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कुर्बानी के पैसे जमा कराए जाने का विरोध

Sat, 14 Mar 2015 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sat, 14 Mar 2015 11:58 PM IST
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Opposed to sacrifice money be submitted

केंद्रीय हज समिति ने हाजियों से कुर्बानी के लिए पहले से पैसा जमा कराने संबंधी सेंट्रल हज कमेटी के के फैसले पर एतराज जताया है। इस मुद्दे में उलमा ने कहा कि हज के अरकान शरीयत के मुताबिक अदा किए जाते हैं। हज तीन तरीके के होते हैं।

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हज्जे इफराद में एहराम बांधने पर कुर्बानी वाजिब नहीं होती है। कुर्बानी भी हज के दौरान शैतान को कंकड़ी के बाद की जाती है। पहले पैसा जमा करने के बाद कमेटी कभी भी कुर्बानी करा देगी। प्रदेश हज समिति के सदस्य फुरकान अहमद के आवास पर उलमा प्रेस कांफ्रेंस को खिताब कर रहे थे।
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चीफ मास्टर ट्रेनर मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि पिछले साल हज कमेटी ने हाजियों को मदीने में रहने के दौरान खाना दिया था। खाने की क्वालिटी बहुत खराब होने पर शिकायत की गई थी। इस बार फिर उसी कंपनी को ठेका दे दिया गया।
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हाजियों को लाने, ले जाने के लिए जिस ट्रांसपोर्ट कंपनी को ठेका दिया है, उसकी दो बसों में पहले आग भी लग चुकी है। मौलाना ने कहा कि सेंट्रल हज कमेटी ने स्टेट हज कमेटी से कोई राय भी नहीं ली। उन्होंने बताया कि हज किरान, हज इफराद और हज तमत्तो होते हैं।


इसमें हज इफराद में कुर्बानी नहीं होती है। हज तमत्तो में गरीब लोग कुर्बानी न कराकर रोजे रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सेंट्रल हज कमेटी हाजियों से सूटकेस देने के पैसे ले रही है। इन सबके खिलाफ हट कमेटी के सीईओ से मिलकर विरोध जताया गया है।

इसके अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी पत्र भेजा गया है।
इस मौके पर इमाम ईदगाह मौलाना कमालुद्दीन, मौलाना जाहिद रजा, मौलाना तारिक शमसी, हाफिज मुहम्मद अहमद, हाफिज हमीदुल्लाह आदि मौजूद रहे।


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