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शिक्षक से मां बनकर दिया अनाथ बच्चों को सहारा

Sun, 07 Mar 2021 11:23 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 11:23 PM IST
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Supported orphaned children by becoming a teacher to a mother
इटावा। जिले के दतावली प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षिका सीमा यादव दो गरीब और बेसहारा बच्चों की मां बनकर उनका भविष्य बना रही हैं। वह जिले की पहली महिला हैं जिन्होंने सरकार की फॉस्टर केयर योजना के तहत बच्चों को गोद लिया है। अब वह इन बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में दाखिला करवाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने लायक बनाने में जुट गई हैं।
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मूल रूप से आगरा की रहने वाली सीमा के पति एयर फोर्स से रिटायर्ड होने के बाद भरथना के एक बैंक में जॉब कर रहे हैं। सीमा बतौर सहायक अध्यापक दतावली प्राइमरी स्कूल में तैनात हैं। गांव के दो बच्चों को अक्सर स्कूल के आसपास मायूस बैठे देख उन्होंने लोगों से बात की तो पता चला कि माता-पिता के निधन के बाद दोनों भाई बहन अनाथ हो गए। एक बड़ी बहन अपने ससुराल में और उसने दोनों को अपनाने से इनकार कर दिया।
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पड़ोसियों से मिली दो वक्त की रोटी खाकर दोनों बच्चे दिन गुजार रहे हैं। सीमा ने जिला प्रोबेशन कार्यालय से जानकारी लेकर दोनों बच्चों को योजना के तहत गोद लिया। इसमें बेटी 11 साल की और बेटा मनीष 13 साल का है। सीमा दोनों को अपने बेटे के साथ पढ़ाती लिखाती हैं। सीमा ने बताया कि काफी प्रयास के बाद विभाग से योजना के तहत मिलने वाला सहयोग नहीं मिला। अब वह दोनों का वृंदावन के एक बोर्डिंग स्कूल में दाखिला करवा रही हैं ताकी वह अपने पैरों पर खड़े होकर समाज के लिए मिसाल बनें।
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