{"_id":"5da373038ebc3e93a45fdba8","slug":"problem-etawha-news-knp519503358","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव के किनारे फेंके 26 सांड़ों के शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव के किनारे फेंके 26 सांड़ों के शव
विज्ञापन
मौके पर मौजूद एसडीएम ज्योत्सना बंधु व अन्य अधिकारी
- फोटो : ETAWHA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के तहत कचौरा बाईपास नहर के पटरी पर रविवार को 26 सांड़ मृत अवस्था पड़े मिले। इन्हें देखकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची एसडीएम के आदेश पर उनका पोस्टमार्टम कराया गया। सभी के मुंह बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। पुलिस ने सभी सांड़ों को दफना दिया। प्रधान के पति की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
रविवार की सुबह नहर की पटरी से गुजरते वक्त प्रधान जगसौरा के पति सदानंद मिश्रा ने इन मृत सांड़ों को देखा। उन्होंने जसवंतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार को सूचना दी।
कुछ देर बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर उत्तम सिंह, तहसीलदार रामानुज, अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह भी घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर एसडीएम जसवंतनगर ज्योत्सनाबंधु ने मौके पर जाकर उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सदर इटावा डा. अनिल कंसल के नेतृत्व में तीन पशु चिकित्सकों व पैरामेडिकल टीम बनवाकर सांड़ों का पोस्टमार्टम करवाया।
विज्ञापन
बाद में पुलिस ने तीन जेसीबी मशीनें मंगवाई। चार घंटे कवायद के बाद सभी मृत सांड़ों को गड्ढा खोदकर उसमें नमक डालकर दफना दिया गया।
डा अनिल कंसल ने बताया कि सांड़ों की मौत करीब 48 से 72 घंटे पूर्व दम घुटने से हुई है। सभी के मुंह बंधे हुए थे। सुनील जगसौरा का कहना है उनका पुत्र इस रास्ते से जा रहा था। तभी उसने गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी थी कि बड़ी संख्या में सांड़ मरे पड़े हैं। जिनसे बदबू आ रही है। इसी प्रकार ठेकेदार रणवीर सिंह प्रतापपुरा ने भी बताया कि वह जगसौरा में ठेकेदारी का काम करा रहे थे।
नहर की पटरी से गुजरते समय उन्होंने सांड़ों को देखा। आसपास बदबू फैली हुई थी। इससे आशंका है कि दो तीन दिन पहले उनकी मौत हुई होगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह ने बताया कि प्रधान पति जगसौरा सदानंद मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सांड़ों की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। ग्रामीण पुलिस गश्त पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
विज्ञापन
रविवार की सुबह नहर की पटरी से गुजरते वक्त प्रधान जगसौरा के पति सदानंद मिश्रा ने इन मृत सांड़ों को देखा। उन्होंने जसवंतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार को सूचना दी।
विज्ञापन
कुछ देर बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर उत्तम सिंह, तहसीलदार रामानुज, अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह भी घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर एसडीएम जसवंतनगर ज्योत्सनाबंधु ने मौके पर जाकर उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सदर इटावा डा. अनिल कंसल के नेतृत्व में तीन पशु चिकित्सकों व पैरामेडिकल टीम बनवाकर सांड़ों का पोस्टमार्टम करवाया।
विज्ञापन
बाद में पुलिस ने तीन जेसीबी मशीनें मंगवाई। चार घंटे कवायद के बाद सभी मृत सांड़ों को गड्ढा खोदकर उसमें नमक डालकर दफना दिया गया।
डा अनिल कंसल ने बताया कि सांड़ों की मौत करीब 48 से 72 घंटे पूर्व दम घुटने से हुई है। सभी के मुंह बंधे हुए थे। सुनील जगसौरा का कहना है उनका पुत्र इस रास्ते से जा रहा था। तभी उसने गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी थी कि बड़ी संख्या में सांड़ मरे पड़े हैं। जिनसे बदबू आ रही है। इसी प्रकार ठेकेदार रणवीर सिंह प्रतापपुरा ने भी बताया कि वह जगसौरा में ठेकेदारी का काम करा रहे थे।
नहर की पटरी से गुजरते समय उन्होंने सांड़ों को देखा। आसपास बदबू फैली हुई थी। इससे आशंका है कि दो तीन दिन पहले उनकी मौत हुई होगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह ने बताया कि प्रधान पति जगसौरा सदानंद मिश्रा की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सांड़ों की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। ग्रामीण पुलिस गश्त पर सवाल खड़े कर रहे हैं।