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कांयछी मतदान केंद्र पर नहीं पड़ा कोई वोट
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चकरनगर। नेताओं के झूठे वादों से नाराज कांयछी गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। इससे भरथना विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 418 पर एक भी वोट नहीं पड़े। यहां कुल 365 मतदाता हैं। लोगों की नाराजगी गांव में सड़क न बनने की वजह से रही।
नौ फरवरी को गांव के बाहर चुनाव बहिष्कार का बोर्ड लगाकर ग्रामीणों ने प्रशासन को पहले ही आगाह कर दिया था। गांव में वोट मांगने के लिए कई दलों के प्रत्याशी पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी।
सुधीर भदौरिया, प्रबल प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, धनु सिंह, सुरेश सिंह यादव, अबरार खान, प्रबल, शिव करण सिंह, छोटे लल्ला, श्याम बाबू, महावीर सिंह आदि ने बताया कि आजादी के बाद से गांव में मुख्य सड़क की समस्या है। हल करने के लिए शासन, प्रशासन के सामने कई बार कहा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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इधर, चुनाव बहिष्कार की सूचना मिलते ही गांव में मुख्य विकास अधिकारी संतोष राय, एएसपी ग्रामीण ज्ञानेंद्र कुमार, उप जिला अधिकारी चकरनगर मलखान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ पहुंचे।
जिद पर अड़े ग्रामीणों ने अधिकारियों और पैरवी कर रहे नेताओं की बात को अनसुना कर दिया। उप जिलाधिकारी चकरनगर मलखान सिंह ने बताया कि शाम तक किसी भी मतदाता ने वोट नहीं डाला है।
पोस्टल बैलेट से पड़ा था एक वोट
चकरनगर। पोस्टल बैलेट से कांयछी गांव में एक वृद्धा को वोट पड़ चुका है। लेखपाल संजय सिंह ने बताया कि 95 वर्षीय महारानी ने पहले ही पोस्टल बैलेट से वोट डाल चुकी थीं। उस दौरान किसी भी ग्रामीण ने कोई चुनाव बहिष्कार का विरोध नहीं किया था।
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नौ फरवरी को गांव के बाहर चुनाव बहिष्कार का बोर्ड लगाकर ग्रामीणों ने प्रशासन को पहले ही आगाह कर दिया था। गांव में वोट मांगने के लिए कई दलों के प्रत्याशी पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी।
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सुधीर भदौरिया, प्रबल प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, धनु सिंह, सुरेश सिंह यादव, अबरार खान, प्रबल, शिव करण सिंह, छोटे लल्ला, श्याम बाबू, महावीर सिंह आदि ने बताया कि आजादी के बाद से गांव में मुख्य सड़क की समस्या है। हल करने के लिए शासन, प्रशासन के सामने कई बार कहा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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इधर, चुनाव बहिष्कार की सूचना मिलते ही गांव में मुख्य विकास अधिकारी संतोष राय, एएसपी ग्रामीण ज्ञानेंद्र कुमार, उप जिला अधिकारी चकरनगर मलखान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ पहुंचे।
जिद पर अड़े ग्रामीणों ने अधिकारियों और पैरवी कर रहे नेताओं की बात को अनसुना कर दिया। उप जिलाधिकारी चकरनगर मलखान सिंह ने बताया कि शाम तक किसी भी मतदाता ने वोट नहीं डाला है।
पोस्टल बैलेट से पड़ा था एक वोट
चकरनगर। पोस्टल बैलेट से कांयछी गांव में एक वृद्धा को वोट पड़ चुका है। लेखपाल संजय सिंह ने बताया कि 95 वर्षीय महारानी ने पहले ही पोस्टल बैलेट से वोट डाल चुकी थीं। उस दौरान किसी भी ग्रामीण ने कोई चुनाव बहिष्कार का विरोध नहीं किया था।