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Etawah News: अपात्राें को लाभ पहुंचाने में दो खंड प्रेरक की सेवाएं समाप्त
Thu, 27 Jul 2023 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 27 Jul 2023 12:02 AM IST
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- महेवा की खंड प्रेरक मीनाक्षी चौहान और बसरेहर के खंड प्रेरक केशव दयाल पर डीएम की संस्तुति के बाद की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बसरेहर और महेवा ब्लाक में तैनात खंड प्रेरकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। दोनों पर अपात्रों को लाभ पहुंचाने और गलत रिपोर्ट प्रेषित करने की शिकायत पर जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम की संस्तुति पर कार्रवाई की गई है।
सीडीओ ने एक शिकायत पर 13 मार्च को महेवा की ग्राम पंचायत नागरी लोलपुर का निरीक्षण किया था। इसमें 2022-23 में आवंटित 27 व्यक्तिगत शौचालयों की स्थिति देखी गई। इसमें 11 अपात्रों के पास योजना का लाभ मिला। जांच में पता चला कि इस सूची को खंड प्रेरक की ओर से तैयार कराया गया था। साथ ही प्रमाणित भी किया था। वहीं जांच में पता चला कि दो व्यक्तियों को शौचालय निर्माण के लिए छह हजार रुपये की दर से प्रथम किस्त लाभाथीर् को दिए जाने के बावजूद उन्होंने निर्माण नहीं कराया। कागजों में दोनों की ओर शौचालयों का निर्माण कराए जाने की रिपोर्ट देते हुए उन्हें दूसरी किस्त भी भिजवा दी गई। इनकी मॉनीटरिंग न हो सके। इसलिए उसकी जियो टैगिंग भी नहीं कराई गई। 2021 में मीनाक्षी ने इस पद पर रहते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा जो नियमानुसार गलत है। वह इस बीच मानदेय भी लेती रहीं। विधानसभा चुनाव में भी शासकीय पद पर रहने के दौरान राजनीतिक पार्टियों का प्रचार करने की शिकायत पर जांच में पुष्टि होने पर भी मीनाक्षी चौहान को नोटिस जारी किया गया था। इस पर खंड प्रेरक से स्पष्टीकरण लिया गया था, लेकिन वह उसमें सही जानकारी नहीं दे सकीं। उन्हें चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। इस पर 31 मई को को जिला स्वच्छता समिति की बैठक में मीनाक्षी चौहान की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस पर डीएम ने अनुमोदन कर दिया है। उधर, बसरेहर के केशव दयाल पर स्वच्छता अभियान के तहत कराए गए कार्य अपने मनचाहे ठेकेदार को प्रधान और सचिव पर दबाव दिलाने की जांच में पुष्टि हुई। साथ ही मूंज में बने शौचालयों की फर्जी जियो टैगिंग की भी बात सामने आई। कई अन्य अनियमित्ताएं भी पाए जाने पर सेवाएं समाप्त की गई हैं। सीडीओ प्रणता ऐश्वार्या ने बताया कि दोनों की सेवाएं समाप्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई थी।
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इटावा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बसरेहर और महेवा ब्लाक में तैनात खंड प्रेरकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। दोनों पर अपात्रों को लाभ पहुंचाने और गलत रिपोर्ट प्रेषित करने की शिकायत पर जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम की संस्तुति पर कार्रवाई की गई है।
सीडीओ ने एक शिकायत पर 13 मार्च को महेवा की ग्राम पंचायत नागरी लोलपुर का निरीक्षण किया था। इसमें 2022-23 में आवंटित 27 व्यक्तिगत शौचालयों की स्थिति देखी गई। इसमें 11 अपात्रों के पास योजना का लाभ मिला। जांच में पता चला कि इस सूची को खंड प्रेरक की ओर से तैयार कराया गया था। साथ ही प्रमाणित भी किया था। वहीं जांच में पता चला कि दो व्यक्तियों को शौचालय निर्माण के लिए छह हजार रुपये की दर से प्रथम किस्त लाभाथीर् को दिए जाने के बावजूद उन्होंने निर्माण नहीं कराया। कागजों में दोनों की ओर शौचालयों का निर्माण कराए जाने की रिपोर्ट देते हुए उन्हें दूसरी किस्त भी भिजवा दी गई। इनकी मॉनीटरिंग न हो सके। इसलिए उसकी जियो टैगिंग भी नहीं कराई गई। 2021 में मीनाक्षी ने इस पद पर रहते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा जो नियमानुसार गलत है। वह इस बीच मानदेय भी लेती रहीं। विधानसभा चुनाव में भी शासकीय पद पर रहने के दौरान राजनीतिक पार्टियों का प्रचार करने की शिकायत पर जांच में पुष्टि होने पर भी मीनाक्षी चौहान को नोटिस जारी किया गया था। इस पर खंड प्रेरक से स्पष्टीकरण लिया गया था, लेकिन वह उसमें सही जानकारी नहीं दे सकीं। उन्हें चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। इस पर 31 मई को को जिला स्वच्छता समिति की बैठक में मीनाक्षी चौहान की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस पर डीएम ने अनुमोदन कर दिया है। उधर, बसरेहर के केशव दयाल पर स्वच्छता अभियान के तहत कराए गए कार्य अपने मनचाहे ठेकेदार को प्रधान और सचिव पर दबाव दिलाने की जांच में पुष्टि हुई। साथ ही मूंज में बने शौचालयों की फर्जी जियो टैगिंग की भी बात सामने आई। कई अन्य अनियमित्ताएं भी पाए जाने पर सेवाएं समाप्त की गई हैं। सीडीओ प्रणता ऐश्वार्या ने बताया कि दोनों की सेवाएं समाप्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई थी।
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