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जुएं और किलौरी से परेशान थी शेरनी तपस्या

Sun, 10 Jan 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 10 Jan 2016 11:41 PM IST
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lioness tapasya was bothered by Yoke and Kiluri

गुजरात से लाई गई शेरनी तपस्या की 12 दिन के अंदर ही मौत हो जाने से सफारी में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रमुख वन संरक्षक को हटाए जाने के बाद बैठी जांच से सफारी से जुडे़ अफसरों के हाथ-पांव फूले हैं। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मौत की नींद सो चुकी शेरनी तपस्या के मामले में एक और बात निकलकर सामने आई है कि गुजरात से आने के बाद तपस्या स्किन इंफेक्सन से पीड़ित थी। उसके शरीर पर जुए और किलौरी की भरमार हो गई थी।

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शेरनी तपस्या की मौत के बाद लायन सफारी प्रशासन किस कदर सदमे में है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोई भी अधिकारी या डाक्टर इस मुद्दे पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। सभी को बस एक ही डर सता रहा है कि वह मुख्यमंत्री के कोप का भाजन न बन जाएं।
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उधर सूत्र बताते हैं कि सफारी पहुंची शेरनी तपस्या स्किन इन्फेक्सन की चपेट में आ गई थी। उसके शरीर पर जुए और किलौरी की भरमार हो गई थी। उसका इलाज भी चल रहा था। इसी बीच उसकी हालत बिगड़ने लगी और हीमोग्लोबिन की कमी के साथ प्लेटलेट्स भी घटने लगे और एक समय यह आया कि प्लेटलेट्स घटकर सामान्य से 1/10 रह गए और ब्लीडिंग शुरू हो गई।
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विशेषज्ञ डा. मुकेश श्रीवास्तव व आरके पांडेय भी उसके इलाज में जुटे, लेकिन लगातार घटते प्लेटलेट्स से तपस्या की मौत हो गई।
 
पटौदी व जेसिका के लिए गए ब्लड सैंपल
सूत्रों के अनुसार सफारी में तपस्या की मौत के बाद उसके साथ सफारी पहुंचे शेर पटौदी व शेरनी जेसिका की देखरेख बढ़ा दी गई है। बरेली के डाक्टरों ने इन दोनों ही शेरों के खून के सैंपल लिए हैं और जांच के लिए आरवीआई बरेली भेजा गया है। खून की जांच की रिपोर्ट एक दो दिन के अंदर ही आ जाएगी।

इसके बाद अगर इन शेरों में भी कोई संक्रमण का खतरा पाया गया तो इनका इलाज शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही ब्रीडिंग सेंटर पर मौजूद अन्य शेरों की देखरेख भी बढ़ा दी गई है।  


ठीक नहीं हुए कुंआरी के जख्म
लायन सफारी में तपस्या की मौत का मामला ही सिर्फ सफारी प्रशासन के लिए चिंता का विषय नहीं बल्कि लंबे समय से बीमार शेरनी कुंआरी की सेहत में भी सुधार न होना बड़ी मुसीबत बना हुआ है। शेर मनन के गुस्से का शिकार हुई कुंआरी के जख्म अभी भी ठीक नहीं हुए हैं और उस पर भी डाक्टरों की नजर है।

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