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Etawah News: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों की ठगी, चार गिरफ्तार
Thu, 15 Oct 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:12 AM IST
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फोटो 28: पुलिस की गिरफ्त में ऑनलाइन गेमिंग से ठगी करने के आरोपी। स्रोत विभाग
इटावा। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का इटावा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 16 मोबाइल, 42 एटीएम व डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई थार रॉक्स और स्कॉर्पियो एन गाड़ी भी बरामद की हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े करीब छह अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। पकड़े गए आरोपी इटावा समेत मैनपुरी व औरैया के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीमें संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिये लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य अंबेडकर चौराहा ओवरब्रिज के नीचे गाड़ियों में बैठे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से लोगों को गेम खिलाने और हार-जीत पर दांव लगवाने के नाम पर रकम लेते थे।
गिरोह के सदस्य कमीशन का लालच देकर लोगों से फोटो, आधार और पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल करते थे। इनके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और सिम कार्ड भी हासिल कर लिए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
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इसके बाद रकम को खातों से निकालकर या दूसरे खातों में स्थानांतरित कर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इसी रकम से वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदी जाती थीं। कार्रवाई करने वाली एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कम समय में रकम कई गुना करने का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की अपील की है। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
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अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अंशुल तिवारी गिरोह के स्थानीय संपर्कों और वाहनों की व्यवस्था देखता था। रॉकी राणावत फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों से संबंधित अभिलेखों का प्रबंधन करता था। वहीं, अंकित मिश्रा और मोहित यादव फर्जी खाताधारकों की व्यवस्था करने और पहचान संबंधी दस्तावेज के इस्तेमाल में सहयोग करते थे।
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इटावा, मैनपुरी और औरैया के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशुल उर्फ अंशू तिवारी निवासी लवेदी, इटावा, रॉकी राणावत निवासी बसरेहर, इटावा, अंकित मिश्रा उर्फ राहुल निवासी इकदिल, इटावा (मूल निवासी मैनपुरी) और मोहित उर्फ रोहित यादव निवासी औरैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, रॉकी, अंकित और मोहित के खिलाफ पहले भी विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। मामले में सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जुआ और आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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डेढ़ साल से काम कर रहा था गिरोह
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि यह लोग डेढ़ साल से ठगी का गिरोह चला रहे थे। आरोपियों ने अब तक करीब पांच सौ से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। वहीं पकड़े गए आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों और रजिस्टर में जो लिखा पढ़ी मिली है उसके आधार पर करीब तीन करोड़ तक का हिसाब जुटा पाएं हैं। अभी अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। इनके गिरोह में अभी पांच-छह अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी हुई है। उनकी तलाश जारी है। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार, बुधवार को एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीमें संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिये लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य अंबेडकर चौराहा ओवरब्रिज के नीचे गाड़ियों में बैठे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से लोगों को गेम खिलाने और हार-जीत पर दांव लगवाने के नाम पर रकम लेते थे।
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गिरोह के सदस्य कमीशन का लालच देकर लोगों से फोटो, आधार और पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल करते थे। इनके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और सिम कार्ड भी हासिल कर लिए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
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इसके बाद रकम को खातों से निकालकर या दूसरे खातों में स्थानांतरित कर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इसी रकम से वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदी जाती थीं। कार्रवाई करने वाली एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कम समय में रकम कई गुना करने का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की अपील की है। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अंशुल तिवारी गिरोह के स्थानीय संपर्कों और वाहनों की व्यवस्था देखता था। रॉकी राणावत फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों से संबंधित अभिलेखों का प्रबंधन करता था। वहीं, अंकित मिश्रा और मोहित यादव फर्जी खाताधारकों की व्यवस्था करने और पहचान संबंधी दस्तावेज के इस्तेमाल में सहयोग करते थे।
इटावा, मैनपुरी और औरैया के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशुल उर्फ अंशू तिवारी निवासी लवेदी, इटावा, रॉकी राणावत निवासी बसरेहर, इटावा, अंकित मिश्रा उर्फ राहुल निवासी इकदिल, इटावा (मूल निवासी मैनपुरी) और मोहित उर्फ रोहित यादव निवासी औरैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, रॉकी, अंकित और मोहित के खिलाफ पहले भी विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। मामले में सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जुआ और आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
डेढ़ साल से काम कर रहा था गिरोह
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि यह लोग डेढ़ साल से ठगी का गिरोह चला रहे थे। आरोपियों ने अब तक करीब पांच सौ से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। वहीं पकड़े गए आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों और रजिस्टर में जो लिखा पढ़ी मिली है उसके आधार पर करीब तीन करोड़ तक का हिसाब जुटा पाएं हैं। अभी अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। इनके गिरोह में अभी पांच-छह अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी हुई है। उनकी तलाश जारी है। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

फोटो 28: पुलिस की गिरफ्त में ऑनलाइन गेमिंग से ठगी करने के आरोपी। स्रोत विभाग