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बेटियां आगे आईं तब हुआ प्रवासी का अंतिम संस्कार

Tue, 02 Jun 2020 09:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2020 09:24 PM IST
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get furnel after daughter cAme
फोटो संख्या 09 बकेवर गुरुग्राम से आये व्यक्ती सड़क के किनारे एक दुकान के बाहर बैठ लोग - फोटो : ETAWHA
हरियाणा के गुरुग्राम से लौटते समय अधेड़ की गांव से पहले बिजौली में मौत हो गई। मामा और भाई मौके पर तो पहुंचे लेकिन कोरोना की आशंका से शव लेने से मना कर दिया।
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पुलिस ने लावारिश में पंचनामा भरा, तभी विवाहित बेटियां पहुंच गईं। बेटियों के शव का वारिस बनने के बाद छोटा भाई भी आगे आया और पोस्टमार्टम के बाद उसने शव को मुखाग्नि दी।
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बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम पुठिया निवासी अखिलेश (40) हरियाणा के गुरुग्राम में टेंट हाउस में वाहन चलाता था। बेटी राधा ने बताया पिता बीमार हो गए थे। टेंट हाउस के मालिक संजीव ने फोन पर इसकी जानकारी देकर उन्हें घर भेजने के लिए ट्रक पर बैठा दिया है।
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जसवंतनगर नगर ट्रक वाले ने उतार दिया। राधा के अनुसार पिता ने ट्रक से उतरने के बाद फोन पर बताया कि वह आटो से आ रहे हैं। दोपहर करीब एक बजे वह बिजौली में आटो से उतरकर एक दुकान के बाहर बैठकर गए और पानी पीया।
इसके बाद बिजौली स्थिति मामा लाखन सिंह के घर जाने लगे, लेकिन कुछ कदम चलकर ही गिर गए। एक दुुकान पर बैठे सपा नेता डॉ. जयसिंह चौहान ने पीएचसी पर जाकर डॉक्टर को सूचना दी।
पीएचसी प्रभारी डॉ. राजकिशोर तिवारी मौके पर पहुंचे और अखिलेश की थर्मल स्क्रीनिंग कर सीएचसी महेवा पर सूचना दी। एंबुलेंस पहुंचने से पहले अखिलेश की मौत हो गई। बिजौली चौकी से दरोगा कुंअर पाल सिंह मौके पर पहुंचे।
मामा लखन सिंह भी पहुंचे उन्होंने अखिलेश के भाई संतोष, मनोज ओर अनूप को सूचना दी। कुछ देर में भाई भी पहुंच गए, लेकिन कोरोना की आशंका में मामा और भाइयों ने शव लेने से मना कर दिया।
चौकी पुलिस लावारिस में पंचनामा भर दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए जा रहा था इसी बीच नागर औरैया के बाबरपुर से बेटी राधा और कन्नौज के छिबरामऊ से बेटी नीतू पहुंच गईं और शव की वारिस बनीं।

बेटियों को देखकर छोटा भाई अनूप भी आगे आ गया। वह बेटियों के साथ पोस्टमार्टम हाउस गया और वहां से शव गांव लाया। बेटियों की प्रेरणा से अनूप ने ही बड़े भाई अखिलेश की चिता को मुखाग्नि दी।
पीएचसी बिजौली प्रभारी डॉ. राजकिशोर तिवारी से बताया कि जब अखिलेश की थर्मल स्क्रीनिंग की गई तब वह जीवित था, उसका तापमान 95 डिग्री था।
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