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उम्मीद टूटी तो मौत को गले लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 18 Mar 2015 11:57 PM IST
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इकदिल क्षेत्र के गांव मुरैथा निवासी जागेश्वर दयाल (55) के नाम साढ़े 11 बीघा जमीन है। बड़ी उम्मीद के साथ जागेश्वर ने खेतों पर आलू और सरसों की फसल बोई थी। रोज जब वह लहलहाती फसलों क देखता तो परिवार से कहता कि अबकी बार अच्छी कमाई होगी।
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शनिवार और रविवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने उसके सारे अरमान तोड़ दिए। वह परेशान हो उठे। बुधवार की सुबह शौच के लिए निकले और गांव के बाहर बने कुएं में कूद गए। कुएं में पानी था, जागेश्वर की दम घुटने से मौत हो गी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका।
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मृतक के भाई पातीराम ने बताया कि फसल बर्बाद होने से जागेश्वर परेशान चल रहे थे। परिवार पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर था। किसान बड़ी बेटी रूबी की शादी कर चुका है। बेटा महेंद्र (18) व नितिन (7) वर्ष के साथ पत्नी व 12 वर्षीय बेटी लवली है। थानाध्यक्ष इकदिल दिनेशचंद्र शर्मा ने कहा कि फसल बर्बाद होने के कारण किसान परेशान था। इसी के चलते उसने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली है।
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