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सपा के गढ़ पर चढ़ा केसरिया रंग
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:40 PM IST
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भाजपा जिला अध्यक्ष शिवमहेश दुबे अपने समर्थकों के साथ जीत की बधाई देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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सपा में सियासी उठापटक के बाद जिले में वोटिंग के समय एकजुटता दिखाने वाले मुलायम कुनबे को चुनाव परिणाम आने पर करारा झटका लगा। जिले की तीन विधानसभा सीटों में दो पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। सपा के खाते में सिर्फ जसवंतनगर सीट गई है। इटावा सदर से भाजपा की सरिता भदौरिया, भरथना सुरिक्षत सीट से भाजपा की सावित्री कठेरिया विजयी रहीं। वहीं जसवंतनगर से सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव लगातार पांचवी बार जीते हैं। सरिता और सावित्री पहली बार विधायक बनेंगी।
मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले इटावा जिले में भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले दो सीटें सपा से छीन लीं। दो सीटों पर भाजपा का परचम लहराना अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। इससे पूर्व 2014 के लोक सभा चुनाव में भी भाजपा ने सपा को करारा झटका दिया था। लोकसभा में भाजपा के अशोक दोहरे सांसद निर्वाचित हुए। विधानसभा चुनाव में तीनों ही सीटों पर सपा और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। बसपा तीसरे स्थान पर रही।
इटावा जिले की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली जसवंतनगर विधानसभा सीट पर सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रहे। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के मनीष यादव पतरे को 52616 मतों से पराजित किया। शिवपाल सिंह यादव को 126834, भाजपा के मनीष यादव पतरे को 74218, बसपा के दुर्वेश शाक्य को 24509 मत मिले। शिवपाल सिंह यादव का चुनाव इस बार काफी महत्वपूर्ण हो गया था। पिछली बार उन्होंने 82000 के अंतर से चुनाव जीता था। इस अंतर को वे बरकरार नहीं रख सके।
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वहीं इटावा सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के कुलदीप गुप्ता संटू को 17,342 मतों से पराजित किया। सरिता भदौरिया को 91234, सपा के कुलदीप गुप्ता संटू को 73892 और बसपा के नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी उर्फ बल्लू चौधरी को 43577 मत मिले। लोकदल के आशीष राजपूत जिन्हें मुलायम के लोग संगठन का समर्थन हासिल था, उन्हें सिर्फ 1203 मत मिले।
भरथना सुरक्षित सीट से भाजपा की सावित्री कठेरिया और सपा के कमलेश कठेरिया के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। कड़े मुकाबले में भाजपा की सावित्री कठेरिया ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के कमलेश कठेरिया को 1968 मतों से पराजित किया। सावित्री कठेरिया को 82005 और कमलेश कठेरिया को 80037 मत मिले। बसपा के राघवेंद्र कुमार गौतम को 61838 मत मिले।
विधानसभा 2012 के चुनाव में तीनों सीटों पर शानदार जीत दर्ज करके सपा ने अपना परचम फहराया था। लेकिन वर्तमान चुनाव में भाजपा ने दो सीटों पर परचम फहराकर शानदार वापसी की है।
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मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले इटावा जिले में भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले दो सीटें सपा से छीन लीं। दो सीटों पर भाजपा का परचम लहराना अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। इससे पूर्व 2014 के लोक सभा चुनाव में भी भाजपा ने सपा को करारा झटका दिया था। लोकसभा में भाजपा के अशोक दोहरे सांसद निर्वाचित हुए। विधानसभा चुनाव में तीनों ही सीटों पर सपा और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। बसपा तीसरे स्थान पर रही।
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इटावा जिले की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली जसवंतनगर विधानसभा सीट पर सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रहे। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के मनीष यादव पतरे को 52616 मतों से पराजित किया। शिवपाल सिंह यादव को 126834, भाजपा के मनीष यादव पतरे को 74218, बसपा के दुर्वेश शाक्य को 24509 मत मिले। शिवपाल सिंह यादव का चुनाव इस बार काफी महत्वपूर्ण हो गया था। पिछली बार उन्होंने 82000 के अंतर से चुनाव जीता था। इस अंतर को वे बरकरार नहीं रख सके।
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वहीं इटावा सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के कुलदीप गुप्ता संटू को 17,342 मतों से पराजित किया। सरिता भदौरिया को 91234, सपा के कुलदीप गुप्ता संटू को 73892 और बसपा के नरेंद्र नाथ चतुर्वेदी उर्फ बल्लू चौधरी को 43577 मत मिले। लोकदल के आशीष राजपूत जिन्हें मुलायम के लोग संगठन का समर्थन हासिल था, उन्हें सिर्फ 1203 मत मिले।
भरथना सुरक्षित सीट से भाजपा की सावित्री कठेरिया और सपा के कमलेश कठेरिया के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। कड़े मुकाबले में भाजपा की सावित्री कठेरिया ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के कमलेश कठेरिया को 1968 मतों से पराजित किया। सावित्री कठेरिया को 82005 और कमलेश कठेरिया को 80037 मत मिले। बसपा के राघवेंद्र कुमार गौतम को 61838 मत मिले।
विधानसभा 2012 के चुनाव में तीनों सीटों पर शानदार जीत दर्ज करके सपा ने अपना परचम फहराया था। लेकिन वर्तमान चुनाव में भाजपा ने दो सीटों पर परचम फहराकर शानदार वापसी की है।