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Etawah News: बढ़ रही धुंध, न चेते तो जिले की हवा खराब करेगी सेहत

Wed, 08 Nov 2023 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Wed, 08 Nov 2023 12:08 AM IST
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Smog is increasing, if we are not careful then the air of the district will spoil our health.
इटावा। दिवाली का त्योहार मनाए जाने से पूर्व कुछ दिनाें से सुबह-शाम आसमान में धुंध की सफेद चादर नजर आने से लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई का स्तर 200 पर पहुंचने से शुद्ध वायु भी हानिकारक होती जा रही है। यदि अब सभी न चेते तो जिले की हवा जल्द ही खराब हो जाएगी।
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सुबह की धुंध से टहलने वाले लोग भी अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में बुजुर्गों ने सुबह का टहलना कम कर दिया है। मंगलवार की दोपहर साढ़े 12 बजे जिला पुरुष अस्पताल की एक्यूआई का स्तर 164 था। इससे समझा जा सकता है कि जिले में एक्यूआई का स्तर और बढ़ सकता है।
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सुबह-शाम आसमानी धुंध की अहम वजह धान की कटाई के बाद खेतों में रोक के बावजूद लगातार पराली जलाना है। सुबह-शाम छाई धुंध से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। जिले का एक्यूआई 200 पहुंच चुका है। मंगलवार को जिला अस्पताल में दोपहर साढ़े 12 बजे एक्यूआई 164 रहा। इम्यूनिटी 40 प्रतिशत रहा।
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डॉ. विकास राजपूत ने सुबह टहलने वाले लोगों को सलाह दी है कि जो रिस्क पर हैं वह सुबह मास्क लगाकर ही टहलने जाएं। किसी प्रकार की कोई परेशानी होने पर नजदीक स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सक से संपर्क करें। लोगों को ठंडे पदार्थ का सेवन करने से भी बचना चाहिए।


पराली जलाने में पर 37 लोगों पर हुई कार्रवाई
प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद पराली जलाए जाने पर जिला प्रशासन की ओर से जिले में 37 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। बावजूद इसके हाईवे के किनारे धान की कटाई के बाद खाली हो चुके खेतों में खड़े धान के ठूंठ को नष्ट करने के लिए किसान सुबह-शाम चोरी छिपे उन्हें थोड़ा-थोड़ा जला रहे हैं। उसका धुंआ आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है।
धुंध फेफड़ों के लिए है नुकसानदायक
जिला अस्पताल के टीबी, सांस एवं छाती के चिकित्सक विकास राजपूत ने बताया कि धुंध फेफड़ों के लिए नुकसानदायक है। खांसी बढ़ जाती है, पुरानी अस्थमा, सांस आदि के मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। सांस फूलने पर बुखार भी आ सकता है। जिन्हें पहले से फेफड़ों की दिक्कतें हैं ऐसे वृद्धजनों व धूम्रपान करने वाले लोगों को सांस की दिक्कत बढ़ जाती है।


शून्य से 50 अंक तक है सबसे शुद्ध वायु
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार, शून्य से लेकर 50 सूचकांक एक्यूआई सबसे शुद्ध है। संतोषजनक वायु 51 से 100 सूचकांक है। लेकिन 200 से 300 तक की एक्यूआई को सबसे खराब सूचकांक की श्रेणी में माना गया है। इससे ऊपर के सूचकांक को बहुत ही खराब श्रेणी में माना गया है।
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