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Etawah News: एससीएसटी एक्ट मामले में छह को तीन साल की सजा
Wed, 26 Jul 2023 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:25 AM IST
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इटावा। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट नंबर दो कुमार प्रशांत ने एक व्यक्ति के साथ घर में घुसकर मारपीट करने व जाति सूचक गालियां देकर अपमानित करने के नौ साल पुराने मामले मेंं दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें तीन-तीन साल की सजा सुनाई। चार-चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न देने पर उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व विशेष लोक अभियोजक रमा कांत चतुर्वेदी ने बताया कि ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव नगला पछायं निवासी ध्यान सिंह कोरी ने आरोप लगाया था कि नौ नवंबर 2014 की सुबह अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। तभी गांव का दबंग बंटी ठाकुर आए और शराब के लिए पैसे मांगने लगा। इन्कार करने पर उसने गाली गलौज कर मारपीट शुरू कर दी।
उसे बचाने के लिए उसकी पत्नी आई तो उसने परिवार के लोगों के साथ मिलकर घर में घुसकर उनके साथ भी मारपीट की। जान से मारने की नियत से उन्होंने तमंचा से फायर भी किया। बाद में गांव के लोगों ने आकर उन्हें बचाया। उसने थाने में शिकायत की तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में उसने कोर्ट का सहारा लिया।
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कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बंटी ठाकुर नरेश सिंह, किशन सिंह, शेरपाल, मुनीम व नीरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। छानबीन के बाद पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने जान से मारने की धमकी व एससीएसटी की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और तीन साल की सजा व चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व विशेष लोक अभियोजक रमा कांत चतुर्वेदी ने बताया कि ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव नगला पछायं निवासी ध्यान सिंह कोरी ने आरोप लगाया था कि नौ नवंबर 2014 की सुबह अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। तभी गांव का दबंग बंटी ठाकुर आए और शराब के लिए पैसे मांगने लगा। इन्कार करने पर उसने गाली गलौज कर मारपीट शुरू कर दी।
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उसे बचाने के लिए उसकी पत्नी आई तो उसने परिवार के लोगों के साथ मिलकर घर में घुसकर उनके साथ भी मारपीट की। जान से मारने की नियत से उन्होंने तमंचा से फायर भी किया। बाद में गांव के लोगों ने आकर उन्हें बचाया। उसने थाने में शिकायत की तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में उसने कोर्ट का सहारा लिया।
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कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बंटी ठाकुर नरेश सिंह, किशन सिंह, शेरपाल, मुनीम व नीरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। छानबीन के बाद पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने जान से मारने की धमकी व एससीएसटी की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और तीन साल की सजा व चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया।