{"_id":"63a88d8ab9414a55983d0a0f","slug":"farmality-in-shushasan-week-etawah-news-knp735419134","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: आंकड़ेबाजी में निपटा सुशासन सप्ताह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: आंकड़ेबाजी में निपटा सुशासन सप्ताह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। गांव के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मनाए गए सुशासन सप्ताह में भी आंकड़ों की बाजीगरी शुरू हो गई। कहीं आंकड़े पूरे करने के लिए फर्जी फरियादियों के नाम चढ़ा दिए गए तो कहीं एक दो दिन छोड़कर सुनवाई करने वाले जिम्मेदार समय पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों के हाथ निराशा ही लगी है। अब जिम्मेदार जांच की बात कह रहे हैं।
सरकार देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रही है। इसी के तहत गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 19 दिसंबर से सुशासन सप्ताह की शुरुआत की गई थी। इसके तहत पूरे सप्ताह जिले की 471 ग्राम पंचायतों में अलग-अलग दिन समस्याएं सुनी गईं।
निगरानी के लिए राजपत्रित अधिकारियों को नोडल बनाया गया। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की टाल मटोली में ही सप्ताह बीत गया। सचिव, प्रधान और लेखपालों की मनमानी जारी रही। बसरेहर में ऐसे दो मामले सामने आए जिनमें जिन फरियादियों के नाम रजिस्टर में दर्ज दिखाए गए, उन्होंने कोई शिकायत ही नहीं की थी। ये एक बानगी भर है।
विज्ञापन
ये रही हकीकत
बसरेहर की ग्राम पंचायत अभियनपुर पाठकपुर में 23 दिसंबर को लगी चौपाल में कुल 10 फरियादी रजिस्टर में दर्शाए गए हैं। इनमें से ग्राम पंचायत उदयपुरा निवासी सुनीता की राशन आपूर्ति के संदर्भ में शिकायत दर्ज है। सुनीता ने बताया कि उन्होंने कोई शिकायत की ही नहीं थी।
इसी ग्राम पंचायत की सोनम की शिकायत भी दर्ज है। सोनम ने बताया कि उन्होंने राशन संबंधित कोई शिकायत नहीं की है। रजिस्टर में नाम कहां से आया, ये बड़ा सवाल है। (संवाद)
मुख्यालय तक लगाओ दौड़
ताखा। शासन ने भले ही गांव में ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान का प्रयास किया हो लेकिन अधिकारी उन्हें मुख्यालय तक दौड़ लगाने की नसीहत दे रहे हैं। दो दिन पहले गांव बसरोई में लगी चौपाल में आए मेघ सिंह ने किसान सम्मान निधि की किस्त दूसरे के खाते में जाने की शिकायत की तो अधिकारियों ने उसे मुख्यालय पर बने कृषि विज्ञान केंद्र में शिकायत करने की नसीहत दी। किसान ने बताया वह कई बार वहां शिकायत कर चुका है तो अधिकारियों ने उसे एक बार और जाने के लिए कहा। दींग पंचायत में मसूद गांव निवासी वीरेंद्र कुमार ने 2020 में बारिश के दौरान मकान गिरने से मां की मौत होने पर कोई भी मुुआवजा न मिलने और मकान न मिलने की शिकायत की थी। इस पर सचिव ने सत्यापन कर उसे अपात्र घोषित कर दिया। (संवाद)
समय से पूर्व सुनवाई पर लगा ताला
भरथना। सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन भरथना देहात के मिनी सचिवालय पर भी समस्याओं की सुनवाई होनी थी लेकिन रविवार होने की वजह से अधिकारी समय से पूर्व ही ताले डालकर चले गए। अधिकांश जगहों पर समस्याएं सुनने की जगह खानापूरी की गई। प्रधान डॉ. हरी सिंह ने बताया कि सुबह तो समस्याएं सुनी गईं। वह निजी काम की वजह से दोपहर में चले गए थे। किस समय अधिकारी चले गए, इस संबंध में जानकारी नहीं है। (संवाद)
वर्जन
डीडीओ दीनदयाल ने बताया कि यदि ऐसी कोई लापरवाही है तो जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सरकार देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रही है। इसी के तहत गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 19 दिसंबर से सुशासन सप्ताह की शुरुआत की गई थी। इसके तहत पूरे सप्ताह जिले की 471 ग्राम पंचायतों में अलग-अलग दिन समस्याएं सुनी गईं।
विज्ञापन
निगरानी के लिए राजपत्रित अधिकारियों को नोडल बनाया गया। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की टाल मटोली में ही सप्ताह बीत गया। सचिव, प्रधान और लेखपालों की मनमानी जारी रही। बसरेहर में ऐसे दो मामले सामने आए जिनमें जिन फरियादियों के नाम रजिस्टर में दर्ज दिखाए गए, उन्होंने कोई शिकायत ही नहीं की थी। ये एक बानगी भर है।
विज्ञापन
ये रही हकीकत
बसरेहर की ग्राम पंचायत अभियनपुर पाठकपुर में 23 दिसंबर को लगी चौपाल में कुल 10 फरियादी रजिस्टर में दर्शाए गए हैं। इनमें से ग्राम पंचायत उदयपुरा निवासी सुनीता की राशन आपूर्ति के संदर्भ में शिकायत दर्ज है। सुनीता ने बताया कि उन्होंने कोई शिकायत की ही नहीं थी।
इसी ग्राम पंचायत की सोनम की शिकायत भी दर्ज है। सोनम ने बताया कि उन्होंने राशन संबंधित कोई शिकायत नहीं की है। रजिस्टर में नाम कहां से आया, ये बड़ा सवाल है। (संवाद)
मुख्यालय तक लगाओ दौड़
ताखा। शासन ने भले ही गांव में ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान का प्रयास किया हो लेकिन अधिकारी उन्हें मुख्यालय तक दौड़ लगाने की नसीहत दे रहे हैं। दो दिन पहले गांव बसरोई में लगी चौपाल में आए मेघ सिंह ने किसान सम्मान निधि की किस्त दूसरे के खाते में जाने की शिकायत की तो अधिकारियों ने उसे मुख्यालय पर बने कृषि विज्ञान केंद्र में शिकायत करने की नसीहत दी। किसान ने बताया वह कई बार वहां शिकायत कर चुका है तो अधिकारियों ने उसे एक बार और जाने के लिए कहा। दींग पंचायत में मसूद गांव निवासी वीरेंद्र कुमार ने 2020 में बारिश के दौरान मकान गिरने से मां की मौत होने पर कोई भी मुुआवजा न मिलने और मकान न मिलने की शिकायत की थी। इस पर सचिव ने सत्यापन कर उसे अपात्र घोषित कर दिया। (संवाद)
समय से पूर्व सुनवाई पर लगा ताला
भरथना। सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन भरथना देहात के मिनी सचिवालय पर भी समस्याओं की सुनवाई होनी थी लेकिन रविवार होने की वजह से अधिकारी समय से पूर्व ही ताले डालकर चले गए। अधिकांश जगहों पर समस्याएं सुनने की जगह खानापूरी की गई। प्रधान डॉ. हरी सिंह ने बताया कि सुबह तो समस्याएं सुनी गईं। वह निजी काम की वजह से दोपहर में चले गए थे। किस समय अधिकारी चले गए, इस संबंध में जानकारी नहीं है। (संवाद)
वर्जन
डीडीओ दीनदयाल ने बताया कि यदि ऐसी कोई लापरवाही है तो जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।