{"_id":"61ba3ca94ce02b55c42c1bb7","slug":"kalabajari-etawah-news-knp6697597137","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरिया की कालाबाजारी का आरोप लगा किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूरिया की कालाबाजारी का आरोप लगा किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताखा। सहकारी संघ ताखा में यूरिया की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए किसानों ने बुधवार को हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए किसानों का आरोप लगाया है कि खुलेआम यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। सहकारी संघ के कर्मचारियों ने करीब 50 बोरी यूरिया अपने मिलने वाले को लदवाकर भेज दी। इसके बाद सचिव ने किसानों से कह दिया कि खाद खत्म हो गई है। किसानों का कहना है कि इस मामले की शिकायत एसडीएम से शिकायत करेंगे।
ताखा के तहसीलदार जगदीश सिंह ने किसानों के आरोपों की जांच कराए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि खाद वितरण में गड़बड़ी पाने जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हंगामा करने वालों में नगला ढकाऊ निवासी सुमित, भूरे, कुंतेस, नगला बले निवासी सिुमित, संजेस, नगला टांकन निवासी अनिल, नगरिया यादवान के शैलेंद्र कुमार, अमर सिंह तमाम किसान शामिल रहे।
इटावा। जिले में डीएपी व यूरिया खाद को लेकर किसान परेशान हैं। खाद व यूरिया पाने के लिए सुबह से सहकारी समितियों के खाद खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं। शाम तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसानों को खाद अथवा यूरिया नहीं मिल पा रही है। कई केंद्रों का तो बुधवार को ताला ही नहीं खुला था। अमर उजाला टीम ने सहकारी समितियों का जायजा लिया, तो यह नजारा सामने आया।
विज्ञापन
जसवंतनगर संवाद के अनुसार डीएपी व यूरिया खाद के लिए कोठी कैस्त स्थित कृभको सहकारी समिति पर किसानों की लाइन लगी रही। लाइन में लगे किसानों का कहना था कि वह कई दिनों से खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। कुछ किसान तो कई दिनों तक समिति के चक्कर लगाते रहे तब उन्हें खाद मिल सकी। बुधवार की दोपहर 1:30 बजे खाद के लिए लाइन में खड़े कैस्त गांव निवासी किसान रामरतन राठौर ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। खाना खाने के लिए जब घर गए तो उन्होंने अपना बच्चा लाइन में लगा दिया था। साढ़े चार घंटे में सिर्फ 14 फीट की दूरी तय कर पाए। चौगान गांव के किसान सत्यक्रम ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। नगला केशोंराय के एक किसान ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हैं। शाम तक उनका नंबर नहीं आ पाया है।
बलरई स्थित सहकारी विक्रय केंद्र पर खाद उपलब्ध नहीं है। धनुवां गांव के किसान रामनरेश ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पायी है। महलई गांव के किसान केशव ने बताया कि वह एक घंटे से लाइन में लगे हुए हैं। उन्हें खाद नहीं मिल पायी है। अब वह वापस घर जा रहे हैं। नगर के रामलीला रोड स्थित सहकारी क्रय विक्रय समिति पर दोपहर दो बजे ताला लगा देख खाद लेने पहुंचे किसान बैरंग लौट गए। इसी प्रकार 2:30 बजे सेंट्रल बैंक के पास हाईवे स्थित कृभको का कृषक भारती सेवा केंद्र भी बंद था। किसानों का कहना था कि इन दोनों केंद्रों पर सुबह से खाद का वितरण ही नहीं किया गया। नगर के पश्चिमी छोर स्थित धौलपुर खेड़ा गांव के नाम से संचालित किसान सेवा सहकारी समिति के खाद बिक्री केंद्र पर दोपहर 3 बजे ताला लगा हुआ था । वहां ऑफिस में मौजूद केंद्र प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि स्टॉक में तीन-तीन बोरी बची हैं। कुछ देर पहले ही विक्रय बंद किया गया है। स्टॉक आते ही विक्रय शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
ताखा के तहसीलदार जगदीश सिंह ने किसानों के आरोपों की जांच कराए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि खाद वितरण में गड़बड़ी पाने जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हंगामा करने वालों में नगला ढकाऊ निवासी सुमित, भूरे, कुंतेस, नगला बले निवासी सिुमित, संजेस, नगला टांकन निवासी अनिल, नगरिया यादवान के शैलेंद्र कुमार, अमर सिंह तमाम किसान शामिल रहे।
विज्ञापन
इटावा। जिले में डीएपी व यूरिया खाद को लेकर किसान परेशान हैं। खाद व यूरिया पाने के लिए सुबह से सहकारी समितियों के खाद खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं। शाम तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसानों को खाद अथवा यूरिया नहीं मिल पा रही है। कई केंद्रों का तो बुधवार को ताला ही नहीं खुला था। अमर उजाला टीम ने सहकारी समितियों का जायजा लिया, तो यह नजारा सामने आया।
विज्ञापन
जसवंतनगर संवाद के अनुसार डीएपी व यूरिया खाद के लिए कोठी कैस्त स्थित कृभको सहकारी समिति पर किसानों की लाइन लगी रही। लाइन में लगे किसानों का कहना था कि वह कई दिनों से खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। कुछ किसान तो कई दिनों तक समिति के चक्कर लगाते रहे तब उन्हें खाद मिल सकी। बुधवार की दोपहर 1:30 बजे खाद के लिए लाइन में खड़े कैस्त गांव निवासी किसान रामरतन राठौर ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। खाना खाने के लिए जब घर गए तो उन्होंने अपना बच्चा लाइन में लगा दिया था। साढ़े चार घंटे में सिर्फ 14 फीट की दूरी तय कर पाए। चौगान गांव के किसान सत्यक्रम ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। नगला केशोंराय के एक किसान ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हैं। शाम तक उनका नंबर नहीं आ पाया है।
बलरई स्थित सहकारी विक्रय केंद्र पर खाद उपलब्ध नहीं है। धनुवां गांव के किसान रामनरेश ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पायी है। महलई गांव के किसान केशव ने बताया कि वह एक घंटे से लाइन में लगे हुए हैं। उन्हें खाद नहीं मिल पायी है। अब वह वापस घर जा रहे हैं। नगर के रामलीला रोड स्थित सहकारी क्रय विक्रय समिति पर दोपहर दो बजे ताला लगा देख खाद लेने पहुंचे किसान बैरंग लौट गए। इसी प्रकार 2:30 बजे सेंट्रल बैंक के पास हाईवे स्थित कृभको का कृषक भारती सेवा केंद्र भी बंद था। किसानों का कहना था कि इन दोनों केंद्रों पर सुबह से खाद का वितरण ही नहीं किया गया। नगर के पश्चिमी छोर स्थित धौलपुर खेड़ा गांव के नाम से संचालित किसान सेवा सहकारी समिति के खाद बिक्री केंद्र पर दोपहर 3 बजे ताला लगा हुआ था । वहां ऑफिस में मौजूद केंद्र प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि स्टॉक में तीन-तीन बोरी बची हैं। कुछ देर पहले ही विक्रय बंद किया गया है। स्टॉक आते ही विक्रय शुरू किया जाएगा।