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नारद की तपस्या से घबराए इंद्र
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:47 PM IST
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नई मंडी रामलीला में मंगलवार रात को नारद मोह लीला का मंचन किया गया।
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कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को बांधे रखा। लीला में जब नारद की
तपस्या को देखकर इंद्र घबरा गए तो उन्होंने अप्सराओं का सहारा लिया।
वह कामदेव ने हिमालय की तलहटी में जाकर बसंत ऋतु का निर्माण किया। रंभा, उर्वसी, मेनका ने नृत्य करके नारद जी की तपस्या भंग करने का प्रयत्न किया। लेकिन नारद का ध्यान भंग न हो सका। इससे कामदेव का हार माननी पड़ी।
कामदेव के हारने पर नारद जी को अभियान हो गया। वह अपनी इस जीत का गुणगान करने लगे। शिवजी, ब्रह्मा जी को बताया तो उन्होंने भगवान विष्णु के पास जाकर बताने से मना किया। लेकिन नारद जी नहीं माने और विष्णु भगवान को भी जाकर कामदेव को हराने की बात कही। इस पर विष्णु भगवान ने माया को आदेश दिया।
वह कामदेव ने हिमालय की तलहटी में जाकर बसंत ऋतु का निर्माण किया। रंभा, उर्वसी, मेनका ने नृत्य करके नारद जी की तपस्या भंग करने का प्रयत्न किया। लेकिन नारद का ध्यान भंग न हो सका। इससे कामदेव का हार माननी पड़ी।
कामदेव के हारने पर नारद जी को अभियान हो गया। वह अपनी इस जीत का गुणगान करने लगे। शिवजी, ब्रह्मा जी को बताया तो उन्होंने भगवान विष्णु के पास जाकर बताने से मना किया। लेकिन नारद जी नहीं माने और विष्णु भगवान को भी जाकर कामदेव को हराने की बात कही। इस पर विष्णु भगवान ने माया को आदेश दिया।