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आफत भरी बारिश ने जीना किया दुश्वार, कच्चे मकानों की आई शामत
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इटावा। लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जगह-जगह जलभराव की समस्या है। कच्चे घरों में रहने वाले भी परेशान हैं। ताखा और जसवंतनगर में कई जगह घर और दीवारें गिर गईं।
ताखा में बारिश के दौरान सोमवार सुबह बेवाह-चौपुला मार्ग पर ग्राम रतहरी के पास आम का पेड़ गिरने से रास्ता जाम हो गया। इसके कारण लोग परेशान रहे। बारिश में कई मकान धराशायी हो गए। ग्राम बछरोई में शिवनंद का कच्चा मकान ढहने से गृहस्थी बर्बाद हो गई। परिषदीय विद्यालय की दीवार गिर गई। नगला बड़ा स्थित जाहरवीर गोगाजी के मंदिर की दीवार गिर गई। बम्हनीपुर में राजेश कुमार के घर की दीवार गिर गई। उनकी पुत्री काव्या घायल हो गईं।
नगला लछी में विनय कुमार बाथम का कच्चा मकान गिरने से गृहस्थी का सामान दब गया। उधर जसवंतनगर में क्षेत्र में बारिश होने से निलोई, परसौआ होकर सैफई जाने वाली पक्की रोड पर जलभराव हो गया। इसके कारण नगला निहाल, नगला नरिया, परसौआ, नगला गड़रियान व शाहजहांपुर आदि गांवों के लोग परेशान रहे। आलमपुर के कब्रिस्तान में भी जलभराव हो गया। बकेवर में इंगुर्री में हरनाम सिंह का मकान गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।
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मैनपुरी अंडरपास पर जलभराव होने की वजह से सैफई जाने वाले हजारों लोगों को करीब दो से तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। रविवार रात नौ बजे मूसलाधार बारिश के दौरान सैफई की ओर जा रहा कार चालक जलभराव में फंस गया। उसकी कार पलट गई। जानकारी मिलते ही नगर पालिका कर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे धंसा
ताखा क्षेत्र से होकर गुजरे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बारिश के दौरान चित्रकूट की ओर से आने वाली सड़क करीब दस किलोमीटर के दायरे में जगह- जगह धंस गई। गहरे गड्डे होने से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
24 गांवों की बिजली रही गुल
निबाड़ीकला। कई दिनों से हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। रविवार शाम मूसलाधार बारिश से निबाड़ीकला बिजली घर की बिजली आपूर्ति शाम सात बजे ठप हो गई। इससे जुड़े 24 गांवों की बिजली आपूर्ति गुल रही। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सेंगर नदी के किनारे तीन पोल गिरने से पोल गिरने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। (संवाद)
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
भरथना/ताखा/ बकेवर। बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है। रविवार शाम को हुई तेज बारिश से धान, बाजरा, सब्जी के खेत पानी से भर चुके हैं। फसलों की बर्बादी देखकर किसान परेशान हैं।
गांव नगला हरलाल निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि तीन बीघा में टमाटर की फसल थी। बारिश से खेत जलमग्न होने से बड़ा नुकसान हुआ है। पुराना भरथना निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि ढाई बीघा खेत में बैंगन व धनिया डूब गई है। कुंअरा के शेष कुमार ओझा ने 30 बीघा धान व योगेंद्र प्रसाद दुबे ने 25 बीघा धान की फसल खराब होने की बात कही हैं।
ताखा के तिवटिया निवासी किसान गिरंद कुमार ने बताया उनकी सात बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। 10 से 15 दिन बाद धान की फसल काटने की तैयारी में थे। राकेश बाथम ने बताया कि धान की बाली निकलने तक निजी नलकूपों से करीब सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति घंटा देकर सिंचाई करवाई थी। बारिश ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा।
उधर बकेवर में करीब 70 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान हुआ है। ग्राम ईकरी निवासी सर्वेश कुमार तिवारी का कहना है 50 बीघा खेत में धान की रोपाई की थी। बारिश की वजह से फसलों की लागत निकालना तक मुश्किल है।
आलू की बुआई होगी लेट, बाजरा में लगा रोग
इकदिल/ चकरनगर। इकदिल में किसान प्रेम नारायण त्रिपाठी ने बताया कि आलू और लहसुन की बुआई नवरात्र में शुरू हो जाती थी। अब बारिश की वजह से एक महीना लेट हो जाएगी। ग्राम नगला पीते के किसान बंटू शर्मा ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी 20 बीघा धान की फसल पूरी बर्बाद हो गई है।
वहीं चकरनगर क्षेत्र के बाजरा उत्पादक किसान परेशान हैं। बाजरा में कंडवा और सूड़ी रोग फैलने लगा है। इस वजह से फसल काली पड़ गई है, टूटकर गिर भी रही है।
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ताखा में बारिश के दौरान सोमवार सुबह बेवाह-चौपुला मार्ग पर ग्राम रतहरी के पास आम का पेड़ गिरने से रास्ता जाम हो गया। इसके कारण लोग परेशान रहे। बारिश में कई मकान धराशायी हो गए। ग्राम बछरोई में शिवनंद का कच्चा मकान ढहने से गृहस्थी बर्बाद हो गई। परिषदीय विद्यालय की दीवार गिर गई। नगला बड़ा स्थित जाहरवीर गोगाजी के मंदिर की दीवार गिर गई। बम्हनीपुर में राजेश कुमार के घर की दीवार गिर गई। उनकी पुत्री काव्या घायल हो गईं।
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नगला लछी में विनय कुमार बाथम का कच्चा मकान गिरने से गृहस्थी का सामान दब गया। उधर जसवंतनगर में क्षेत्र में बारिश होने से निलोई, परसौआ होकर सैफई जाने वाली पक्की रोड पर जलभराव हो गया। इसके कारण नगला निहाल, नगला नरिया, परसौआ, नगला गड़रियान व शाहजहांपुर आदि गांवों के लोग परेशान रहे। आलमपुर के कब्रिस्तान में भी जलभराव हो गया। बकेवर में इंगुर्री में हरनाम सिंह का मकान गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया।
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मैनपुरी अंडरपास पर जलभराव होने की वजह से सैफई जाने वाले हजारों लोगों को करीब दो से तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। रविवार रात नौ बजे मूसलाधार बारिश के दौरान सैफई की ओर जा रहा कार चालक जलभराव में फंस गया। उसकी कार पलट गई। जानकारी मिलते ही नगर पालिका कर्मियों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे धंसा
ताखा क्षेत्र से होकर गुजरे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बारिश के दौरान चित्रकूट की ओर से आने वाली सड़क करीब दस किलोमीटर के दायरे में जगह- जगह धंस गई। गहरे गड्डे होने से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
24 गांवों की बिजली रही गुल
निबाड़ीकला। कई दिनों से हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। रविवार शाम मूसलाधार बारिश से निबाड़ीकला बिजली घर की बिजली आपूर्ति शाम सात बजे ठप हो गई। इससे जुड़े 24 गांवों की बिजली आपूर्ति गुल रही। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सेंगर नदी के किनारे तीन पोल गिरने से पोल गिरने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। (संवाद)
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
भरथना/ताखा/ बकेवर। बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है। रविवार शाम को हुई तेज बारिश से धान, बाजरा, सब्जी के खेत पानी से भर चुके हैं। फसलों की बर्बादी देखकर किसान परेशान हैं।
गांव नगला हरलाल निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि तीन बीघा में टमाटर की फसल थी। बारिश से खेत जलमग्न होने से बड़ा नुकसान हुआ है। पुराना भरथना निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि ढाई बीघा खेत में बैंगन व धनिया डूब गई है। कुंअरा के शेष कुमार ओझा ने 30 बीघा धान व योगेंद्र प्रसाद दुबे ने 25 बीघा धान की फसल खराब होने की बात कही हैं।
ताखा के तिवटिया निवासी किसान गिरंद कुमार ने बताया उनकी सात बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। 10 से 15 दिन बाद धान की फसल काटने की तैयारी में थे। राकेश बाथम ने बताया कि धान की बाली निकलने तक निजी नलकूपों से करीब सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति घंटा देकर सिंचाई करवाई थी। बारिश ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा।
उधर बकेवर में करीब 70 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान हुआ है। ग्राम ईकरी निवासी सर्वेश कुमार तिवारी का कहना है 50 बीघा खेत में धान की रोपाई की थी। बारिश की वजह से फसलों की लागत निकालना तक मुश्किल है।
आलू की बुआई होगी लेट, बाजरा में लगा रोग
इकदिल/ चकरनगर। इकदिल में किसान प्रेम नारायण त्रिपाठी ने बताया कि आलू और लहसुन की बुआई नवरात्र में शुरू हो जाती थी। अब बारिश की वजह से एक महीना लेट हो जाएगी। ग्राम नगला पीते के किसान बंटू शर्मा ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी 20 बीघा धान की फसल पूरी बर्बाद हो गई है।
वहीं चकरनगर क्षेत्र के बाजरा उत्पादक किसान परेशान हैं। बाजरा में कंडवा और सूड़ी रोग फैलने लगा है। इस वजह से फसल काली पड़ गई है, टूटकर गिर भी रही है।