{"_id":"5898bbda4f1c1b224a37853d","slug":"jhulsa-rog-in-potato","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू पर झुलसा रोग का ग्रहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू पर झुलसा रोग का ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
झुलसा रोग से प्रभावित हो रही आलू की फसल
- फोटो : अमर उजाला
बकेवर क्षेत्र में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने से किसान परेशान हैं। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के बाद निकल रही तेज धूप ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उनकी फसल काली पड़ने लगी है।
विज्ञापन
इस बार किसानों को आलू की फसल काफी अच्छी होने की उम्मीद थी। समूचे बकेवर क्षेत्र में आलू की बंपर पैदावार होने की संभावना भीकृषि वैज्ञानिकों ने जताई। मौसम भी आलू की फसल के मुफीद रहा। तापमान में काफी दिनों तक नमी रही, जिससे आलू की फसल को काफी लाभ हुआ। पौधे को पर्याप्त भोजन मिला। जनवरी के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश होने से भी फसल को फायदा हुआ। इससे किसान खुश थे। लेकिन पानी बरसने के बाद निकली तेज धूप से आलू में झुलसा रोग लग गया। इसमें बेल झुलसना शुरू हो जाती है और छह दिन के अंदर ही पूरा खेत काला पड़ जाता है। ऐसे में अब किसानाें की मेहनत बर्बाद होती नजर आ रही है। पैदावार कम होने की आशंका से उनकी धड़कनें बढ़ गईं हैं।
विज्ञापन
एम 45 के छिड़काव से बचाव
जनता कालेज बकेवर के उद्यान विभाग के अध्यक्ष डा. एके पांडेय ने बताया कि झुलसा रोग लगने के बाद कोई दवा काम नहीं करती है। रोग लगने के पहले एम 45 का छिड़काव करने से बचाव ही सकता है।
विज्ञापन