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इटावाः फौजी के घर लूट में एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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बकेवर। महेवा में फौजी के घर हुई लूटपाट की वारदात में लुटेरों द्वारा अपना कुछ सामान छोड़ने के बाद भी एक माह बाद पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस का घटना के बारे में संदेह किसी करीबी पर ही अधिक है।
गत 30 जुलाई की रात में बकेवर थाना के कस्बा महेवा में चौकी से मात्र कुछ दूरी पर स्थित एक फौजी के मकान में बंदूकधारी बदमाशों ने रात में छत के रास्ते घुसकर लूटपाट की थी। बदमाश फौजी के घर से कई लाख के जेवरात व 80 हजार रुपये लूट ले गए थे। पुलिस इस घटना को काफी हद तक अब संदिग्ध मान रही है और उसी आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस ने फौजी के परिवार के ही कुछ लोगों को थाना पर बुलाकर पूछताछ भी की। बदमाशों ने फौजी के घर के मात्र एक कमरे में ही वारदात को अंजाम दिया जिसमें उसकी 20 वर्षीय बेटी अंजलि लेटी थी। बदमाशों ने अंजलि को ही बंदूक लगाकर लूटपाट की बाकी कमरों में लेटे परिजनों में से किसी को नही छेड़ा।
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वारदात के बाद जाते समय बाकी सभी कमरों यहां तक कि ऊपरी मंजिल के कमरे के दरवाजे के कुंडों में कपड़ा बांधकर बाहर से बंद कर दिया था। हालांकि जिस कमरे में वारदात की थी, यानि फौजी की बेटी के कमरे, को खुला ही छोड़कर कर गए। बदमाशों ने फौजी की बेटी के साथ कोई मारपीट या किसी प्रकार की कोई अभद्रता भी नहीं की।
अपनी कुछ चीजें छोड़ गए थे चोर
लुटेरों में से कोई एक अपना लोअर भी छोड़ गया था। लुटेरे अपने साथ बादाम का एक डिब्बा भी लेकर आये थे जो फौजी के घर ही वारदात के बाद छोड़ गए थे। हालांकि लुटेरों ने डिब्बे में से काफी बादाम खाये भी थे फिर भी करीब आधा डिब्बा बादाम छोड़ भी गए थे।
घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस
पुलिस घटना को काफी संदिग्ध मन रही है। हालांकि खुलासे के प्रयास में भी जुटी है। इसके लिए पुलिस ने कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन नम्बरों की कॉल डिटेल भी निकलवाई थी जिसका अवलोकन करने के बाद पुलिस एक माह बाद भी अभी तक लूट की वारदात को लेकर किसी नतीजे पर नही पहुंची है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश सिंह ने बताया कि सारे पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की गयी है, घटना का बहुत जल्द सही खुलासा किया जाएगा।
20 की गड्डी नहीं ले गए चोर
बकेवर। लुटेरों के फौजी की 20 के नोटों की गड्डी नहीं ले जाना भी सवाल खड़ा कर रहा है। बदमाश जिस अटैची से 80 हजार रुपये नगद व कई लाख के जेवरात लूट ले गए उसी अटैची में 20 रुपये के नये नोटों की गड्डी भी पुलिस को जांच के दौरान पड़ी मिली। इससे भी घटना पर सवाल खड़ा होता है।
बेटी के जेवर नहीं लूटे बदमाशों ने
बकेवर। लूटपाट करने आये असलहाधारी बदमाशों न जहां फौजी के घर से उनकी बेटी को बंदूक की दम पर लेकर कई लाख के जेवरात व 80 हजार रुपये लूटे वहीं फौजी की बेटी के पहने हुए किसी जेवर को नहीं लूटा।
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गत 30 जुलाई की रात में बकेवर थाना के कस्बा महेवा में चौकी से मात्र कुछ दूरी पर स्थित एक फौजी के मकान में बंदूकधारी बदमाशों ने रात में छत के रास्ते घुसकर लूटपाट की थी। बदमाश फौजी के घर से कई लाख के जेवरात व 80 हजार रुपये लूट ले गए थे। पुलिस इस घटना को काफी हद तक अब संदिग्ध मान रही है और उसी आधार पर जांच कर रही है।
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पुलिस ने फौजी के परिवार के ही कुछ लोगों को थाना पर बुलाकर पूछताछ भी की। बदमाशों ने फौजी के घर के मात्र एक कमरे में ही वारदात को अंजाम दिया जिसमें उसकी 20 वर्षीय बेटी अंजलि लेटी थी। बदमाशों ने अंजलि को ही बंदूक लगाकर लूटपाट की बाकी कमरों में लेटे परिजनों में से किसी को नही छेड़ा।
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वारदात के बाद जाते समय बाकी सभी कमरों यहां तक कि ऊपरी मंजिल के कमरे के दरवाजे के कुंडों में कपड़ा बांधकर बाहर से बंद कर दिया था। हालांकि जिस कमरे में वारदात की थी, यानि फौजी की बेटी के कमरे, को खुला ही छोड़कर कर गए। बदमाशों ने फौजी की बेटी के साथ कोई मारपीट या किसी प्रकार की कोई अभद्रता भी नहीं की।
अपनी कुछ चीजें छोड़ गए थे चोर
लुटेरों में से कोई एक अपना लोअर भी छोड़ गया था। लुटेरे अपने साथ बादाम का एक डिब्बा भी लेकर आये थे जो फौजी के घर ही वारदात के बाद छोड़ गए थे। हालांकि लुटेरों ने डिब्बे में से काफी बादाम खाये भी थे फिर भी करीब आधा डिब्बा बादाम छोड़ भी गए थे।
घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस
पुलिस घटना को काफी संदिग्ध मन रही है। हालांकि खुलासे के प्रयास में भी जुटी है। इसके लिए पुलिस ने कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन नम्बरों की कॉल डिटेल भी निकलवाई थी जिसका अवलोकन करने के बाद पुलिस एक माह बाद भी अभी तक लूट की वारदात को लेकर किसी नतीजे पर नही पहुंची है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश सिंह ने बताया कि सारे पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की गयी है, घटना का बहुत जल्द सही खुलासा किया जाएगा।
20 की गड्डी नहीं ले गए चोर
बकेवर। लुटेरों के फौजी की 20 के नोटों की गड्डी नहीं ले जाना भी सवाल खड़ा कर रहा है। बदमाश जिस अटैची से 80 हजार रुपये नगद व कई लाख के जेवरात लूट ले गए उसी अटैची में 20 रुपये के नये नोटों की गड्डी भी पुलिस को जांच के दौरान पड़ी मिली। इससे भी घटना पर सवाल खड़ा होता है।
बेटी के जेवर नहीं लूटे बदमाशों ने
बकेवर। लूटपाट करने आये असलहाधारी बदमाशों न जहां फौजी के घर से उनकी बेटी को बंदूक की दम पर लेकर कई लाख के जेवरात व 80 हजार रुपये लूटे वहीं फौजी की बेटी के पहने हुए किसी जेवर को नहीं लूटा।