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Etawah News: रोक के बाद भी यमुना में हो रहा मछलियों का शिकार
Thu, 06 Jul 2023 12:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 06 Jul 2023 12:44 AM IST
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मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक बोलीं शिकारियों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। प्रतिबंध के बावजूद भी यमुना नदी में अवैध रूप से मछलियों के शिकार किया जा रहा है। लवेदी क्षेत्र में डिभोली यमुना पुल से आगे कई जगह ठेकेदार मछली का शिकार करा रहे हैं। एक जुलाई से दो माह तक ठेकेदारों पर भी मछली के शिकार पर प्रतिबंध रहता है। क्योंकि, इन दिनों में मछलियों का प्रजनन का समय रहता है।
मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक ने मामला संज्ञान में लेते हुए शिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। मछलियों के प्रजनन समय के बावजूद लवेदी क्षेत्र के टकरुपुरा व बकेवर के अंदावा की मडै़या, दिलीपनगर की मड़ैया, इकनौर, पुरावली के आसपास यमुना नदी में नौकाओं से शिकार किया जा रहा है।
ठेकेदार अवैध रूप से तय सीमा से अधिक क्षेत्र में धड़ल्ले से लाखोँ रुपये की कीमत की मछलियों का शिकार करा रहे हैं। मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडे ने मामला संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी कई बार आ चुकी हैं।
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इसमें बहुत जल्द समिति गठित कर अवैध रूप से प्रतिबंधित समय में मछली के शिकार करने वालों पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसानहोता है और मछलियों की जनसंख्या बढ़ाने के लिए विभाग समय-समय पर नदियों और तालाबों में लार्वा छोड़ते हैं। प्रतिबंधित समय में मछली का शिकार करना कानूनन अपराध है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। प्रतिबंध के बावजूद भी यमुना नदी में अवैध रूप से मछलियों के शिकार किया जा रहा है। लवेदी क्षेत्र में डिभोली यमुना पुल से आगे कई जगह ठेकेदार मछली का शिकार करा रहे हैं। एक जुलाई से दो माह तक ठेकेदारों पर भी मछली के शिकार पर प्रतिबंध रहता है। क्योंकि, इन दिनों में मछलियों का प्रजनन का समय रहता है।
मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक ने मामला संज्ञान में लेते हुए शिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। मछलियों के प्रजनन समय के बावजूद लवेदी क्षेत्र के टकरुपुरा व बकेवर के अंदावा की मडै़या, दिलीपनगर की मड़ैया, इकनौर, पुरावली के आसपास यमुना नदी में नौकाओं से शिकार किया जा रहा है।
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ठेकेदार अवैध रूप से तय सीमा से अधिक क्षेत्र में धड़ल्ले से लाखोँ रुपये की कीमत की मछलियों का शिकार करा रहे हैं। मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडे ने मामला संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी कई बार आ चुकी हैं।
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इसमें बहुत जल्द समिति गठित कर अवैध रूप से प्रतिबंधित समय में मछली के शिकार करने वालों पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसानहोता है और मछलियों की जनसंख्या बढ़ाने के लिए विभाग समय-समय पर नदियों और तालाबों में लार्वा छोड़ते हैं। प्रतिबंधित समय में मछली का शिकार करना कानूनन अपराध है।