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टिड्डी से बचाव के लिए करें छिड़काव और गहरी जोताई
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फोटो संख्या 07 जनता कालेज बकेवर, के प्राध्यापकों की टीम नें नगला बनी गॉव के प्रगतिशील किसानों के खे
- फोटो : ETAWHA
जनता कालेज के प्राध्यापकों की टीम ने नगला बनी गांव के प्रगतिशील किसानों के खेतों में टिड्डी की रोकथाम के लिए भ्रमण किया। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए किसानों से बात की। साथ ही टिड्डी के प्रकोप से बचाने के तरीके बताए।
वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि टिड्डी के बाद बलुई भूमि वाले खेतों की गहरी जोताई करें, जिससे टिड्डी के अंडे नष्ट हो जाएं और टिड्डी आने के पूर्व दोमट भूमि में जुताई न करें।
उन्होंने बताया कि किसान भाई खेतों के चारों तरफ गेंदा के पौधे लगाएं। साथ ही खड़ी फसलों में नीम के तेल या गोबर के घोल का छिड़काव करें, जिससे टिड्डी के प्रकोप से फसलों को बचाया जा सकें।
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कालेज के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. संजय विश्वकर्मा ने फेरोमोन ट्रैप और लाईट ट्रैप विधि से टिड्डी के नियंत्रण के बारे में बताया।
वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डॉ. डी. एन. सिंह ने बताया कि टिड्डी का प्रकोप हो तो उसकी रोकथाम के लिए मैलाथियान पाउडर का छिड़काव सुबह के समय में करें अथवा क्लोरीपाइरीफॉस की चार लीटर मात्रा को एक हजार लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने से टिड्डी की सफल रोकथाम करके फसल को बचाया जा सकता है।
इस मौके पर नगला बनी गांव के प्रगतिशील किसान श्री लालाराम दोहरे, विनय कुमार, विद्या सागर, बृजेश सिंह यादव, राधाचरन, अजय पाल सिंह, श्रीमती साधना, रामदेव, शिवराम सिंह, राधेश्याम, कमलेश बाबू, सुनील बाबू, लाखन सिंह व मोहन लाल आदि उपस्थित थे।
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वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि टिड्डी के बाद बलुई भूमि वाले खेतों की गहरी जोताई करें, जिससे टिड्डी के अंडे नष्ट हो जाएं और टिड्डी आने के पूर्व दोमट भूमि में जुताई न करें।
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उन्होंने बताया कि किसान भाई खेतों के चारों तरफ गेंदा के पौधे लगाएं। साथ ही खड़ी फसलों में नीम के तेल या गोबर के घोल का छिड़काव करें, जिससे टिड्डी के प्रकोप से फसलों को बचाया जा सकें।
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कालेज के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. संजय विश्वकर्मा ने फेरोमोन ट्रैप और लाईट ट्रैप विधि से टिड्डी के नियंत्रण के बारे में बताया।
वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डॉ. डी. एन. सिंह ने बताया कि टिड्डी का प्रकोप हो तो उसकी रोकथाम के लिए मैलाथियान पाउडर का छिड़काव सुबह के समय में करें अथवा क्लोरीपाइरीफॉस की चार लीटर मात्रा को एक हजार लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने से टिड्डी की सफल रोकथाम करके फसल को बचाया जा सकता है।
इस मौके पर नगला बनी गांव के प्रगतिशील किसान श्री लालाराम दोहरे, विनय कुमार, विद्या सागर, बृजेश सिंह यादव, राधाचरन, अजय पाल सिंह, श्रीमती साधना, रामदेव, शिवराम सिंह, राधेश्याम, कमलेश बाबू, सुनील बाबू, लाखन सिंह व मोहन लाल आदि उपस्थित थे।