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सबको भाया विदेशी कलाकारों का रिंग डांस
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 28 Dec 2015 11:53 PM IST
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रणवीर सिंह यादव स्मृति सैफई महोत्सव में सोमवार की रात को देशी विदेशी
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कलाकारों ने धमाल मचाया। जहां श्रीराम के जन्म से लेकर विवाह तक के अवसर पर
गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों को सुनाकर वंदना मिश्रा ने भक्तिरस की गंगा
बहाई। वहीं नीदरलैंड की कलाकार ने रिंग डांस प्रस्तुत कर दर्शकों का भरपूर
मनोरंजन किया।
बूगी-बूगी कलाकारों ने अपने लटके झटकों से युवा दर्शकों में खूब जोश भरा। कार्यक्रम की शुरूआत बनारस के मशहूर वायलिन वादक सोमनाथ के शिष्य सुखदेव मिश्र के वायलिन वादन से हुआ। बांसुरी अतुल शंकर ने साथ दिया। इसके उपरांत नीदरलैंड की कलाकार ने फिल्म एबीसीडी में किए गए रिंग डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी।
इस ग्रुप डांस को हुला हुप डांस के नाम से जाना जाता है। विभिन्न मुद्राओं में कमर से रिंग को घुमाकर कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद रघुवीरा पारंपरिक लोक गायन की प्रस्तुति फैजाबाद से आई वंदना मिश्रा ने दी। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म से लेकर उनके विवाह तक के अवसर पर गाए जाने वाले विभिन्न पारंपरिक गीतों को प्रस्तुत किया।
जिसमें सोहर, बधावा, हल्दी, बन्ना, जयमाल, विवाह तथा विदाई के पारंपरिक अवधी लोकगीत शामिल रहे। जन्मे अवध रघुरइया हो रामा अवध पुरी में मात कौशल्या ने गोद खिलायो हो रामा की शानदार प्रस्तुति देकर भक्ति रस की गंगा बहाई। इसके बाद मंच पर आए मुंबई के लाफ्टर शो के कलाकार रहमान ने अपने अनोखे अंदाज से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
उन्होंने मुंबई के भाई लोगों की शायरी एवं महिलाओं के मेकअप पर व्यंग्य प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी। इसके अलावा एबीसीडी का मतलब मुंबई के भाइयों के अंदाज में समझाकर तथा शोले में गब्बर सिंह के डायलाग पर कव्वाली प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। इंडिया गॉट टेलेंट डांस इंडिया डांस बूगी-बूगी में जलवा बिखरने वाली टीम ने अपनी प्रस्तुतियां दी।
बूगी-बूगी कलाकारों ने अपने लटके झटकों से युवा दर्शकों में खूब जोश भरा। कार्यक्रम की शुरूआत बनारस के मशहूर वायलिन वादक सोमनाथ के शिष्य सुखदेव मिश्र के वायलिन वादन से हुआ। बांसुरी अतुल शंकर ने साथ दिया। इसके उपरांत नीदरलैंड की कलाकार ने फिल्म एबीसीडी में किए गए रिंग डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी।
इस ग्रुप डांस को हुला हुप डांस के नाम से जाना जाता है। विभिन्न मुद्राओं में कमर से रिंग को घुमाकर कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद रघुवीरा पारंपरिक लोक गायन की प्रस्तुति फैजाबाद से आई वंदना मिश्रा ने दी। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म से लेकर उनके विवाह तक के अवसर पर गाए जाने वाले विभिन्न पारंपरिक गीतों को प्रस्तुत किया।
जिसमें सोहर, बधावा, हल्दी, बन्ना, जयमाल, विवाह तथा विदाई के पारंपरिक अवधी लोकगीत शामिल रहे। जन्मे अवध रघुरइया हो रामा अवध पुरी में मात कौशल्या ने गोद खिलायो हो रामा की शानदार प्रस्तुति देकर भक्ति रस की गंगा बहाई। इसके बाद मंच पर आए मुंबई के लाफ्टर शो के कलाकार रहमान ने अपने अनोखे अंदाज से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
उन्होंने मुंबई के भाई लोगों की शायरी एवं महिलाओं के मेकअप पर व्यंग्य प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरी। इसके अलावा एबीसीडी का मतलब मुंबई के भाइयों के अंदाज में समझाकर तथा शोले में गब्बर सिंह के डायलाग पर कव्वाली प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। इंडिया गॉट टेलेंट डांस इंडिया डांस बूगी-बूगी में जलवा बिखरने वाली टीम ने अपनी प्रस्तुतियां दी।