाम को जंगल से बकरियों को चराकर लौट रहा था।
तभी तेंदुएं ने हमला कर दिया। जंगल में तेंदुए की खबर से लोगों में दहशत का माहौल है। वन दरोगा विष्णु पाल सिंह चौहान ने बताया कि घने जंगलों में चरवाहों को नहीं जाना चाहिए।
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सेंच्युुुरी क्षेत्र से सटे होने के कारण अक्सर में गांव के तेंदुएं आदि आ जाते हैं। शनिवार शाम पांच बजे के जंगल से बकरियों को चराकर वापस आते समय तेंदुआ ने हमला करके दो बकरियों को मार डाला था। दो बकरियां जख्मी भी हो गईं थीं। बकरी पालक रामकिशोर ने बताया कि वह शाम को जंगल से बकरियों को चराकर लौट रहा था।
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तभी तेंदुएं ने हमला कर दिया। जंगल में तेंदुए की खबर से लोगों में दहशत का माहौल है। वन दरोगा विष्णु पाल सिंह चौहान ने बताया कि घने जंगलों में चरवाहों को नहीं जाना चाहिए।
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