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‘अमर शहीदों के सपनों का देश अभी तक नहीं बना’
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:32 PM IST
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राजा गंज चौराहे पर बाबा पैलेस में अगस्त क्रांति दिवस पर समारोह को संबोधित करते पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी।
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व राज्यपाल मो. अजीज कुरैशी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में जिन वीर सपूतों ने अपना आज, कल के लिए कुर्बान कर दिया, उन अमर शहीदों के ख्वाबों का हिन्दुस्तान अभी तक नहीं बन पाया। आज संसद के सदनों में जिस तरह से करोड़पति, अरबपति, पूंजीपति लोग पहुंचते जा रहे हैं, उसे देखकर नहीं लगता के ये गांधी और मौलाना के सोच व सपनों का देश है। वह मंगलवार को राजागंज चौराहा स्थित बाबा पैलेस में मौलाना आजाद सामाजिक एकता समिति के तत्वाधान में आयोजित अगस्त क्रांति समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि क्रान्तिकारियों ने अपना बलिदान इसलिए दिया था, कि देश के सभी लोगों को बराबरी का हक मिले। गरीब, मजदूर, किसान सम्मान के साथ खुशहाल जिंदगी जी सके लेकिन सत्ता की कुर्सियां हत्यारों और लुटेरों के हाथों में आती जा रही हैं। हिन्दू-मुसलमानों के बीच खाई बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं। हर मुसलमान को शक की नजर से देखा जा रहा है। जबकि आजादी की लड़ाई सबने मिलकर लड़ी थी। उन्होंने कहा कि मुल्क की गंगा-जमुनी तहजीब की सांझी विरासत खतरे में है। इसे एक दूसरे पर शक करने से नहीं बल्कि परस्पर प्रेम और मुहब्बत करने से ही बचाया जा सकता है।
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उन्होंने समिति के अध्यक्ष जमील कुरैशी का साधुवाद किया कि वे लोगों को जगाने का काम कर रहे हैं। मुख्य वक्ता पूर्व सांसद मो. अदीब ने कहा कि हमें बताना होगा कि हिन्दुस्तान, हिन्दू, मुसलमान नहीं हिन्दुस्तानियों का मुल्क है। कार्यक्रम में हाजी मो. सलीम, जियाउल इस्लाम, सभासद शरद बाजपेई व अजहर फैयाज ने भी विचार रखे। अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन प्रेमचंद जैन ने की। इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष एवं आयोजक जमील कुरैशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आजादी के इतिहास पर तारीखी प्रकाश डाला। सुधीर मिश्र ने समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। संचालन मतीनुद्दीन ने किया। समिति की ओर से 12 गरीब महिलाओं को सिलाई की मशीन दी गई। इस मौके पर मो. इदरीश, शाहनबाज खान, हसीन अख्तर, हाजी इलियास, हाजी इस्माइल, कामिल कुरैशी, शाकिर कुरैशी, रहीस मंसूरी, मो. एजाज, आबिद फ ारुक आदि मौजूद रहे।
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