{"_id":"60a698a98ebc3e14c323845e","slug":"seek-consultation-with-doctors-of-saifai-university-from-e-sanjeevani-app-etawha-news-knp629482427","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-संजीवनी एप से सैफई विवि के चिकित्सकों से घर बैठे लें परामर्श","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-संजीवनी एप से सैफई विवि के चिकित्सकों से घर बैठे लें परामर्श
विज्ञापन
सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों के इलाज को और सुगम बनाने के लिए ई-संजीवनी एप के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा। हर सप्ताह सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक ई-संजीवनी ओपीडी का संचालन होगा। घर बैठे इस सेवा का लाभ लेने के लिए मरीज को मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर से ई-संजीवनी ओपीडी एप डाउनलोड करना होगा। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने दी।
उन्होंने बताया कि अब तक टेलीमेडिसिन ओपीडी में मरीजों को संबंधित फोन नंबरों पर बातचीत कर चिकित्सीय परामर्श की सुविधा दी जा रही थी। अब मरीज वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी समस्या बताकर चिकित्सक से बेहतर परामर्श ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की वजह से मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह एप काफी मददगार साबित होगा।
ई-संजीवनी प्रभारी डॉ. अमित कांत सिंह ने बताया कि मरीज को पूरे प्रदेश में परामर्श के लिए चिकित्सकों की सूची ई-संजीवनी एप पर दिखेगी। उसी समय मरीज को परामर्श लेने के लिए ऑनलाइन टोकन नंबर दिया जाएगा। ऑनलाइन टोकन नंबर परामर्श के लिए उपलब्ध चिकित्सक के पास भी जाएगा। इसके बाद रोगी संबंधित चिकित्सक से परामर्श ले सकेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मरीज एप पर जाकर अपनी जांच रिपोर्ट भी अपलोड कर सकेंगे। इसे देखकर चिकित्सक और भी बेहतर परामर्श दें सकेंगे। यही नहीं चिकित्सक से परामर्श के बाद मरीज डॉक्टर का पर्चा भी डाउनलोड कर सकेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अब तक टेलीमेडिसिन ओपीडी में मरीजों को संबंधित फोन नंबरों पर बातचीत कर चिकित्सीय परामर्श की सुविधा दी जा रही थी। अब मरीज वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी समस्या बताकर चिकित्सक से बेहतर परामर्श ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की वजह से मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यह एप काफी मददगार साबित होगा।
विज्ञापन
ई-संजीवनी प्रभारी डॉ. अमित कांत सिंह ने बताया कि मरीज को पूरे प्रदेश में परामर्श के लिए चिकित्सकों की सूची ई-संजीवनी एप पर दिखेगी। उसी समय मरीज को परामर्श लेने के लिए ऑनलाइन टोकन नंबर दिया जाएगा। ऑनलाइन टोकन नंबर परामर्श के लिए उपलब्ध चिकित्सक के पास भी जाएगा। इसके बाद रोगी संबंधित चिकित्सक से परामर्श ले सकेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मरीज एप पर जाकर अपनी जांच रिपोर्ट भी अपलोड कर सकेंगे। इसे देखकर चिकित्सक और भी बेहतर परामर्श दें सकेंगे। यही नहीं चिकित्सक से परामर्श के बाद मरीज डॉक्टर का पर्चा भी डाउनलोड कर सकेंगे।