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बगावत की राह पर निकले रघुराज
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 25 Jan 2017 11:26 PM IST
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राजनीति
- फोटो : प्रतीकात्मक
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जिले में विधानसभा चुनाव में सपा में दूसरी बार इटावा विधानसभा सीट पर सिटिंग एमएलए के बगावती तेवर देखने को मिल रहे हैं। दिवंगत महेंद्र सिंह राजपूत के बाद निवर्तमान एमएलए रघुराज सिंह शाक्य ने ऐसे संकेत दे दिए हैं। रघुराज और उनकी पत्नी सीमा शाक्य के नाम से बुधवार को नामांकन पत्र लिया गया। इससे ये तय हो गया है कि वे इटावा सीट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। अब दल कौन सा होगा, इसकी भूमिका लखनऊ में बंध रही है। रघुराज खेमे के लोग अंदर ही अंदर तैयारियां करने में जुटे हैं लेकिन पत्ते नहीं खोल रहे हैं। नजदीकी सूत्रों के मुताबिक 26-27 जनवरी तक सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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रघुराज सिंह शाक्य इटावा लोकसभा सीट सुरक्षित होने से पहले लगातार दो बार सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2012 के चुनाव में पहली बार विधानसभा चुनाव लडे़। रघुराज को 37.37 प्रतिशत मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और सपा से ही बगावत कर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े स्व. महेंद्र सिंह राजपूत को 34.25 प्रतिशत मत मिले। इस बार इटावा सीट से उनका टिकट कटने से उनके समर्थकों में निराशा छा गई। उन्हाेंने रघुराज पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया। अभी तक पर्दे के पीछे चल रही तैयारियों का एक रूप सामने आ गया। बुधवार को रघुराज और उनकी पत्नी के नाम नामांकन पत्र लेने से चर्चाओं को और बल मिला। आने वाले एक दो दिन में इटावा विधानसभा सीट के लिए समीकरण काफी उतार चढ़ाव वाले साबित हो सकते हैं। सपा के लिए ये दूसरा मौका होगा जब उनका ही बागी सपा का मुकाबला कर रहा हो। इसी तरह से महेंद्र सिंह राजपूत ने सपा से विधायक रहते हुए वर्ष 2009 में बगावत की थी। अब 2017 के चुनाव में रघुराज भी बगावत का झंडा लेकर मैदान में आने की तैयारी में है।
ये है ताकत
रघुराज के साथ सबसे बड़ी ताकत उनके सजातीय मतदाता हैं। इटावा विधानसभा क्षेत्र में 11 प्रतिशत यादव, 10 प्रतिशत शाक्य और 8 प्रतिशत मुस्लिम का समीकरण सपा के लिए सबसे मुफीद रहता था। वहीं लगभग 11 प्रतिशत शाक्य मतदाता जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में है। इसका लाभ भी जसवंतनगर में सपा को मिलता था। अपने सजातीय मतदाताओं की ताकत और अन्य समर्थकों के बूते पर रघुराज ने फिर से चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया है।
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ये है ताकत
रघुराज के साथ सबसे बड़ी ताकत उनके सजातीय मतदाता हैं। इटावा विधानसभा क्षेत्र में 11 प्रतिशत यादव, 10 प्रतिशत शाक्य और 8 प्रतिशत मुस्लिम का समीकरण सपा के लिए सबसे मुफीद रहता था। वहीं लगभग 11 प्रतिशत शाक्य मतदाता जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में है। इसका लाभ भी जसवंतनगर में सपा को मिलता था। अपने सजातीय मतदाताओं की ताकत और अन्य समर्थकों के बूते पर रघुराज ने फिर से चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया है।
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