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साथिया केंद्र में शंका लेकर आएं, समाधान पाएं
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इटावा। किशोरावस्था बदलाव का दौर होता है। इसमें शारीरिक व मानसिक बदलाव होते हैं। उत्सुकता व दिक्कतों के समुचित समाधान के लिए संयुक्त जिला अस्पताल में दो साथिया केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पुरुष अस्पताल में किशोरों व महिला अस्पताल में किशोरियों के लिए अलग-अलग साथिया केंद्र संचालित हो रहे हैं। अप्रैल से अब तक 4023 किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग की जा चुकी है। इनमें 1674 किशोर व 2349 किशोरियां शामिल हैं।
जिला पुरुष अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएम आर्या ने बताया कि किशोरावस्था में शारीरिक व मानसिक बदलाव तेजी से होते हैं। किशोर- किशोरी यौन, मानसिक व व्यावहारिक रूप से परिपक्व होने लगते हैं।
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ऐसे में उनके मन में अनसुलझे सवाल, शंकाएं व जिज्ञासा होती हैं। इनके समाधान के लिए साथिया केंद्र प्रमुख भूमिका निभा रहा है। काउंसलर निखिल ने बताया कि अप्रैल 2021 से अब तक 1674 किशोरों ने साथिया केंद्र पर अपनी समस्याओं के संदर्भ में नि:शुल्क काउंसलिंग ली।
साथिया केंद्र पर किशोर पोषण, यौन दिक्कत, नशावृत्ति, निराशा, मानसिक तनाव व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं। अपने मन की बात बताते हैं।
जिला महिला अस्पताल की साथिया केंद्र की काउंसलर प्रेमलता ने बताया कि अप्रैल 2021 से अब तक 2349 किशोरियों की काउंसलिंग कर चुके हैं।
उनका कहना था कि किशोरियां अपनी समस्याएं अक्सर किसी से नहीं बता पाती हैं, लिहाजा समस्या बढ़ जाती हैं। केंद्र पर आने वाली किशोरियां पहली और दूसरी बार में संकोचवश बहुत सी बातें बता नहीं पाती हैं, लेकिन काउंसलिंग के दौरान वह खुल कर बात करती हैं।
17 वर्षीया अंजली ने बताया कि मुझे माहवारी संबंधी समस्या की वजह से तनाव में रहते थे। साथिया केंद्र पर आकर निशुल्क काउंसलिंग का लाभ लेने के बाद समस्याओं का समाधान हो गया।
आज पूरी तरह से स्वस्थ हूं, इसीलिए सभी किशोरियों से यही कहना चाहती हूं, किसी भी तरह की कोई समस्या होने पर जिला अस्पताल आकर निशुल्क काउंसलिंग का लाभ लें।
15 वर्षीय सत्यम ने बताया कि साथिया केंद्र पर जब गया तो बहुत ही निराशाजनक स्थिति में थे। काउंसलर निखिल से पोषण संबंधित उचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अब पहले से मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
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पुरुष अस्पताल में किशोरों व महिला अस्पताल में किशोरियों के लिए अलग-अलग साथिया केंद्र संचालित हो रहे हैं। अप्रैल से अब तक 4023 किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग की जा चुकी है। इनमें 1674 किशोर व 2349 किशोरियां शामिल हैं।
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जिला पुरुष अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएम आर्या ने बताया कि किशोरावस्था में शारीरिक व मानसिक बदलाव तेजी से होते हैं। किशोर- किशोरी यौन, मानसिक व व्यावहारिक रूप से परिपक्व होने लगते हैं।
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ऐसे में उनके मन में अनसुलझे सवाल, शंकाएं व जिज्ञासा होती हैं। इनके समाधान के लिए साथिया केंद्र प्रमुख भूमिका निभा रहा है। काउंसलर निखिल ने बताया कि अप्रैल 2021 से अब तक 1674 किशोरों ने साथिया केंद्र पर अपनी समस्याओं के संदर्भ में नि:शुल्क काउंसलिंग ली।
साथिया केंद्र पर किशोर पोषण, यौन दिक्कत, नशावृत्ति, निराशा, मानसिक तनाव व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं। अपने मन की बात बताते हैं।
जिला महिला अस्पताल की साथिया केंद्र की काउंसलर प्रेमलता ने बताया कि अप्रैल 2021 से अब तक 2349 किशोरियों की काउंसलिंग कर चुके हैं।
उनका कहना था कि किशोरियां अपनी समस्याएं अक्सर किसी से नहीं बता पाती हैं, लिहाजा समस्या बढ़ जाती हैं। केंद्र पर आने वाली किशोरियां पहली और दूसरी बार में संकोचवश बहुत सी बातें बता नहीं पाती हैं, लेकिन काउंसलिंग के दौरान वह खुल कर बात करती हैं।
17 वर्षीया अंजली ने बताया कि मुझे माहवारी संबंधी समस्या की वजह से तनाव में रहते थे। साथिया केंद्र पर आकर निशुल्क काउंसलिंग का लाभ लेने के बाद समस्याओं का समाधान हो गया।
आज पूरी तरह से स्वस्थ हूं, इसीलिए सभी किशोरियों से यही कहना चाहती हूं, किसी भी तरह की कोई समस्या होने पर जिला अस्पताल आकर निशुल्क काउंसलिंग का लाभ लें।
15 वर्षीय सत्यम ने बताया कि साथिया केंद्र पर जब गया तो बहुत ही निराशाजनक स्थिति में थे। काउंसलर निखिल से पोषण संबंधित उचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अब पहले से मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।