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Etawah News: फसल की खातिर रतजगा करने पर मजबूर हैं अन्नदाता
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चकरनगर। छुट्टा गोवंशों से किसान परेशान हैं। कड़ाके की ठंड में पशुओं से फसल बचाने के लिए उन्हें खेतों में रातें गुजारनी पड़ रही हैं।
किसानों का कहना है कि कोहरा हो या बर्फीली हवाएं, उन्हें खेतों पर ही रात काटनी पड़ रही है। सर्दी से बचाव के लिए उन्हें प्रशासन ने कंबल तक नहीं दिए।
जंगली सुअर और नीलगायों से लेकर छुट्टा गोवंश उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान शहजाद अली ने बताया कि मजबूरी जो कराए, कम है। सज्जाद अली, अर्जुन कुशवाहा, उम्मीद अली, गुलाब कुशवाहा, भीकम पांडे, नरेंद्र कुमार, दरोगा सिंह राजेंद्र कुमार आदि ने कहा कि समस्या से निजात जरूरी है।
जरा सी ढिलाई में खेत हो जाते साफ
जसवंतनगर। जरा सी ढिलाई किसानों पर भारी पड़ रही है। छुट्टा पशु मौका मिलते ही फसल चट कर रहे हैं। भीखनपुर गांव के आसपास छुट्टा गोवंश खेत उजाड़ देते हैं। किसान सुरेश कुमार, महेश, रोशन सिंह, राजकिशोर, मुकेश, राजेश, श्याम सिंह, सोने लाल, हिरदेश, पातीराम, किशन लाल आदि ने कहा कि सिर्फ गोशालाएं खोल देना ही समस्या का हल नहीं है। गोवंशों को उनमें ले जाना होगा। खंड विकास अधिकारी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि 31 मार्च तक पशुओं को गोशालाओं में भेज दिया जाएगा। उन्हें पकड़ा जा रहा है। (संवाद)
किसानों ने उठाया व्यवस्था पर सवाल
इकदिल। किसानों का कहना है कि काफी कोशिशों के बाद भी छुट्टा गोवंश फसल बर्बाद कर रहे हैं। कांकरपुर, बीलमपुर और खादर गांवों के किसान ज्यादा परेशान हैं। किसान सुशील तिवारी, टीटू दिवाकर और लज्जाराम दिवाकर ने कहा कि गोशालाएं खोले जाने का किसानों को क्या फायदा हुआ। उनको तो भीषण सर्दी में खेतों पर जाना पड़ रहा है। हर समय फसल की सुरक्षा की चिंता लगी रहती है। (संवाद)
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किसानों का कहना है कि कोहरा हो या बर्फीली हवाएं, उन्हें खेतों पर ही रात काटनी पड़ रही है। सर्दी से बचाव के लिए उन्हें प्रशासन ने कंबल तक नहीं दिए।
जंगली सुअर और नीलगायों से लेकर छुट्टा गोवंश उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान शहजाद अली ने बताया कि मजबूरी जो कराए, कम है। सज्जाद अली, अर्जुन कुशवाहा, उम्मीद अली, गुलाब कुशवाहा, भीकम पांडे, नरेंद्र कुमार, दरोगा सिंह राजेंद्र कुमार आदि ने कहा कि समस्या से निजात जरूरी है।
जरा सी ढिलाई में खेत हो जाते साफ
जसवंतनगर। जरा सी ढिलाई किसानों पर भारी पड़ रही है। छुट्टा पशु मौका मिलते ही फसल चट कर रहे हैं। भीखनपुर गांव के आसपास छुट्टा गोवंश खेत उजाड़ देते हैं। किसान सुरेश कुमार, महेश, रोशन सिंह, राजकिशोर, मुकेश, राजेश, श्याम सिंह, सोने लाल, हिरदेश, पातीराम, किशन लाल आदि ने कहा कि सिर्फ गोशालाएं खोल देना ही समस्या का हल नहीं है। गोवंशों को उनमें ले जाना होगा। खंड विकास अधिकारी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि 31 मार्च तक पशुओं को गोशालाओं में भेज दिया जाएगा। उन्हें पकड़ा जा रहा है। (संवाद)
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किसानों ने उठाया व्यवस्था पर सवाल
इकदिल। किसानों का कहना है कि काफी कोशिशों के बाद भी छुट्टा गोवंश फसल बर्बाद कर रहे हैं। कांकरपुर, बीलमपुर और खादर गांवों के किसान ज्यादा परेशान हैं। किसान सुशील तिवारी, टीटू दिवाकर और लज्जाराम दिवाकर ने कहा कि गोशालाएं खोले जाने का किसानों को क्या फायदा हुआ। उनको तो भीषण सर्दी में खेतों पर जाना पड़ रहा है। हर समय फसल की सुरक्षा की चिंता लगी रहती है। (संवाद)
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